छेंड़

छेंड़ कर | Kavita Chhed Kar

छेंड़ कर

( Chhed Kar )

छेंड़ कर इस तरह न सताया करो,
रूठ जाऊॅ अगर तो मनाया करो,
दिल मेरा तेरी यादों की है इक गली,
याद बनकर कभी इनमे आया करो।

गीत कारों ने नज्में लिखे हैं बहुत,
गीत मेरे लिए भी कोई गाया करो,
इस तरह से मेरी कट पाएगी नहीं,
दर्दे दिल की दवा भी संग लाया करो,

माना करते हो तुम प्यार मुझसे बहुत,
मेरी उल्फत न यूं आजमाया करो,
कर के वादा कभी जो निभा न सकूं,
बेवफा हूं न तुम मान जाया करो।

गीत कारों ने नज्में लिखे हैं बहुत,
गीत मेरे लिए भी कोई गाया करो,
इस तरह से मेरी कट पाएगी नहीं,
दर्दे दिल की दवा भी संग लाया करो।

Abha Gupta

आभा गुप्ता
इंदौर (म. प्र.)

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