Matdan ka Mahakaj

चुनाव परीक्षा पर्व | Kavita Chunav Pariksha Parv

चुनाव परीक्षा पर्व 

( Chunav Pariksha Parv )

 

कल चुनाव परीक्षा पर्व है
हमारा आप पर गर्व है

तैयारी करो तन मन से
उत्तीर्ण होना परीक्षा पर्व है

मानस बना दो चित्त से
अंक अनंत परीक्षा पर्व है

हर बूथ परीक्षा क़ेंद्र मज़बूत
करना मतदान परीक्षा पर्व है

तरक़्क़ी वास्ते परीक्षा पास ज़रूरी
बनोगे नवाब परीक्षा पर्व है

परीक्षा पर्व पर गर्व हमारा
एकजुट मत परीक्षा पर्व है

पास होकर जशन मनायें ‘कागा’
ह़क़ है परीक्षा पर्व है

कवि साहित्यकार: डा. तरूण राय कागा

पूर्व विधायक

यह भी पढ़ें :-

कागा की कविताएं | Kaga Hindi Poetry

Similar Posts

  • योग | Yoga Diwas

    योग ! ( Yoga )  ( विश्व योग दिवस विशेष )   खिला -खिला रहता है जीवन, जो भी योग अपनाता। छिपी हैं योग में अनंत शक्तियाँ, पर विरला इसे जगाता। प्राणायाम के माध्यम से हम, अपना विश्वास बढ़ाएँ । अनुलोम-विलोम,कपालभाती से, जीवन दीर्घायु बनाएँ। चुस्ती-फुर्ती रहती दिनभर, मन प्रसन्न भी रहता। बुद्धि-विवेक बढ़ता है…

  • टेडी डे – दिकु के नाम

    टेडी डे – दिकु के नाम तेरी बाहों सा एहसास लिए,टेडी को दिल से लगा रखा है।तेरी यादों की ख़ुशबू संग,हर लम्हा इसमें बसा रखा है। रुई सा कोमल, प्यार सा प्यारा,तेरे जैसी मासूमियत समेटे,रहती है इसमें मेरे मन की बातें,तेरी यादें धागों की तरह मुझको है लपेटे। दिकु, तू जो होती यहां,टेडी की जगह…

  • लड्डू गोपाल | Laddu Gopal

    लड्डू गोपाल ( Laddu Gopal )    ऐसी लागी नजर तुझे ओ लड्डू गोपाल सांवरे हो गए तेरे गोरे गाल लाल लाल यह काली घटाओं लट, घुंघराले तेरे बाल काली कमली वाले ने जैसे किया कमाल! तेरी तिरछी नजरिया लगे फिर भी प्यारी , तेरी टेढ़ी कमरिया पर सजे मुरली न्यारी ।। ऐसी लागी नजर…

  • गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर | Rabindranath Tagore par Kavita

    गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर ( Gurudev Rabindranath Tagore )   गुरू देव सादा जीवन जीनें वालें, नोबल पुरस्कार आप पानें वालें। रविन्द्र नाथ टैगोंर आप थें हमारें, साहित्य किंग जो कहलानें वालें।। महान शख्सियत और रचनाकार, ब्रह्म-समाज दार्शनिक चित्रकार। आध्यात्मिक एवंम् मर्यादा ज्ञाता, समाज सुधारक एवं संगीतकार।। धर्म परायण 13 बच्चों की माता, महान थी देवी…

  • पुरुष | Hindi Poem on Purush

    पुरुष ( Purush )    इनके आंखों में होती नहीं नमी पर जज्बातों की होती नहीं कमी   फिक्र रहती है इन्हें हमारी सदा प्यार जताते हैं हम पर यदा-कदा   गुस्सा क्रोध ,नाराजगी ,इनका अस्त्र है बिटिया, बेटा, सुनो जरा, इनका सस्त्र हैl   दिनभर दौड़ते हैं कभी रुकते नहीं काम करते-करते यह थकते…

  • हर तमन्ना खाक होकर रह गई | Tamanna poem

    हर तमन्ना खाक होकर रह गई ( Har tamanna khak hokar rah gai )   हर तमन्ना खाक होकर रह गई हसरतें सब राख हो कर रह गई   भुला दिया हमको हमारे अपनों ने प्यारी यादें सारी दरिया में बह गई   बन चले साथी सफर में अब कई प्यार की धारायें सब पीछे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *