Raksha Sootra

रक्षा सूत्र | Raksha Sootra

रक्षा सूत्र

( Raksha sootra ) 

 

ये रक्षा सूत्र मेरा भइया,
हर बला से तुझे बचाएगा।
ये आशीर्वाद हैं देवों का,
जो तेरी उम्र बढ़ाएगा

क्या अपने भाई के खातिर,
में ऐसा कर पाऊंगी,
जैसा साथ निभाया उसने,
क्या वैसा निभा मैं पाऊंगी,

जब जब पड़ी ज़रूरत मुझको,
तब तब दौड़ के आया है।
मेरे भैया ने अपनी ,
राखी का फर्ज़ निभाया है।

जब सबने मुंह मोड़ लिया था,
कोई न मेरे साथ खड़ा था।
मेरी उस मुस्किल की घड़ी में,
तुमने मेरा साथ दिया था।
जो तुमने किया है मेरे भैया,
कोई नही कर पाएगा।
मेरे भैया ने अपनी राखी….

मेरे भैया के जैसा ,
इस जग में कोई नही होगा।
हर पल साथ निभाए जो ,
क्या ऐसा कोई भाई होगा ।
मेरी हर तकलीफ के आगे,
बन कर ढाल वो आया है
मेरे भैया ने अपनी राखी का….

 

रूबी चेतन शुक्ला
अलीगंज ( लखनऊ )

यह भी पढ़ें :-

मेहनत से ही सुख मिलता है | Mehnat Se hi Sukh Milta hai

 

Similar Posts

  • प्रयागराज एयर शो | Prayagraj Air Show

    प्रयागराज ‘एयर शो’ ( Prayagraj Air Show )    हम गये रहे ‘एयर शो’ देखै जनसैलाब कै उठती लौ देखै एलन गंज में रहत रहे ‘यूपीएचईएससी’ कै तैयारी करते रहे अपने सब सखियन का लइकै कमरा से तो निकल गये लेकिन रेलवे ट्रैक पै जाके थोड़ा-सा हम ठिठक गये प्रयाग स्टेशन से लोगन वापस आवत…

  • प्यार | Kavita Pyar ki

    प्यार ( Pyar )    जहां पशुता और पुरुषत्व खत्म होता है वहाँ प्यार का फूल खिलता है जहां अधिकार की नहीं सम्मान की भाव हो वहीं प्यार फूलता और फलता है जहां वर्चस्व की कोई जगह नहीं बचता वहाँ पर ही प्यार पनपता है ना कोई छल कपट ना धोखा हो जहां वहाँ प्यार…

  • बैठ जाता हूँ

    बैठ जाता हूँ     कितना इंतज़ार करता हूँ मैं हर सुबह और शाम इसी आस में कि अभी उसका फ़ोन आएगा और पूछेगी मुझसे मेरा हाल……   आता है जब फ़ोन चार पाँच दिनों के बाद बस दो मिनट भी नहीं कर पाती बात और बिन कहे ही काट देती है कॉल मैं बोलता…

  • वसन्त – दोहायन | Basant poem

    “वसन्त – दोहायन” ( Basant dohayan )   मेटे ऋतु सन्देश ने, सभी कठिन सन्त्रास! हुई प्रतीक्षापूर्ण और, सफल हुए आयास !!   हैअब पुष्पित औ’फलित,जन्मजन्म की प्रीत! पास अवनिके आगया, फिर वसन्त मनमीत !!   आया अब गुदगुदाता, लिए विमल अनुराग! गुन गुन करते भ्रमरसा, खोजक पुष्पपराग !!   धरा वसंती हो गई, अनुभव…

  • पुत्री की वेदना शराबी पिता से | Kavita

    पुत्री की वेदना शराबी पिता से ( Putri ki vedna sharabi pita se )   पापा मेरी किताब , मेरे अरमान है,  मेरी खुशी है, मेरा भविष्य है,          सब बेच मेरी खुशियों का          शराब पी गए, पापा मां का मंगलसूत्र सुहाग है मांग का सिंदूर है,      सब बेच उनके अरमानों का       …

  • तेरी दोस्ती | Teri Dosti

    तेरी दोस्ती ( Teri Dosti )  तेरी दोस्ती से, गुलजार जिंदगी मेरी पाकर तुम्हारा साथ, जीवन सम प्रसून खिला । बोझिल सी राहों पर, आनंद भरा शकून मिला । जले नव आशा दीप , दूर सारी नैराश्य अंधेरी । तेरी दोस्ती से,गुलजार जिंदगी मेरी ।। मेरा जीवन तो जैसे, तपता रेगिस्तान था । कदम कदम…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *