Kavita Nibu

नींबू | Kavita Nibu

नींबू

( Nibu )

 

गैस एसिडिटी और पेट दर्द पलभर में दूर करता,
जिसके स्वाद एवं खुश्बू से हमें ताज़गी मिलता।
कहते है यह मृत-व्यक्ति को भी जिन्दा कर देता,
अगर उसके अन्दर एक भी ये बीज नही होता।।

ये पीले रंग का होता लगता झाड़-काॅंटों के बीच,
मसूड़ों से ख़ून आने वाली समस्या करता सीज।
जान लेना सबसे पहले जिसके फ़ायदे-नुकसान,
५० से १०० वर्षों तक जीवित रहता पेड़ बीज।।

सुंदर-त्वचा बनाकर यह कम करता है वजन भी,
पाचनशक्ति सुधारकर करता बवासीर मदद भी।
ऊॅंचे स्तर पर देता है ये हम सबको विटामिन सी,
मसूड़ों की परेशानी में होता है ये मददगार भी।।

सलाद अचार एवं सब्ज़ी मे भी इसे लेते है काम,
अनेंक स्वास्थ्य के रोगो में यह पहुंचाता आराम।
गुर्दे पथरी, हृदय एनीमिया कैंसर में करता काम,
सिट्रस लिमन वैज्ञानिकों ने दिया जिसको नाम।।

इम्यून-पावर मज़बूत बनाता कई इसके उपनाम,
दीर्घायु का प्रतीक है सीमित मात्रा में लेवें काम।
सदाबहार झाडी मे लगता पीला खट्टा है ये फल,
सुबह गर्म पानी में पीना करेगा अच्छा ये काम।।

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

Similar Posts

  • राजस्थान स्थापना दिवस

    राजस्थान स्थापना दिवस हमारा प्यारा राजस्थान, हमारा प्यारा राजस्थान ।हरे भरें खेत खलिहान मरुस्थल की यह भूमि है ।वीर- सपूतों के बलिदानों की यह पावन भूमि है ।रंग- बिरंगी धरा हमारी हर कण में खुशियाँ छाई है ।वेदों की ध्वनि, ऋषियों की वाणी यहाँ विकसाईं है ।मातृ भूमि जन्म भूमि के कण- कण में सौरभ…

  • नीलकंठ महादेव | Neelkanth Mahadev par Kavita

    नीलकंठ महादेव ( Neelkanth Mahadev )    सारी दुनिया का गरल पी नीलकंठ कहलाए। ध्यान मग्न भोले शंकर शीश जटा गंग बहाए। भस्म रमाए तन पे बैठे हैं गले सर्पों की माला। हाथों में त्रिशूल धारे शिव बाबा डमरू वाला। बाघांबर धारी भोले शिव हे नंदी के असवार। सब देवों के देव शंभू सारे जग…

  • नग्नता | Nagnata

    नग्नता ( Nagnata )    नग्नता का विरोध तो सभी करते हैं किंतु, अपने ही घर से उभरती नग्नता को रोक नही पाते मां और बाबूजी के स्थान पर मॉम और डैड सुनने से स्वाभिमान गौरवान्वित होता है….. यहां आओ बेटा ,बैठ जाओ खड़े हो जाओ की जगह कम कम , सिट हियर, या स्टैंड…

  • बात उस चांँद की है | Baat us chand ki

    बात उस चांँद की है ( Baat us chand ki hai )    बात उस चांँद की है जो कवियों की कल्पनाओं में मुस्कुराता रहा जो बच्चों को अपना मामा नजर आता रहा एक अद्भुत शीतल ग्रह, सौंदर्य शिखर मन का कारक, सब का अति प्रिय था जो दुर्लभ। बात उस चांँद की है जिसकी…

  • दबी कुचली हुई कलम | Dabi Kuchli hui Kalam

    दबी कुचली हुई कलम ( Dabi kuchli hui kalam )   दबी कुचली हुई कलम, कभी असर दिखा देगी। पीर गर बना सैलाब, सिंहासन सारा हिला देगी। कलम का काम चलना है, मशाल बनकर जलना है। दर्द दुनिया का स्याही, कागज पे शब्दों में ढलना है। आहत जो कलम हुई, कभी खड़ा तूफान हो जाता।…

  • साईबर ठगों का आतंक | Cyber Thagi

    साईबर ठगों का आतंक ( Cyber thagon ka aatank )    आज बढ़ रहा है तीव्रता से साईबर ठगों का आतंक, अपने-आपको समझ रहें है वह सभी से बड़े दबंग। फैला रहें है जो जाल धनाधन ऐसे अनेकों है शैतान, जाल झूठ छल-कपट हेरा फेरी से कर देते है दंग।। करते है मोबाइल सिम बदलकर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *