Kavita Sangharsh Path par

संघर्ष पथ पर | Kavita Sangharsh Path par

संघर्ष पथ पर, मानव सदा अकेला

 

स्वार्थी रिश्ते नाते परिवार समाज,
सफलता संग अपनत्व भाव ।
विपरित कटु वचन प्रहार,
शत्रुवत आचरण बर्ताव ।
आलोचना तीर अवरोध पर्याय,
कदम कदम कंटक मेला ।
संघर्ष पथ पर,मानव सदा अकेला ।।

लक्ष्य राह दिग्भ्रमित युक्ति,
प्रेरणा अनुग्रह विलोपन ।
दमन आशा उमंग उल्लास,
नैराश्य बीज घट रोपन ।
आत्म विश्वास मंद कारक,
विध्न उत्पन्न पश्चत धकेला ।
संघर्ष पथ पर,मानव सदा अकेला ।।

श्रम निष्ठ त्याग तपस्या,
सहानुभूति कोसों दूर ।
असफलता वरण बिंदू,
उत्सविक आनंद भरपूर ।
राहु केतु सदृश पर दृष्टि,
व्यवहार अंतर नव झमेला ।
संघर्ष पथ पर, मानव सदा अकेला ।।

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

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