कविता तू

कविता तू | Kavita tu

कविता तू

( Kavita tu )

कविता, तू शब्दों की माला, भावनाओं का रंग,
तेरे बिना दिल की गहराई, रहती है सुनी और थकी।
तू लफ्जों में छुपी, सजीवता की छाया,
हर स्वर में बसी, प्रेम और स्नेह की माया।

तेरे हर पंक्ति में बसी, दिल की अनकही बात,
हर छंद में छुपा है, जीवन का अनमोल साथ।
सपनों की उड़ान में, तू बनाती है संग,
कविता की मिठास से, हर दिल को मिलती है तरंग।

कभी चाँद की चाँदनी, कभी फूलों की महक,
तेरे शब्दों में बसी है, हर सुख और हर झलक।
कविता, तू है जीवन की सुंदरता की परिभाषा,
तेरे बिना हर भावना, लगती है अधूरी और रेखा।

तेरे बिना शब्द भी, जैसे खोए और बेजान,
कविता ही तो है, दिल की सच्ची पहचान।
तेरे हर स्वर और लहजे में, बसी है हृदय की धड़कन,
कविता, तू है जीवन की सच्ची और प्यारी मूरत।

मुकेश बिस्सा

यह भी पढ़ें :

बस थोड़ा सा प्यार चाहिए | Bas Thoda sa Pyar Chahiye

 

Similar Posts

  • महात्मा गांधी के महाप्रयाण दिवस

    महात्मा गांधी के महाप्रयाण दिवस अहिंसा को हम जीवन में लाए ।प्रभु को भीतर घट में बसा लें ।मोक्ष की और कदम बढ़ाये ।सद्ज्ञान की रोशनी जगा लें ।आत्मा के अज्ञान को हटायें ।क्रोध , मान , माया ,लोभ को छोड़े ।सबसे मैत्री , प्रेमभाव जगा लें ।जीवन की सौरभ को हम महकायें ।होनी को…

  • हमारी विरासत हमारी धरोहर | Poem hamari virasat

    हमारी विरासत हमारी धरोहर ( Hamari virasat hamari dharohar )     शौर्य पराक्रम ओज भरा दमकता हो भाल जहां। हम उस देश के वासी हैं बहती प्रेम रसधार यहां।   पुरखों की पावन संस्कृति रग रग में संस्कार भरा। दूरदर्शी सोच ऊंची विनयशीलता गुणों भरी धरा।   दुर्ग किले हमारी विरासत हमारी धरोहर प्यारी…

  • औघड़ दानी | Aughad dani par kavita

    औघड़ दानी ( Aughad dani )   जब कोई ना हो सहारा रिश्तो के बंधन से हारा फिरता जब तू मारा मारा देता एक ही साथ तुम्हारा औघड़ दानी बाबा प्यारा जिसने भवसागर को तारा मिले नदी को जैसे किनारा वह हरता है संकट सारा वह जाने कष्ट है हमारा करता जीवन में उजियारा जो…

  • गौरवान्वित भारत

    “गौरवान्वित भारत” गौरवान्वित भारत का इतिहास लिखों,सर्वसम्मानित भारत की बात लिखों, उन बलिदानियों की राख सेदुश्मनों का विनाश लिखों, छल कपट से रहित अपने नयेभारत का इतिहास लिखों, गुलामी के जंजीर को तोड़वीरता का पहचान लिखों, रण में बैठी उन विरांगनाओं का त्याग लिखों, देश की आन के खातिर जान देने वालों का बारम्बार इतिहास…

  • साथ

    साथ * कहते हैं वो हम साथ हैं साथ हैं ? तो कहने की क्या बात है? साथ! एक एहसास है। जो न आपके न मेरे पास है! फिर कहिए कौन किसके साथ है? एहसास ही जज़्बात है जहां जज़्बात है वहीं साथ हैं बाकी सब बात है। और , बात की क्या औकात है?…

  • मृत्यु पर भोजपुरी कविता | Mrtyu par Bhojpuri Kavita

    मृत्यु पर भोजपुरी कविता ( Mrtyu pra bhojpuri kavita )  हम अकेले ब‌इठ के कुछ सोचत रहनी गाल पे रख हाथ कुछ देखत रहनी तलेक कान में कहीं से घंटी के आवाज ग‌इल निंद टुटल, होश उड़ल अउर दरद भ‌इल एगो सवारी लेट, चपाटी पे चलल आगी, माला,फूल,पानी सब संघे बढल कवन देश-दुनिया अउर राह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *