Kavita waah zindagi

वाह जिंदगी | Kavita Waah Zindagi

वाह जिंदगी

( Waah zindagi )

वाह जिंदगी वाह क्या बात !
तूने याद दिलादी,
मुझे मेरी पहली मुलाकात !

यू आईने के सामने खड़ा रहा घंटों
देख रहा था शायद
अपना वो पहला सफेद बाल!

मिला मुझे जब वह करीब से
मैंने रंग डाला उसे,
काले रंग से तुरंत निकाल !

पहले थोड़ा घबराया सा था देख
उम्र का एहसास हुआ
फिर सोचा अच्छा शुरुआत हुआ!

अब दिन मौज मस्ती से गुजारने हैं,
बहुत जिलिए सबके लिए ,
कुछ अपने लिए भी दिन निकालने हैं।

 

आशी प्रतिभा दुबे (स्वतंत्र लेखिका)
ग्वालियर – मध्य प्रदेश

यह भी पढ़ें :-

अच्छा हुआ दोस्त | Kavita acha hua dost

 

Similar Posts

  • व्याकुलता | Vyakulta

    व्याकुलता ( Vyakulta )   खोज लेती है धारा प्रवाह अपना आपसे सलाह लेती नहीं निगाहों में जिनके बसता हो सागर वो नदी नालों में कभी रुकते नहीं आदि से अनंत तक की यात्रा रहती है गतिमान सदैव ही ठहर सकते हैं भले मन या तन से आप आपकी कहानी कभी रुकती नहीं अन गिनत…

  • शांति का संदेश देता है भारत | Bharat par kavita

    शांति का संदेश देता है भारत! ( Shanti ka sandesh deta hai bharat )   ज्ञान की शीतल हवा देता है भारत, मोहब्बत का पाठ पढ़ाता है भारत। दुनिया में मजहब हो सकते हैं कई, मोक्ष का रास्ता दिखाता है भारत।   कर्मो का नतीजा भगवान भी झेले, कर्मों का पाठ हमें पढ़ाता है भारत।…

  • महावीर जयंती पर विशेष | Mahavir jayanti par Kavita

    महावीर जयंती पर विशेष ( Mahavir jayanti par vishesh )    त्याग तपस्या भरा स्वामी महावीर का जीवन। अहिंसा के मूर्तिमान वो किया प्रभु का चिंतन। जैन धर्म के तीर्थंकर वो महावीर बुद्ध कहलाए। सिद्धार्थ घर जन्मे स्वामी वर्धमान रूप में आये। जाति पांति भेदभाव को जड़ से चले मिटाने। पंच महाव्रत धर्म चलाया अचलेश्वर…

  • रामलला प्राण प्रतिष्ठा पर | Ramlala Pran Pratistha Par

    रामलला प्राण प्रतिष्ठा पर ( Ramlala Pran Pratistha Par )   रामलला प्राण प्रतिष्ठा पर,सविनय हार्दिक निमंत्रण सह्रदय करबृद्ध निवेदन, सानुग्रह शुभ मंगल प्रयोजन। बाईस जनवरी दिव्य बेला, घर द्वार उत्सविक आयोजन । विधिवत भव्य आराधना स्तुति, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री चरण । रामलला प्राण प्रतिष्ठा पर,सविनय हार्दिक निमंत्रण ।। दीप प्रज्वलन प्रकाश श्रृंगार, स्वच्छ परिवेश…

  • मोबाइल फोन | Hindi Poem on Mobile

    मोबाइल फोन ( Mobile phone )  संचार क्रांति का द्योतक सूचनाओं का संसार, घर बैठे करें मनोरंजन और व्यापार । ज्ञान का यह पिटारा, लुटा रहा प्यार इस पर जग सारा। स्क्रीन पर उंगलियां घिसते, नेट स्लो होने पर हैं दांत पीसते। बच्चे व्यस्क या हों बूढ़े, रख हाथों में कुछ ना कुछ ढ़ूंढ़ें। पाकर…

  • मोची | Mochi

    मोची ( Mochi )    पैरों से चलने में मजबूर, फिर भी प्रकृति में, मुस्कान भरी छाता बिखेरता , वह तल्लीन था अपने कार्य में, लगता था ऐसे कि वह , प्रभु के गांठ रहा हो जूते, उसका कार्य करने का ढंग, बड़ा ही प्रीत पूर्ण था, वह नहीं देखता कि , कौन छोटा कौन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *