मैं

मैं

मैं

–> मैं हुँ तो सब कुछ है, नहीं तो कुछ भी नहीं ||

1.मैं हुँ तो चाँद सूरज सितारे, बादल आसमान सब है |
मैं हुँ तो नादियाँ झील झरने, सागर और किनारे सब है |
मैं हुँ तो पर्वत वृक्ष वादियाँ, घनेरे जंगल चट्टान सब है |
मैं नहीं तो क्या पता क्या है, क्या नहीं कुछ भी नहीं है |

–> मैं हुँ तो सब कुछ है, नहीं तो कुछ भी नहीं ||

2.मैं हुँ तो सोना चाँदी जेवर, रत्न हीरे मोती सब है |
मैं हुँ तो झुमका बिन्दिया चूडी, पायल बिछिया सब है |
मैं हुँ तो लहंगा चोली चुनरी, धोती कुर्ता पगडी सब है |
मैं हुँ तो सजना संबरना, मैं नहीं तो क्या पता क्या है |

–> मैं हुँ तो सब कुछ है, नहीं तो कुछ भी नहीं ||

3.मैं हुँ तो माता पिता, भाई बहन चाचा चाची सब हैं |
मैं हुँ तो दादा दादी, बुआ फूफा ताई ताया सब हैं |
मैं हुँ तो मामा मामी, मौसी मौसा पत्नी बच्चे सब हैं |
मैं हुँ तो पडोस रिस्ते नाते, मैं नहीं तो क्या पता क्या है |

–> मैं हुँ तो सब कुछ है, नहीं तो कुछ भी नहीं ||

4.मैं हुँ तो धन दौलत, रूपया पैसा घर जमीन सब है |
मैं हुँ तो इज्जत शोहरत, कर्म कुकर्म पहचान सब है |
मैं हुँ तो देश दुनियां जहान, जात पात धर्म अधर्म सब है |
मैं नहीं तो सब सूना, हुँ तो सब नहीं तो कुछ भी नहीं है |
–> मैं हुँ तो सब कुछ है, नहीं तो कुछ भी नहीं ||

 

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लेखक:  सुदीश भारतवासी

Email: sudeesh.soni@gmail.com

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नव वर्ष 2021

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