मंजिल का एहसास

मंजिल का एहसास | Prernadayak poem

 मंजिल का एहसास

( Manzil ka ahsas )

 

 

यूं ही तो नही ये मेरे मेरे सपनों की उड़ान है,

कुछ तो है मन के अंदर तो जुड़ा हुआ है इससे।

कुछ तो है जो कर रहा है प्रेरित इस कदर से

कि अब ये चुनोतियाँ बाधा नही बन सकती हैं।।

 

क्या है जो इसका ख्याल कर देता है रोमांचित,

शायद इसका जादू तन मन मे जोश भर देता है।

क्या है जो बस है अनकहा अनदेखा सा अभी

शायद मन की नज़रों में है इसकी पूरी तस्वीर।।

 

ये ख्वाब कोई ऐसा ख्वाब भी नही है

जो आये और बस यूं ही चला जाये ।

यो तो वो ख्वाब है जो बसता है दिल दिमाग मे

जो दिन रात मेहनत, कोशिश को, कहता फिरता है।।

 

लेखिका :- ईवा ( The real soul)

 

यह भी पढ़ें :-

खामोशी विरोध की भाषा | Kavita khamoshi virodh ki bhasha

Similar Posts

  • साथ

    साथ * कहते हैं वो हम साथ हैं साथ हैं ? तो कहने की क्या बात है? साथ! एक एहसास है। जो न आपके न मेरे पास है! फिर कहिए कौन किसके साथ है? एहसास ही जज़्बात है जहां जज़्बात है वहीं साथ हैं बाकी सब बात है। और , बात की क्या औकात है?…

  • मै हिंदी हिंदुस्तान की | Mai Hindi Hindustan ki

    मै हिंदी हिंदुस्तान की ( Mai Hindi Hindustan Ki )    मैं हिंदी हिंदुस्तान की, भारत के सुज्ञान की हिंदु मुस्लिम सिख इसाई, हर भारत के इंसान की। पूरब से पश्चिम की भाषा उत्तर से दक्षिण की भाषा मै हिंदी हिंद निशान की ,मैं हिंदी हिंदुस्तान की। सूर के सुख का सागर हू , भाव…

  • Kavita | आसिफ की आपबीती

    आसिफ की आपबीती ( Asif Ki Aap Beeti ) ****** लगी थी प्यास मंदिर था पास गया पीने पानी थी प्यास बुझानी समझ देवता का घर घुस गया अंदर नहीं था किसी का डर पी कर वापस आया तभी किसी ने पास बुलाया पूछा क्या नाम है? बताया आसिफ है! सुन वो बड़ा ही चौंका…

  • श्रीमद्भागवत कथा | Shrimad Bhagwat Katha

    श्रीमद्भागवत कथा ( Shrimad Bhagwat Katha )  ( 3 )  भागवत कथा आह्लाद, झाझड़ के उत्संग में *********** शेखावाटी अवस्थित झाझड ग्राम, सप्त दिवसीय भागवत कथा आयोजन। श्री मोहिनी सती माता मंदिर ट्रस्ट सौजन्य, सर्व सुख समृद्धि वैभव शांति प्रयोजन । मृदुल स्वर श्री कमल नयन जी महाराज, भक्त वत्सल प्रभा जनमानस तरंग में। भागवत…

  • मेरी पहचान बता

    मेरी पहचान बता   मैं लड़की हूं इसे छोड़ मेरी पहचान बता घर मेरा मायका है या ससुराल मेरा मका बस एक बार तू मेरा पता बता   मैं लड़की हूं इसे छोड़ मेरी पहचान बता मैं अमृत हूं विष समझकर न सता मौन कर दिया तूने मुझे बेटे के समान बता   मैं लड़की…

  • तंबाकू तेरे कारण | Geet tambaku tere karan

    तंबाकू तेरे कारण ( Tambaku tere karan )   रूठ गई है मुझसे अम्मा रूठा सारा परिवार घर का रहा ना घाट का में फिरता हूं लाचार तंबाकू तेरे कारण, तंबाकू तेरे कारण।   पड़ा नशे में धुत रहा ना रही सुध बुध खाने की भुगत रहा परिणाम सारे लत गले लगाने की गुटका पान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *