मौला..! तू करम करना

मौला..! तू करम करना

 

अल्लाह..! तू करम करना

मौला..! तू रहम करना

बस…. इतनी दया तू करना

जो भटक गए हैं

उनको तू राह दिखाना

उनको तू सद्बुद्धि देना

उनको तू सन्मार्ग दिखाना

वे नापाक हरकतों को छोड़ दें

कदाचार को वे छोड़ दें

अल्लाह..! तू इतना करम करना!

मौला..! तू इतना करना

रहमतें बख़्स दे उनको भी

जो चल पड़े हैं कुमार्ग पर

अल्लाह.. तू इतना करना

ख़ता जो हुई है उनसे

उनको तू मुआफ़ करना

तहलका मचा है जो ज़हन में

ख़लल उनके तू मिटा दे

अल्लाह…! तू इतना करम करना

मौला….! तू इतना रहम करना…….!!

 

🌷

कवि : सन्दीप चौबारा

( फतेहाबाद)

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