Nav Varsh

नव वर्ष 2024 | Nav Varsh

नव वर्ष 2024

 

हंसी खुशी करते विदा
नमन तुम्हें 2023
स्वागत है आपका
आइये घर 2024

नव प्रभात की शुभ बेला पर
अभिनंदन नव वर्ष तुम्हारा
भर दो सब में प्रेम रस
बने स्वर्णिम देश हमारा

देते हैं आसन कमल पुष्प सा
जो है देवों का सिंहासन
चतुर्मुखी हो प्रगति हमारी
तुमसे मिले यही आश्वासन

भारत बने अग्र विजेता
मान बढे विश्व पटल पर
बांटे संदेश विश्व शांति का
फहरे ध्वजा नभ मंडल पर

हर सामाजिक क्षेत्र में
हो समुचित विकास
यही अपेक्षा हमें तुमसे
करना पूर्ण हमारा विश्वास

जय जय वर्ष चौबीस
नमन तुम्हें ,दो आशीष
बहन बेटी बाल वृद्ध
झुके न कभी किसी का शीश

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

लगाव | Lagaav

Similar Posts

  • आहट | Kavita Aahat

    आहट ( Aahat )   घर के भीतर तो नज़र आती हैं दीवारे हि रास्ते तो बाहर हि दिखाई देते हैं उजाले की चाहत में कलियाँ अंधेरे मे ही सजती संवरती हैं आते नहीं कहकर अवसर कभी उनकी आहट को हि महसूस करना होता है गफलत भरी नींद को हि लापरवाही कहते हैं आभास हि…

  • कोरोना का रोना | Corona ke upar kavita

    कोरोना का रोना ( Corona ka rona ) –> कोरोना का रोना है , हाँ हाँ कार मची है दुनियां मे || 1.कोरोना वायरस फैल रहा,जाने कैसी बीमारी है | रोका नहीं गया इसको तो,आगे चल के महामारी है | इसके बारे मे कुछ पता नहीं,अभी ये बन्द अलमारी है | हमको ही मिलकर लडना…

  • कर प्रयास | Kar Prayas

    कर प्रयास ( Kar prayas )   क्या जीत में, क्या हार में तेरा अस्तित्व है तुझसे ही संसार में।। कर्म पथ पर करता चल अपने कर्म से पूर्ण हर मनोकामना तेरी हार में भी जीत निश्चित ही होगी होगी यह भी एक संभावना।। तू ढूंढ निकल कर कोई समाधान आए जब कोई भी तूफान…

  • जानकी वल्लभ श्री राम | Janaki Vallabh Shri Ram

    जानकी वल्लभ श्री राम ( Janaki Vallabh Shri Ram )   अवध के राज्य सिंहासन पर होंगे फिर श्री राम विराजमान संग में लक्ष्मण जानकी और परम भक्त श्री हनुमान वह नगरी मर्यादा पुरुषोत्तम राम की बसी तट सरयू के जान कौशल्या सुत, दशरथ नंदन रहे सनातन के प्राण धीर , गंभीर , शील और…

  • गुरूदेव नमन | Gurudev Naman

    गुरूदेव नमन ( Gurudev Naman ) तेरे चरणों में मेरा, सब कुछ अर्पण। गुरुदेव नमन, गुरुदेव नमन।। तुमने सधाया मेरा बावरा मन। देकर ब्रह्म का सूक्ष्म ज्ञान। पल में खोल दिए, मेरे नयन। रखना मुझको, नित अपनी शरण। गुरुदेव नमन, गुरुदेव नमन।। तुम हो मेरे मन की ज्योति। तुमने ही किए कंकर मोती। अंधकार में…

  • जयपुर | Jaipur par kavita

    जयपुर ( Jaipur )   नगर गुलाबी जयपुर प्यारों सुंदर है आलीशान। राजधानी राजस्थान की रही रजपूतों की शान।   रत्न जड़ाऊ मीनाकारी कारीगरी यहां बेजोड़। शिल्पकला मुख से कहती कोई नहीं है तोड़।   महाराजा जय सिंह शान से शहर बसाया न्यारा। अनुपम छटा मन को मोहे सबको लगता प्यारा।   तीज त्यौहार गणगौर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *