सुमा मण्डल की कविताएं | Suma Mandal Poetry
हमें संग ले जाइए आपसे दूर और रहा न जाए।दर्द कितना होवे कहा न जाए।हे दयासागर! आ जाइए।हमको सदा के लिए संग ले जाइए।। श्री चरणों से दूर प्रयोजन नहीं कहीं हमारा।निष्प्राण देह यह विरह का मारा।परमानंद की ज्योति जगाइए।हे दयासागर! आ जाइए।हमको सदा के लिए संग ले जाइए ।। कितनी बहाएंगी और आंसू अंखियां।ताना…










