सर्वशक्ति कालिका | Sarvashakti Kalika

सर्वशक्ति कालिका

( चामर छन्द )

1
सर्वशक्ति कालिका कराल रक्त दंतिका।
शांभवी सुधा सती सुगम्य चंद्रघंटिका।।
चंद्रिका सुबोधिनी गदा त्रिशूल धारिणी।
हस्त शंख चक्र ले निशुंभ शुंभ तारिणी।।

2
हे अजा सिता अगम्य मातु हे पताकिनी।
दुर्गमा त्रिलोचनी विशाल दैत्य नाशिनी।।
शारदे सँवार दे अबोध माम् तूलिका।
ज्ञान के विहान से प्रकाशवान मूलिका।।(औषधीय जड़ी)

3
दुष्ट शत्रु वंश बेल हारिणी कपालिनी।
अट्टहास कालिका कुमारि मुण्डमालिनी।।
धूप दीप आरती जुहार विंध्यवासिनी।
विश्व वन्दिता नमोस्तु मातु सिंहवाहिनी।।

4
रोग शोक कष्ट माँ निमेष में निवारिणी।
शूल चक्र संग आप आपदा विदारिणी।।
पद्म हस्त धारिणी कृपालु दुर्गनाशिनी।
नित्य चंद्रिका भजे दयालु दुर्गसाधिनी।।

रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’

लखनऊ, उत्तर प्रदेश

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