• नाज की शायरी | Naaz Shayari

    मेरी छुपी हुई मोहब्बत मेरी छुपी हुई मोहब्बत ना किसी को दिखीमें चाहती रही उसको उसको वो भी ना दिखी क्या करती अपने दिल का हाल छुपाती रहीमें लोगों के बीच झूठा मुस्कुराती ही दिखी उसको लगा में खुश हु उसके दूर होने सेमें उसको हर बार मोहब्बत जताती हुई दिखी किस तरह बताती अपने…

  • हर हाल में मुस्कुराया करें | Har Haal Mein

    हर हाल में मुस्कुराया करें हर हाल में,मुस्कुराया करें ।दुखों को, भूल जाया करें।व्यर्थ के, तनावों में ।जीवन को ना बिताया करें ।जीवन मिलता है, बस एक बार ।इसको ऐसे ना गंवाया करें ।खुशीयों का, लें आनन्द ।रंजों को , भूल जाया करें ।ईश्वर से, जो मिला है ।उस सुख को ही चलो भोगें ।अपनी…

  • युवा हैं हम | Yuva Hai Hum

    युवा हैं हम ( Yuva Hai Hum ) हम युवा हिन्दी से हिन्दुस्तान का गौरव बढायेंगे,तन मन धन से निजभाषा उन्नति का नारा लगायेंगे | अभिनंदन संस्कृति का, अभिलाषा जन-गण-मन गाते रहें,हिन्दी से हिन्दुस्तान का हर कोना-कोना सजायेंगे | हिन्दुस्तान के हम युवा, हिन्दी के केन्द्र बिन्दु हैं,अपनी ताकत से, हिन्दी का परचम,पूरे विश्व में…

  • प्रेम की भाषा हिंदी | Prem ki Bhasha

    प्रेम की भाषा हिंदी ( Prem ki Bhasha ) ज़बानो के जमघट मेंएक ज़बान है नायाबहमारी ज़बान”हिंदी”जिसमें एक लफ्ज़ केहोते हैं कई मुतादरीफ़। एक “मोहब्बत व ईश्क”कोप्यार कहो या प्रेमसुर कहो या रश्कममता कहो या प्रीतिसंस्कृति कहो रीति रिवाजनाज कहो या लाज…. यह हिन्दी हैमाथे की बिंदी है। मनजीत सिंहसहायक प्राध्यापक उर्दूकुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ( कुरुक्षेत्र…

  • भाषा है हिंदी | Bhasha hai Hindi

    भाषा है हिंदी ( Bhasha hai hindi ) करो वंदन~मातृ भाषा हिंदी काअभिनंदन•हिंदी दिवस~विश्व पटल परफैले सुयश•माथे की बिंदी~देवनागरी लिपिभाषा है हिंदी•प्रभु भजन~लोरी शेरो शायरीहिंदी गज़ल•हिंदी पे नाज़~हर दिल अज़ीजसिर का ताज़•जगाती प्रीत~सप्त सुरों में गूँजेगीत-संगीत•हिंदी है शान~हिंदुस्तानियों का हैये अभिमान•शुभकामना~हिंदी हो राष्ट्र भाषायही भावना• निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-

  • हिन्दी दिवस पर पाँच दोहे | Hindi Diwas Par 5 Dohe

    हिन्दी दिवस पर पाँच दोहे ( Hindi Diwas Par 5 Dohe ) हिन्दी मिश्री की डली, सरगम की झंकार।हिन्दी तो मनमोहिनी, अनुरागी संसार।। हिन्दी भाषा में सभी, कला ज्ञान-विज्ञान।सबसे पहले हम करें, इस भाषा का मान।। देवनागरी लिपि अथक, अनुपम अनश अनन्य।हिन्दी के उपकार से, कौन नहीं है धन्य।। दिशा-दिशा में हो रहा, हिन्दी का…

  • हिंदी दिवस पर दोहे | Hindi Diwas

    हिन्दी दिवस पर दोहे ( Hindi diwas par dohe ) हिन्दी दिवस मना रहे, हर दफ्तर में आज ।जो करते हर एक दिन, अंग्रेजी में काज ।। हिंदी हिंगलिश बन गई, ऐसी बदली चाल ।समय ने सब बदल दिया, देश रीत औ काल ।। हिन्दी हिन्दी सब कहें, फिर भी मिला न मान ।दुर्गत अपनी…

  • हिंदी को अपनाओ | Hindi ko Apnao

    हिंदी को अपनाओ ( Hindi ko Apnao ) बच्चों हिंदी को अपनाओ,हिंदी का तुम मान बढ़ाओ,हिंदी हिंदुस्तान की भाषा,हिंदुस्तानी तुम कहलाओ, लिख लो हिंदी, पढ़ लो हिंदी,हिंदी बड़ी अलबेली है,बोलो हिंदी, गा लो हिंदी,हिंदी रंग-रंगीली है,हिंदी को व्यवहार मे लाओ,हिंदी का परचम फहराओ,बच्चों हिंदी को अपनाओ,हिंदी का तुम मान बढ़ाओ, खेलो-कूदो हिंदी के संग,हिंदी सखा-सहेली…

  • वात्सल्य की प्रतिमूर्ति-हिन्दी

    वात्सल्य की प्रतिमूर्ति-हिन्दी मेरी हिन्दी, प्यारी हिन्दी।सब की है दुलारी हिन्दी। सब भाषायें दुनिया भर की,हुई समाहित हिन्दी में।पर संस्कृत है रही प्रमुख ही,अपनी प्यारी हिन्दी में। महावीर हरिश्चन्द्र आदि ने,समय समय पर अपने ढंग से,खूब संवारी अपनी हिन्दी।हर भाषा से प्यारी हिन्दी। बोलें हिन्दी में जब भी हम,मन मिश्री घुल जाती।मां सम लोकाचार सिखाती,अनुपम…

  • ” निज भाषा उन्नत अहै सब भाषा को मूल “

    “निज भाषा उन्नत अहै सब भाषा को मूल “यानी अपनी भाषा से ही हम वास्तविक उन्नति कर सकते हैं। निज मतलब अपनी स्वयं की भाषा।मातृभाषा ,राजभाषा, राष्ट्रभाषा ही असली भाषा है जो राष्ट्र का और नागरिकों का सही अर्थों में उच्चकोटि का विकास कर सकती है। भारत की राष्ट्रीय भाषा, जनसंपर्क भाषा, राजकीय भाषा हिंदी…