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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • rahat-ki-aahat
    कविताएँ

    राहत की आहट | Rahat ki Aahat

    ByAdmin August 31, 2024

    राहत की आहट ( Rahat ki Aahat ) तेरी यादों के साए में जब भी, मैं खो जाता हूँ, अंधेरों में भी कहीं तेरा चेहरा देख पाता हूँ। जुदाई के ग़म में ये दिल रोता है तन्हा, पर राहत की आहट से मैं फिर से जी जाता हूँ। तेरे आने की उम्मीद अब भी बरकरार…

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  • Zindagi Char Din Ki
    कविताएँ

    जिन्दगी चार दिन की | Zindagi Char Din Ki

    ByAdmin August 29, 2024

    जिन्दगी चार दिन की ( Zindagi Char Din Ki ) लहरों के संग चलो ठिठोली करते हैं, बस एक बार तुम हम हम तुम बनते हैं। आओ ज्वार संग भाटा के साथ जाने के लिए , जिन्दगी चार दिन की खुश रहो कुछ पाने के लिए । हाँ ठीक समझे वक्त को साथ लेकर आना,…

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  • तक़दीर की उड़ान
    शेरो-शायरी

    तक़दीर की उड़ान | Taqdeer ki Udaan

    ByAdmin August 29, 2024

    तक़दीर की उड़ान ( Taqdeer ki Udaan ) ज़मीन से हमें उठाके दे न यह कहीं उछाल, जाने किस ओर ले जाए तक़दीर की उड़ान, चमकती रौशनियोंके पीछे यूँ भागते-भागते, खो ना दें अपने ही हाथों वजूद की पहचान, दूर मंज़िल है और बीच ये गहरा समन्दर है, तोड़ ना पाएगी ज़ीस्ते-कश्ती दर्द के तूफ़ान,…

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  • तिरलोकी को नाथ सांवरो
    कविताएँ

    कृष्णा | Krishna par Kavita

    ByAdmin August 29, 2024August 29, 2024

    कृष्णा ( Krishna ) कारावास में जन्म लिए जो था उन्हीं का वंश कर्मों का फल भोगने को विवश था कृष्ण और कंश । बालापन में खूब खेलते करते थे खूब शरारत उम्र के साथ सीखाए करना रासलीला और महाभारत । राधा के पीछे खूब भागते वो था ना चरित्र हीन अदृश्य होकर लाज बचाए…

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  • कोई नहीं कहता
    कविताएँ

    कोई नहीं कहता | Kavita Koi Nahi Kahta

    ByAdmin August 28, 2024

    कोई नहीं कहता ( Koi Nahi Kahta ) कोई नहीं कहता , जो कहना चाहिए । जो हो अन्दर , वही बाहर रहना चाहिए । सच को सच, झूठ को झूठ , कहना चाहिए । तन के साथ , मन भी साफ, रहना चाहिए। कोई नहीं कहता, घर ऐसा चाहिए , जिसमें केवल प्यार, को…

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  • रोशन मै चिराग हूँ
    शेरो-शायरी

    रोशन मै चिराग हू | Roshan Main Chirag Hoon

    ByAdmin August 28, 2024

    रोशन मै चिराग हूँ ( Roshan Main Chirag Hoon ) कुछ तो लिखू जो कलाम हो मेरे बड़ो को मेरा सलाम हो अदब और मोहब्बत मेरा काम हो मेरा इमान मेरा मुल्क हमेशा आबाद हो खिलू मै फूल की तरह मै मुरझाऊ फूल की तरह रोशन मै चिराग हू जल जाऊ बुझ जाऊ मै कमाल…

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  • Ghazal Bina Unke
    ग़ज़ल

    बिना उनके | Ghazal Bina Unke

    ByAdmin August 28, 2024August 28, 2024

    बिना उनके ( Bina Unke ) बिना उनके हमारी आँख में सपना नहीं रहता हमारी ज़िन्दगी वह है हमें कहना नहीं रहता बहन अब बाँध दो राखी हमारे हाँथ में आकर बता दो पाक इससे अब कहीं रिश्ता नहीं रहता हवाएं चल पड़ी हैं आज कुछ ऐसी ज़माने में सुना इंसान का इंसान से नाता…

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  • गौरी नन्दन | Gauri Nandan
    कविताएँ

    गौरी नन्दन | Gauri Nandan

    ByAdmin August 28, 2024

    गौरी नन्दन ( Gauri Nandan ) प्रभात वेला~ गणेश जी की होती प्रथम पूजा • गौरी नन्दन~ रिद्धि सिद्धि के दाता करूँ वन्दन • संकट हर्ता~ मूषक की सवारी सुख प्रदाता • गणाधिराज~ मिटा दो दुनिया से कोरोना राज • जगनायक~ जगत में हो शांति हे! विनायक • निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें…

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  • उंगलियां उठा देंगे | ग़ज़ल दो क़ाफ़ियों में
    ग़ज़ल

    उंगलियां उठा देंगे | ग़ज़ल दो क़ाफ़ियों में

    ByAdmin August 28, 2024

    उंगलियां उठा देंगे ( Ungliyan Utha Denge ) ज़मीने-दिल पे तो हम कहकशां भी ला देंगे तमाम लोग यहाँ उंगलियां उठा देंगै कहीं नमक तो कहीं मिर्चियां मिला देंगे दिलों में लोग यूँ हीं दूरियां बढ़ा देंगे ज़माना हमको भी मुजरिम क़रार दे देगा किसी से ऐसी कोई दास्तां लिखा देंगे किसी को सच की…

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  • आदमी और आदमियत
    कविताएँ

    आदमी और आदमियत

    ByAdmin August 28, 2024

    आदमी और आदमियत आदमी … खोता जा रहा है आदमियत होता जा रहा है संवेदन शून्य …. भूल गया है वो इन्सानित गिरवी रख दी है मानवीयता आ गई है उसमें हैवानियत भरी हुई है उसके दिलोदिमाग में शैतानियत……!!!! निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :- हे कृष्ण मुरारी | Hey Krishna Murari

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