• मुस्कान ढूंढती है | Muskan Dhundhati Hai

    मुस्कान ढूंढती है ( Muskan Dhundhati Hai ) जो लुट चुका है अब वो सम्मान ढूँढती है । नन्ही कली चमन में मुस्कान ढ़ूढती है । काँटों के वास्ते वो गुलदान ढूँढ़ती है नादान है जहाँ में इन्सान ढूँढती है बेबस है ज़िन्दगी और गर्दिश में भी सितारे अब मौत का वो अपने परवान ढूँढती…

  • रिवाज़ दुनिया के | Ghazal Rivaaz Duniya Ke

    रिवाज़ दुनिया के  ( Rivaaz Duniya Ke ) रिवाज़ दुनिया के इतने सुनों ख़राब नहीं शराब पीता है हर आदमी जनाब नहीं अभी तो दिल पे भी मेरे कोई अज़ाब नहीं । हुई क्या बात जो रुख पे रुका हिज़ाब नहीं । करूँ न ख़ार से मैं दोस्ती कभी यारो पिये मैं रहता हूँ हरदम…

  • बाढ़ विभीषिका | Baadh Vibhishika

    बाढ़ विभीषिका ( Baadh Vibhishika ) नदी उफान~ बाढ़ की विभीषिका डूबे मकान ● मूसलाधार~ झुग्गी-झोपड़ियों का कहाँ आधार ● हुई है भूल~ ताश के पत्तों जैसा ढहता पुल ● जीवन त्रस्त~ अथाह जल राशि हौसले पस्त ● हे!कद्रदान~ नदी से नदी जोड़ो है समाधान ● ————— निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-…

  • मै मुजरिम हू | Main Mujrim Hoon

    मै मुजरिम हू ( Main Mujrim Hoon ) मै मुजरिम हू मुझे सजा दो मै बीमार हू मुझे दवा दो कुछ नही इल्जाम तुम लगा दो सजा कम लगे तो फांसी चडा दो मै दर्द ए मोहब्बत मै हू तुम कहो तो मै बता दू एक कतरा जो आंखो से नही रवा हुआ तुम कहो…

  • थोड़ा सा | Geet Thoda Sa

    थोड़ा सा ( Thoda Sa ) थोड़ा सा अखबार पढ़ा फिर , बैठ गया तह करके . जो भी मुँह में आया मुखिया , चला गया कह करके . बाएँ – दाएँ देखा उसने , हँसी खोखली हँसकर . निकल गई ज्यों कील जिगर से, कुछ अंदर तक धँसकर . मुख पर थोड़ा दर्द न…

  • डिजिटल युग के अपराधों पर कैसे लगे लगाम?

    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आँकड़ों के अनुसार, साइबर उत्पीड़न के मामलों में वृद्धि हुई है, विशेष तौर पर महिलाओं के खिलाफ, परंतु नई संहिता ऐसे अपराधों के लिए कड़े दंड निर्दिष्ट नहीं करती हैं। उभरती प्रौद्योगिकियों से निपटने में कमियाँ है, नए कानून उभरती हुई प्रौद्योगिकियों से संबंधित अपराधों, जैसे कि क्रिप्टोकरेंसी घोटाले और…

  • ऐ मुहब्बत | Ghazal Aye Muhabbat

    ऐ मुहब्बत ( Aye Muhabbat ) ऐ मुहब्बत ! तिरा जवाब नहीं , तुमने किसको किया खराब नहीं ! हिज़्र, ऑंसू, फ़रेब, मक़्क़ारी, तुझमें शामिल है क्या अज़ाब नहीं ! तेरे कूंचे में ऐ मुहब्बत सुन, खार ही खार हैं गुलाब नहीं । एक धोखा है तेरी रानाई, अस्ल में तुझमें आबो ताब नहीं ।…

  • तेरी प्रिय प्रतिभा की मैं रूबाई हूॅ

    तेरी प्रिय प्रतिभा की मैं रूबाई हूॅ कुछ लिखिए, तो मैं भी लिखूँ, कल से कुछ लिख नहीं पाई हूँ। सानिध्य ले त्रिवेणी संगम बनूँ, कुछ बेहतरीन की सोच आई हूँ। जिक्र न मेरा न तुम्हारा होगा प्रथम स्थान की परछाई हूँ, परिवेष्टित स्नेहिल सा संसार, नेह में आकण्ठ बहुत हरषाई हूँ। यदा मिले याद…

  • अच्छे शिक्षक | Acche Shikshak

    अच्छे शिक्षक ( Acche Shikshak ) प्रथम गुरू है हम सबकी माता, जिसने संसार में जन्म दिया है । दूसरे गुरू हैं हम सबके पिता , पाल पोष के बड़ा किया है । तीसरे गुरू हैं हम सबके शिक्षक, जिसने संसार का ज्ञान दिया है । चौथे गुरू हैं हम सबके प्रकृति, जिसने उदार का…

  • नाम | Laghu Katha Naam

    अमेरिका से आ कर मधु माथुर दिल्ली के ऐयरपोर्ट पर उतरी तो आवश्यक पूर्ति हेतु कस्टम कक्ष में प्रवेश किया । सामान व व्यक्तिगत चैकिंग पूरी होने के बाद महिला अफसर ने कुछ कागजात मधु की ओर बढा दिए । जैसे ही मधु ने उन्हें मेज पर रख हस्ताक्षर करने के लिए रख स्वयं उनके…