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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • जादूगर-सम्राट शंकर | कला के सच्चे उपासक
    विवेचना

    जादूगर-सम्राट शंकर | कला के सच्चे उपासक

    ByAdmin August 21, 2024August 21, 2024

    जादूगर-सम्राट शंकर का हर शो पारिवारिक शो होता है। जादू ही एकमात्र ऐसा शो है, जिसके एक-एक महीने तक टिकट शो लगते हैं और भारी भीड़ जमा होती है। बड़े-से-बड़े सिंगर-डांसर इत्यादि के एक आध या दो प्रोग्राम ही होते हैं, जो पूरे परिवार के साथ बैठकर नहीं देखे जा सकते। शंकर अपनी कला के…

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  • देखा इक दिन | Ghazal Dekha ek Din
    ग़ज़ल

    देखा इक दिन | Ghazal Dekha ek Din

    ByAdmin August 21, 2024

    देखा इक दिन ( Dekha ek Din ) आंख दुश्मन की लाल कर रख दी हेकड़ी सब निकाल कर रख दी हाल आलस का ये हमारे है आज की कल पे टाल कर रख दी सच का परचम लगा है लहराने फिर हक़ीक़त निकाल कर रख दी हाथ उसके लगा नहीं कुछ पर सारी पेटी…

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  • बातिलों से जो प्यार रखते हैं
    ग़ज़ल

    बातिलों से जो प्यार रखते हैं

    ByAdmin August 21, 2024

    बातिलों से जो प्यार रखते हैं बातिलों से जो प्यार रखते हैं। ख़ुद को वो सोगवार रखते हैं। इ़शक़ बाज़ी में वो नहीं लुटते। दिल पे जो इख़्तियार रखते हैं। टाल जाते हैं मुस्कुरा कर वो। बात हम बार – बार रखते हैं। सब पे ख़ुशियां लुटाते हैं लेकिन। हम को वो अश्कबार रखते हैं‌।…

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  • श्री मज्जयाचार्य जी का 144 वां प्रयाण दिवस
    कविताएँ

    श्री मज्जयाचार्य जी का 144 वां प्रयाण दिवस

    ByAdmin August 20, 2024August 20, 2024

    श्री मज्जयाचार्य जी का 144 वां प्रयाण दिवस तेरापंथ के गणमाली , महानता के आसन पर आसीन , विनय शिरोमणी , भव्य आत्माओ के भीतर संयम का दीप जलाने वाले , अध्यात्म तत्व वेता , समत्व योग के मूर्तिमान आदर्श श्री मज्जयाचार्य जी के चरणो में मेरा शत्-शत् वन्दन ! आज के इस अवसर पर…

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  • काव्यात्मा | क्षणिकाएं
    क्षणिका

    काव्यात्मा | क्षणिकाएं

    ByAdmin August 20, 2024

    1) दृश्य बाहर देख मैं देखता अपने अंदर मौजूद काव्यात्मा 2) मैंने लिखी ये कविताएं कि सुन सकूं स्वयं को भारी शोर के बीच 3) जब चिल्लाते हो तुम कविता होती है निर्भय 4) इस बार किसी की ले ली होगी जान मेरे शब्द वाण 5) होती है अदावत शुरु होठों से 6) मैं लिखने…

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  • क्या देश में क्रिकेट अन्य खेलों को नहीं पनपने दे रहा?
    विवेचना

    क्या देश में क्रिकेट अन्य खेलों को नहीं पनपने दे रहा?

    ByAdmin August 20, 2024

    मीडिया और जनता का ध्यान अन्य खेलों में न के बराबर है। क्रिकेट पर मीडिया का अत्यधिक ध्यान अन्य खेलों को दरकिनार कर देता है, जिससे उनकी दृश्यता और प्रशंसक आधार कम हो जाता है। बैडमिंटन में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियों के बावजूद , इस खेल को शायद ही कभी मीडिया का उतना ध्यान मिलता…

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  • याद शहीदों की
    कविताएँ

    याद शहीदों की | Kavita Yaad Shahidon Ki

    ByAdmin August 20, 2024

    याद शहीदों की ( Yaad Shahidon Ki ) महा-समर में भारत के वीरों ने , प्राणों की भेंट अपनी चढ़ाई है बलिदानी हुए हैं सभी वो वीर , जिन्होंने सीने पर गोली खाई हैं।। पन्द्रह-अगस्त के दिन हम सब, देश की आजादी-पर्व मनाते हैं। जन-गण-मन राष्ट्र-गान गाकर, हम ध्वज हम अपना फहराते है।। भारत की…

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  • तुम्हारा दिल
    ग़ज़ल

    तुम्हारा दिल | Ghazal Tumhara Dil

    ByAdmin August 20, 2024

    तुम्हारा दिल ( Tumhara Dil ) तुम्हारा दिल जो चुरा ले वो सीन थोड़ी है ग़ज़ल हमारी ये ताज़ातरीन थोड़ी है उठाए कैसे तेरे नाज़ ये भी बतला दे हमारे दिल में फ़क़त तू मकीन थोड़ी है कहाँ तलक न लगे उसको बद नज़र सबकी हमारे जैसा वो पर्दानशीन थोड़ी है वो हमको जान से…

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  • हम से | Ghazal Hum Se
    ग़ज़ल

    हम से | Ghazal Hum Se

    ByAdmin August 20, 2024

    हम से ( Hum Se ) मुदावा इस ग़म-ए-दिल का किया जाता नहीं हम से। तुम्हारे बिन किसी सूरत जिया जाता नहीं हम से। दबे लफ़्ज़ों में ले लेते हैं अक्सर ग़मज़दा हो कर। तुम्हारा नाम भी खुल कर लिया जाता नहीं हम से। जो तुम आकर पिलाओ तो ख़ुशी से पी के मर जाएं।…

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  • आगे से | Kavita Aage Se
    कविताएँ

    आगे से | Kavita Aage Se

    ByAdmin August 20, 2024

    आगे से ( Aage Se ) वचन लिया हमने भइया से, कच्चे सूत के धागे से, करो हमारी रक्षा भईया, बढ़कर तुम ही आगे से, देखो डिग ना जाना भाई, तुम अपने इस वादे से, इल्ज़ाम न लेना सिर कोई, वचन निभाना आगे से, भाई-बहना के बीच भले, तकरार कोई भी हो जाए, अहंकार मत…

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