याद शहीदों की

याद शहीदों की | Kavita Yaad Shahidon Ki

याद शहीदों की

( Yaad Shahidon Ki )

महा-समर में भारत के वीरों ने ,
प्राणों की भेंट अपनी चढ़ाई है
बलिदानी हुए हैं सभी वो वीर ,
जिन्होंने सीने पर गोली खाई हैं।।

पन्द्रह-अगस्त के दिन हम सब,
देश की आजादी-पर्व मनाते हैं।
जन-गण-मन राष्ट्र-गान गाकर,
हम ध्वज हम अपना फहराते है।।

भारत की आजादी की खातिर
जो अपनी खुशियाँ तक भूल गये।
कितनों ने लाठी खाई लाठी और,
कितने ही फाँसी पर झूल गये।।

याद शहीदों को करते है हम
स्मृति उनकी हृदय में बसाई हैं
महा-समर में भारत के वीरों ने,
प्राणों की भेंट अपनी चढ़ाई है।।

Pratibha

आशी प्रतिभा दुबे (स्वतंत्र लेखिका)
ग्वालियर – मध्य प्रदेश

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