बातिलों से जो प्यार रखते हैं

बातिलों से जो प्यार रखते हैं

बातिलों से जो प्यार रखते हैं।
ख़ुद को वो सोगवार रखते हैं।

इ़शक़ बाज़ी में वो नहीं लुटते।
दिल पे जो इख़्तियार रखते हैं।

टाल जाते हैं मुस्कुरा कर वो।
बात हम बार – बार रखते हैं।

सब पे ख़ुशियां लुटाते हैं लेकिन।
हम को वो अश्कबार रखते हैं‌।

उनको दुनिया पसंद करती है।
दिल में जो इन्किसार रखते हैं।

फिर न खा जाएं उनसे हम धोखा।
ख़ुद को यूं होशियार रखते हैं।

ह़स्नो अख़लाक़ से जो हैं ग़ाफ़िल।
उनको हम दरकिनार रखते हैं।

कैसे आख़िर ‘फ़राज़’ ख़ुश हों हम।
रन्जो ग़म बेशुमार रखते हैं।

सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़

पीपलसानवी

यह भी पढ़ें:-

हम से | Ghazal Hum Se

Similar Posts

  • फिर कोई ख़्वाब | Ghazal Phir koi Khwab

    फिर कोई ख़्वाब ( Phir koi Khwab )   फिर कोई ख़्वाब निगाहों मे बसाने आजा फिर मेरे घर को करीने से सजाने आजा एक मुद्दत से तरसता हूँ तेरी सूरत को ग़मज़दा हूँ मुझे तस्कीन दिलाने आजा तुझको लेकर हैं परेशाँ ये दर-ओ-दीवारें अपना हमराज़ इन्हें फिर से बनाने आजा जिसको सुनते ही ग़म-ए-दिल…

  • रह गए हम | Rah Gaye Hum

    रह गए हम हम नज़र होते होते रह गए हमहमसफ़र होते होते रह गए हम शब में लगने लगा मुकम्मल हैऔर सहर होते होते रह गए हम हमने सोचा किसी के हो जाएँहाँ मगर होते होते रह गए हम बस कहानी थी यूँ तो कहने कोचश्मे-तर होते होते रह गए हम साथ हमने बाताए सात…

  • उठाने के बाद | Uthaane ke Baad

    उठाने के बाद ( Uthaane ke Baad ) दिल की महफ़िल से मुझको उठाने के बादकोई रोता रहा मुस्कुराने के बाद उनके तीर – ए – नज़र का बड़ा शुक्रियाज़िन्दगी खिल उठी चोट खाने के बाद हौसलों को नई ज़िंदगी दे गयाएक जुगनू कहीं झिलमिलाने के बाद उसने दीवाना दिल को बना ही दियाइक निगाह…

  • लौट आ अब तू कहाँ है | Laut aa Ab

    लौट आ अब तू कहाँ है ( Laut aa ab tu kahan hai )    तू दिखा यूं मत गुमाँ है और भी देखो मकाँ है फूल दूँ कैसे उसे अब वो नहीं अब दरमियाँ है दिल यहाँ लगता नहीं अब वो हुआ जब से निहाँ है उस हसीं से तू मिला दे ये ख़ुदा…

  • कोई अब अरमान नहीं है | Arman Shayari

    कोई अब अरमान नहीं है ( Koi ab arman nahin hai )    प्यार की पहचान नहीं है कोई अब इंसान नहीं है इस जगत में कौन है ऐसा जो यहाँ मेहमान नहीं है हर कोई मायूस लगे अब चेहरों पर मुस्कान नहीं है बाप की बातें न ले दिल पर ये तेरा अपमान नहीं…

  • शान तिरंगा | Shaan Tiranga

    शान तिरंगा ( Shaan tiranga )    जान तिरंगा शान तिरंगा ? है मेरा तो मान तिरंगा भारत की शान बनेंगे हम है अपनी पहचान तिरंगा लड़ जाऊंगा हर दुश्मन से वो मेरी है जान तिरंगा फ़हरा हूँ रोज़ हिमालय पर है मेरा अरमान तिरंगा सुर भारत के इतने अच्छे होठों पर है गान तिरंगा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *