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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • आप की याद
    ग़ज़ल

    आप की याद | Ghazal Aap ki Yaad

    ByAdmin August 4, 2024

    आप की याद ( Aap ki Yaad ) शादमानी का एक लशकर है। आप की याद सब से बेहतर है। दिल ही मिट जाएगा मिटाएं तो। आप का नाम दिल के अन्दर है। किसकी किससे मिसाल दें बोलो। एक से एक जग में बरतर है। मोह लेता है आन में दिल को। आप का ह़ुस्न…

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  • सावन की फुहार | Kavita Sawan ki Fuhar
    कविताएँ

    सावन की फुहार | Kavita Sawan ki Fuhar

    ByAdmin August 3, 2024

    सावन की फुहार ( Sawan ki Fuhar ) सावन की पड़ें फुहार तन मन में मस्ती छा जाए मेघा गाएं राग मल्हार जियरा धक-धक करता जाए ।। जियरा धक-धक करता जाए दिल में कोई हूक उठाए धरती अंबर का ये प्यार जियरा धक-धक करता जाए।। सावन की पड़े फुहार तन-मन में मस्ती छा जाए ।।…

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  • आज़ादी
    कविताएँ

    आज़ादी | Hindi Poem Azadi

    ByAdmin August 3, 2024August 3, 2024

    आज़ादी ( Azadi ) है कोई सैनानी सड़कों पर आ कर हम को भी दिलाऐ मंहगाई,बेरोजगारी, अशिक्षा और असमानता से, भूखमरी, अल्प पगारी, मिलावट और मक्कारी से, आज़ादी,,,!!! है कोई सैनानी सड़कों पर आ कर हम को भी दिलाऐ पूंजीवाद, जमाखोरी, भ्रम और भ्रष्टाचारी से, घृणा,अपमान, छूआछूत की बिमारी से, आज़ादी,,,!!! है कोई सैनानी सड़कों…

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  • बलजीत सिंह : खेती करते हुए दस किताबें लिखने वाले अद्भुत लेखक की कहानी
    विवेचना

    बलजीत सिंह : खेती करते हुए दस किताबें लिखने वाले अद्भुत लेखक की कहानी

    ByAdmin August 3, 2024

    अलग-अलग विधाओं में दस पुस्तकें लिख चुके हांसी के राजपुरा के बलजीत सिंह; पेशे से किसान होने के साथ ही मन और आत्मा से एक सच्चे साहित्यकार भी हैं। हिसार के जाने-माने साहित्यकार डॉ० रामनिवास ‘मानव’ को अपना गुरुवर मानते है और हिसार के छाजूराम मेमोरियल जाट कॉलेज में उनसे हिंदी पढ़े हैं। काॅलेज के…

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  • गौर किया कर
    कविताएँ

    गौर किया कर | Kavita Gaur Kiya Kar

    ByAdmin August 3, 2024

    गौर किया कर ( Gaur Kiya Kar ) जुमला है ये कठिन मगर कर, सोच समझ अपनाया कर, किसी को हानि न पहुचे वो कर, खुद को भी हर्षाया कर, जोड़ के अपने दोनो कर, सदा बड़ों का आदर कर, कहा गया जो सदा ही कर, प्रभु सम्मुख शीश झुकाया कर, मत औरों की निंदा…

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  • मोहन सी प्रीति
    कविताएँ

    मोहन सी प्रीति | Kavita Mohan see Preeti

    ByAdmin August 3, 2024August 3, 2024

    मोहन सी प्रीति ( Mohan see Preeti ) मन का भोलापन कैसे बताए, कभी खिला-खिला कभी मुरझाए। कहता नहीं फिर भी कहना चाहे, बिन जाने सुने तर्कसंगत बन जाए। गम का छांव लिपटस सा लिपट ले, तो अनमना मन कभी रूदन को चुन ले। संघर्ष से डरता नहीं फिर भी अग्रसर नहीं, तूफानो से भिड़ता…

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  • टूट जाता है
    ग़ज़ल

    टूट जाता है | Ghazal Toot Jata Hai

    ByAdmin August 3, 2024August 3, 2024

    टूट जाता है ( Toot Jata Hai ) बिना जज्बात के रिश्ता सभी का टूट जाता है अगर मतभेद हो घर में सयाना टूट जाता है खिलौना दिल बनाकर जो किया था पेश दिलवर को कहा उसने तुम्हारा ये खिलौना टूट जाता है नही है शौक दर्पण को कि पत्थर से कभी खेले उसे मालूम…

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  • मनुष्य जीवन | Kavita Manushya Jeevan
    कविताएँ

    मनुष्य जीवन | Kavita Manushya Jeevan

    ByAdmin August 3, 2024

    मनुष्य जीवन ( Manushya Jeevan ) मानव जीवन की गाथा तुमको सुनता हूँ। जीवन का एक सत्य तुमको बताता हूँ। मानवता का दृश्य भी तुमको दिखता हूँ। किस्मत का भी खेल तुमको बताता हूँ।। आया हो संसार में लेकर मानव जन्म। पूरब भव में तुमने किये थे अच्छे कर्म। इसलिए तो तुमको मिला है मानव…

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  • नहीं संभलते हैं | Ghazal Nahi Sambhalte Hai
    ग़ज़ल

    नहीं संभलते हैं | Ghazal Nahi Sambhalte Hai

    ByAdmin August 3, 2024

    नहीं संभलते हैं ( Nahi Sambhalte Hai ) हसीन ख़्वाब निगाहों में जब से पलते हैं क़दम हमारे हमीं से नहीं संभलते हैं इसी सबब से ज़माने के लोग जलते हैं वो अपने कौल से हरगिज़ नहीं बदलते हैं छुपाये रखते हैं हरदम उदासियाँ अपनी सितम किसी के किसी पर नहीं उगलते हैं रह-ए-हयात में…

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  • बरसात का आगमन
    कविताएँ

    बरसात का आगमन | Kavita Barsaat ka Aagman

    ByAdmin August 3, 2024August 3, 2024

    बरसात का आगमन ( Barsaat ka Aagman ) एक गौरैया बारिश में अपने पंख फैलाकर जब नहाती है तब सूचना देती है वह बारिश के आगमन का। और बादल आपस मे टकराकर टूटते है, बिखरते ही अपनी बूंदो को इस धरा पर दूर किसी बस की खिड़की में तब झाँकता दिखलाई देता है एक धुंधला-सा…

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