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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • धर्म साधना का महीना
    कविताएँ

    धर्म साधना का महीना | Dharma Sadhana ka Mahina

    ByAdmin August 5, 2024

    धर्म साधना का महीना ( Dharma Sadhana ka Mahina ) लगा है सावन का महीना विचारो में आस्था जगी है। धर्म की ज्योति भी देखो दिलों में जल उठी है। तभी तो सावन में देखो मंदिरो में भीड़ लगी है। और प्रभु दर्शन पाने की सभी में होड़ लगी है।। सिर अपना झूका कर प्रभु…

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  • प्रेम का नाता
    कविताएँ

    प्रेम का नाता | Kavita Prem ka Nata

    ByAdmin August 5, 2024August 5, 2024

    प्रेम का नाता ( Prem ka Nata ) यह कैसा, प्रेम का नाता है? कितनी भी ,अनबन हो चाहे । यह पुनः ,लौट कर आता है। जितना बचना ,चाहें इससे । यह उतना, बढ़ता जाता है। हटाकर घृणा, को यह पुनः। अपना स्थान, बनाता है । सबकी चालों, को सहकर भी। यह हर क्षण ,…

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  • आधुनिक आयुर्वेद ऋषि है : आचार्य बालकृष्ण
    विवेचना

    आधुनिक आयुर्वेद ऋषि है : आचार्य बालकृष्ण

    ByAdmin August 5, 2024August 5, 2024

    भारत के जन-जन में जहां एलोपैथिक दवाओं का साम्राज्य फैला हो उनके बीच जिस व्यक्ति ने घर-घर में आयुर्वेद की अलख जगाया उनमें आचार्य बालकृष्ण का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उनका जन्म 4 अगस्त 1972 ई को हरिद्वार के उत्तराखंड में हुआ था। इनकी माता का नाम सुमित्रा देवी एवं पिता का नाम…

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  • hariyali teej
    विवेचना

    सावन में खुशियों के बीज बोने आती हरियाली तीज

    ByAdmin August 4, 2024August 8, 2024

    श्रावण का महीना महिलाओं के लिए विशेष उल्लास का महीना होता है। इस महीने में आने वाले अधिकांश लोक पर्व महिलाओं द्वारा ही मनाए जाते हैं। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को श्रावणी तीज कहते हैं। इसे हरितालिका तीज भी कहते हैं। जनमानस में यह हरियाली तीज के नाम से जानी जाती…

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  • डॉ. सत्यवान सौरभ की कविताएं | Dr. Satyawan Saurabh Hindi Poetry
    कविताएँ

    डॉ. सत्यवान सौरभ की कविताएं | Dr. Satyawan Saurabh Hindi Poetry

    ByAdmin August 4, 2024July 29, 2025

    “ये कांवड़ उठाने से कुछ नहीं होगा” कांवड़ उठाए घूम रहा है,कंधों पे धर्म लादे जा रहा है,गांव का होनहार मर गया,माँ बेटे की राख छू रही है……और सरकार चुप है। शिक्षक था बाप, फिर भी मौन रहा,सिखा न सका—कि आस्था नहीं, पढ़ाई बचाती है!पर वो चुप रहा…क्योंकि आस-पास मंदिर थेऔर इलेक्शन नज़दीक था। बच्चा…

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  • दोस्त | Kavita Dost
    कविताएँ

    दोस्त | Kavita Dost

    ByAdmin August 4, 2024September 19, 2024

    दोस्त ( Dost ) ( 2 ) दोस्त बिना है जीवन अधूरा लड्डू सी है गजब दोस्ती आटा संग जैसे रमे बूरा बिन कहे पहचान सब जाए ह्दय मन हलचल का हाल पूरा मित्रता नमक और पानी धरती और फसल धानी ना शर्म झिझक ना कोई बने ज्ञानी कृष्ण सुदामा की अनुपम कहानी बचपन से…

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  • मित्र दिवस | Kavita Mitra Divas
    कविताएँ

    मित्र दिवस | Kavita Mitra Divas

    ByAdmin August 4, 2024

    मित्र दिवस ( Mitra Divas ) चेहरा भूल जाओगे तो, शिकायत नहीं करेंगे। नाम भूल जाओगे तो, गिला नहीं करेंगे। और मेरे दोस्त, दोस्ती कि कसम है तुझे। जो दोस्ती भूल जाओगे, तो कभी माफ नहीं करेंगे। खुशी से दिल, आबाद करना मेरे दोस्त। और गम को दिल से आज़ाद करना। हमारी बस इतनी, गुजारिश…

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  • गठबंधन | Kavita Gathbandhan
    कविताएँ

    गठबंधन | Kavita Gathbandhan

    ByAdmin August 4, 2024

    गठबंधन ( Gathbandhan ) तेरे मेरे मिलन से हम लोग खुश है। मानो जैसे जिंदगी अब करीब आ गई हो। जतन किये थे हमने इसलिए मिल गये हो। और मेरी जिंदगी में फूल खिला दिये हो।। प्यार मोहब्बत करते नही तो हम दोनों मिल नहीं पाते। जिंदगी की हकीकत को हम समझ नही पाते। और…

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  • तेरी अदाएं
    गीत

    तेरी अदाएं | Geet Teri Adayein

    ByAdmin August 4, 2024

    तेरी अदाएं ( Teri Adayein ) बहुत ख़ूबसूरत हैं तेरी अदाएं। कहां तक सनम तुझसे नज़रें चुराएं। ये काजल की डोरी,ये माथे की बिंदिया। चुराती हैं रह-रह के आंखों की निंदिया। तिरे अबरुओं के ये मंज़र निराले। तसव्वुर में आ-आ के दिल गुदगुदाएं। कहां तक सनम तुझसे नज़रे चुराएं। बदन तेरा जैसे गुलाबों की डाली।…

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  • हे राजन | Ghazal Hey Rajan
    ग़ज़ल

    हे राजन | Ghazal Hey Rajan

    ByAdmin August 4, 2024August 4, 2024

    हे राजन ( Hey Rajan ) हे, राजन तेरे राज में,रोजगार नही है, मुफ़लिसों को वाजिब, पगार नही है। ==================== है खास जिनके धन के अंबार लगे है, देखो गरीब तुम्हारे, गुनाहगार नही है। ==================== ये कोई दुश्मन नही है तेरे तरस करो, भूखे है शोहरत के,तलबगार नही है। ==================== भर पेट खाना,बदन को छत…

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