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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Show off for what
    विवेचना

    दिखावा किस के लिए ?

    ByAdmin July 30, 2024

    एक बार फिर में आपके सामने एक ऐसा विषय लेकर आया हूँ जिस पर आज की युवा पीड़ी बहुत ही तेजी से इस ज़माने में भाग रही है । क्या ये सब उनके लिए उचित है ? इस चमकती दमकती दुनिया को वो लोग भी उसी चश्मे से देख रहे है जिस हिसाब से उन्हें…

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  • ब्रह्मचर्य | शक्ति का स्रोत है
    विवेचना

    ब्रह्मचर्य | शक्ति का स्रोत है

    ByAdmin July 30, 2024

    ब्रह्मचर्य को समझने के लिए हनुमान जी महाराज को समझना होगा। हनुमान जी महाराज अतुलित बलवान हैं। वे ऐसे बलशाली हैं जिसकी कोई तुलना न की जा सके। कई लोगों को लगता है कि हनुमान जी महाराज कैसे संपूर्ण पहाड़ को उखाड़ सकते हैं लेकिन शक्तिशाली, अखंड ब्रह्मचारी व्यक्ति के लिए सब कुछ संभव है।…

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  • सावन मास | Kavita Sawan Maas
    कविताएँ

    सावन मास | Kavita Sawan Maas

    ByAdmin July 30, 2024

    सावन मास ( Sawan Maas ) सावन के मास में वो, शिवजी पर जल ढारत है। बेल पत्ती और फूलों से, पूजा नित्यदिन करती हैं। मनोकामना पूरी कर दो, सावन के इस महीने में। मिलवा दो प्रभु अब मुझे, उस जीवन साथी से। जिसके सपने देख रही, मानो कितने वर्षों से। अब की बार खाली…

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  • तनी देखिला अहिरन कै ताकत
    भोजपुरी कविता

    तनी देखिला अहिरन कै ताकत | Tani Dekhila

    ByAdmin July 29, 2024July 29, 2024

    तनी देखिला अहिरन कै ताकत हर जुग में आपन हव एक थ्यूरी, तनी देखिला…. तनी देखिला अहिरन कै ताकत गोरी, तनी देखिला…. नीचे निगोटा और सिर पर फेटा, जईहा समझ गोरी अहिरे कै बेटा। छेड़बू तौ बन जाई आफत गोरी, तनी देखिला….. तनी देखिला अहिरन कै ताकत गोरी, तनी देखिला….. हर जुग में आपन हव…

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  • जलेश्वर, भिट्टामोड़ में नेपाल-भारत सीमा द्वार
    कविताएँ

    हम भारत और नेपाल हैं | Kavita Nepal Bharat Sambandh Par

    ByAdmin July 29, 2024August 17, 2024

    हम भारत और नेपाल हैं ( Hum Bharat Aur Nepal Hain )  हम भारत और नेपाल हैं एक सुदामा तो एक गोपाल हैं सदियों से हम एक हैं भिन्नताएं न अनेक है एक पहाड़ के छांव है एक ही शहर गांव है हम दोनों ठहरते हैं जहां मानो एक ही चौपाल है एक सुदामा एक…

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  • राज़
    कविताएँ

    राज़ | Kavita Raaj

    ByAdmin July 29, 2024July 29, 2024

    राज़ ( Raaj ) दिवाली की रात आने वाली है, पर दिवाली ही क्यों? रोजमर्रा की जरूरत गरीबी ,लाचारी, सुरसा के मुंह की तरह मुंह खोल खड़ी है। जाने क्या गज़ब ढाने गई है वो? लौट के जब आएगी, चंद तोहफ़े लायेगी। भूख ,प्यास से, बिलख रही है उससे जुड़ी जि़दगीयां अचानक अचंभा हुआ—— कुछ…

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  • शिवम मैमोरियल संस्था द्वारा भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह
    साहित्यिक गतिविधि

    शिवम मैमोरियल संस्था द्वारा भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

    ByAdmin July 29, 2024July 29, 2024

    शिवम मैमोरियल साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था ने शिवम् की जयंती के अवसर पर एक भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन ख़ुश लोक सभागार में हुआ, जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध शायर विनय साग़र जायसवाल ने की। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे,…

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  • आपका ह़ुस्न-ए-क़यामत
    ग़ज़ल

    आपका ह़ुस्न-ए-क़यामत | Aap ka Husn-e-Qayamat

    ByAdmin July 29, 2024

    आपका ह़ुस्न-ए-क़यामत ( Aap ka Husn-e-Qayamat ) आप का ह़ुस्न-ए-क़यामत आह हा हा आह हा। उस पे यह रंग-ए-ज़राफ़त आह हा हा आह हा। देख कर तर्ज़-ए-तकल्लुम आप का जान-ए-ग़ज़ल। मिल रही है दिल को फ़रह़त आह हा हा आह हा। फूल जैसे आप के यह सुर्ख़ लब जान-ए-चमन। उन पे फिर लफ़्ज़-ए-मुह़ब्बत आह हा…

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  • सावन महिना भाता है
    कविताएँ

    सावन महिना भाता है | Sawan Mahina Bhata Hai

    ByAdmin July 29, 2024

    सावन महिना भाता है ( Sawan Mahina Bhata Hai ) सावन का महीना चल रहा शिव-पार्वती जी का आराम। गृहस्थ और कुवारों को भी काम काज से मिली है छुट्टी। जिसके चलते कर सकते है शिव-पार्वती जी की भक्ति। श्रध्दा भक्ति हो गई कबूल तो मिल जायेंगे साक्षात दर्शन।। कहते है साधु-संत और भक्तगण होता…

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  • सावन फुहार | Kavita Sawan Fuhaar
    कविताएँ

    सावन फुहार | Kavita Sawan Fuhaar

    ByAdmin July 29, 2024July 29, 2024

    सावन फुहार ( Sawan Fuhaar ) रिमझिम जो सावन फुहार बरसी, जमीं को बुझना था फिर भी तरसी, जो बिखरीं जुल्फों मे फूटकर के, वो बूंद जैसे जमीं को तरसी, रिमझिम जो…………. हमारे हाॅथों मे हाॅथ होता, पुकार सुनकर ठहर जो जाते, बहार ऐसे न रूठ जाती, बरसते सावन का साथ पाते, अजी चमन मे…

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