दिखावा किस के लिए ?
एक बार फिर में आपके सामने एक ऐसा विषय लेकर आया हूँ जिस पर आज की युवा पीड़ी बहुत ही तेजी से इस ज़माने में भाग रही है । क्या ये सब उनके लिए उचित है ? इस चमकती दमकती दुनिया को वो लोग भी उसी चश्मे से देख रहे है जिस हिसाब से उन्हें…
एक बार फिर में आपके सामने एक ऐसा विषय लेकर आया हूँ जिस पर आज की युवा पीड़ी बहुत ही तेजी से इस ज़माने में भाग रही है । क्या ये सब उनके लिए उचित है ? इस चमकती दमकती दुनिया को वो लोग भी उसी चश्मे से देख रहे है जिस हिसाब से उन्हें…
ब्रह्मचर्य को समझने के लिए हनुमान जी महाराज को समझना होगा। हनुमान जी महाराज अतुलित बलवान हैं। वे ऐसे बलशाली हैं जिसकी कोई तुलना न की जा सके। कई लोगों को लगता है कि हनुमान जी महाराज कैसे संपूर्ण पहाड़ को उखाड़ सकते हैं लेकिन शक्तिशाली, अखंड ब्रह्मचारी व्यक्ति के लिए सब कुछ संभव है।…
सावन मास ( Sawan Maas ) सावन के मास में वो, शिवजी पर जल ढारत है। बेल पत्ती और फूलों से, पूजा नित्यदिन करती हैं। मनोकामना पूरी कर दो, सावन के इस महीने में। मिलवा दो प्रभु अब मुझे, उस जीवन साथी से। जिसके सपने देख रही, मानो कितने वर्षों से। अब की बार खाली…
तनी देखिला अहिरन कै ताकत हर जुग में आपन हव एक थ्यूरी, तनी देखिला…. तनी देखिला अहिरन कै ताकत गोरी, तनी देखिला…. नीचे निगोटा और सिर पर फेटा, जईहा समझ गोरी अहिरे कै बेटा। छेड़बू तौ बन जाई आफत गोरी, तनी देखिला….. तनी देखिला अहिरन कै ताकत गोरी, तनी देखिला….. हर जुग में आपन हव…
हम भारत और नेपाल हैं ( Hum Bharat Aur Nepal Hain ) हम भारत और नेपाल हैं एक सुदामा तो एक गोपाल हैं सदियों से हम एक हैं भिन्नताएं न अनेक है एक पहाड़ के छांव है एक ही शहर गांव है हम दोनों ठहरते हैं जहां मानो एक ही चौपाल है एक सुदामा एक…
राज़ ( Raaj ) दिवाली की रात आने वाली है, पर दिवाली ही क्यों? रोजमर्रा की जरूरत गरीबी ,लाचारी, सुरसा के मुंह की तरह मुंह खोल खड़ी है। जाने क्या गज़ब ढाने गई है वो? लौट के जब आएगी, चंद तोहफ़े लायेगी। भूख ,प्यास से, बिलख रही है उससे जुड़ी जि़दगीयां अचानक अचंभा हुआ—— कुछ…
शिवम मैमोरियल साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था ने शिवम् की जयंती के अवसर पर एक भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन ख़ुश लोक सभागार में हुआ, जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध शायर विनय साग़र जायसवाल ने की। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे,…
आपका ह़ुस्न-ए-क़यामत ( Aap ka Husn-e-Qayamat ) आप का ह़ुस्न-ए-क़यामत आह हा हा आह हा। उस पे यह रंग-ए-ज़राफ़त आह हा हा आह हा। देख कर तर्ज़-ए-तकल्लुम आप का जान-ए-ग़ज़ल। मिल रही है दिल को फ़रह़त आह हा हा आह हा। फूल जैसे आप के यह सुर्ख़ लब जान-ए-चमन। उन पे फिर लफ़्ज़-ए-मुह़ब्बत आह हा…
सावन महिना भाता है ( Sawan Mahina Bhata Hai ) सावन का महीना चल रहा शिव-पार्वती जी का आराम। गृहस्थ और कुवारों को भी काम काज से मिली है छुट्टी। जिसके चलते कर सकते है शिव-पार्वती जी की भक्ति। श्रध्दा भक्ति हो गई कबूल तो मिल जायेंगे साक्षात दर्शन।। कहते है साधु-संत और भक्तगण होता…
सावन फुहार ( Sawan Fuhaar ) रिमझिम जो सावन फुहार बरसी, जमीं को बुझना था फिर भी तरसी, जो बिखरीं जुल्फों मे फूटकर के, वो बूंद जैसे जमीं को तरसी, रिमझिम जो…………. हमारे हाॅथों मे हाॅथ होता, पुकार सुनकर ठहर जो जाते, बहार ऐसे न रूठ जाती, बरसते सावन का साथ पाते, अजी चमन मे…