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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • ये बारिशें
    कविताएँ

    ये बारिशें | Kavita Ye Baarishein

    ByAdmin June 28, 2024June 28, 2024

    ये बारिशें ( Ye Baarishein ) ये बारिशें धो रही हैं मैल अम्बर के मन का ये बारिशें भिगो रही हैं अंतस प्यासी धरा का ये बारिशें बदलने आईं हैं मौसमों के गर्म मिज़ाज ये बारिशें सुनाने आईं हैं फिज़ाओं को दिल का हाल ये बारिशें दिलों को ले चलीं हैं उन्माद की ओर कहीं…

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  • मौसम ने | Mausam Ne
    कविताएँ

    मौसम ने | Mausam Ne

    ByAdmin June 28, 2024

    मौसम ने ( Mausam Ne ) बदलते मौसम का अंदाज बहुत रंग ला रहा। वायू मंडल में घटाओं को जो बिखेर रहा। पेड़ पौधे फूल पत्ती आदि लहरा रहे है। और मंद मंद हवाओं से खुशबू को बिखर रहा।। नजारा देख ये जन्नत का किसी की याद दिला रहा। नदी तालाब बाग बगीचा भी अपनी…

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  • Bharat ki Dharti
    कविताएँ

    मेरा भारत सबसे प्यारा | Kavita Mera Bharat Sabse Pyara

    ByAdmin June 27, 2024

    मेरा भारत सबसे प्यारा ( Mera Bharat Sabse Pyara ) विश्व पटल गुरु पदवी, उद्गम स्थल सनातन धर्म । ऋषि मुनि वृंद तपोभूमि, श्रम निष्ठता सफलता मर्म । नैसर्गिक सौंदर्य मनभावन, परिवेश मानवता उन्मुख सारा । मेरा भारत सबसे प्यारा ।। अनूप संस्कृति स्नेहिल छटा, मर्यादा परंपरा जीवन दर्शन । तीज त्यौहार व्रत मनोरमा, रग…

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  • girmitiya mahakavya
    पुस्तक समीक्षा

    कल्पना लालजी के गिरमिटिया महाकाव्य में भारतीय संस्कृति और परिवेश बोध – डॉ. राजेश कुमार ‘माँझी’

    ByAdmin June 27, 2024June 27, 2024

    हम सभी जानते हैं कि बीसवीं सदी में अनेक भारतीय लोगों को कैरेबियन देशों अर्थात् फिज़ी, मौरिशस, सूरिनाम, गयाना, त्रिनिडाड आदि देशों में शर्तबंदी प्रथा के अंतर्गत भारत से ले जया गया जिन्हें गिरमिटिया मज़दूर के नाम से जाना जाता है । वे सशरीर भले ही विदेशों में रहे परंतु उनका मन भारत की सभ्यता,…

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  • सादगी | Laghu Katha Saadgi
    कविताएँ

    सादगी | Laghu Katha Saadgi

    ByAdmin June 27, 2024

    निशांत आज अपनी मां के साथ लड़की देखने गया उसकी मां ने निशांत के कहने पर मॉर्डन दिखने वाली लड़की की खोज पूरी कर ली थी। निशांत की मां ने आज उसे लड़की से मिलने के लिए मना ही लिया था ताकि वो भी शादी करके अपना घर बसा ले पर मामला यहां तो उल्टा…

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  • जवानी | Ghazal Jawani
    ग़ज़ल

    जवानी | Ghazal Jawani

    ByAdmin June 27, 2024

    जवानी ( Jawani ) जब जवानी ने खेल खेले थे हर तरफ फूल थे व मेले थे हम कभी भूल ना सकेंगे की फूल के साथ हम अकेले थे हां, झमेले भी थे मगर यारों वे सुगंधित हसीं झमेले थे काम था नाम था जवानी थी जेब में लाख लाख धेले थे वास्ता सिर्फ था…

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  • फूलों का रंग 
    कविताएँ

    फूलों का रंग | Kavita Phoolon ka Rang

    ByAdmin June 27, 2024June 27, 2024

    फूलों का रंग  ( Phoolon ka Rang ) फूलों का रंग लाल होता है। खुशबू का रंग नही होता है। बागो का रंग हरा होता है। पर मोहब्बत का रंग नही होता।। दिल का रंग लाल होता है। करने वालों का रंग नही होता। प्रेम दिवस का रंग लाल होता है। लेकिन प्यार का रंग…

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  • न्याय चले खाट~खट
    कविताएँ

    न्याय चले खाट~खट

    ByAdmin June 27, 2024

    न्याय चले खाट~खट भरे बाजार न्याय बिकने तैयार l पहन काला कोट दलाल खड़े दो~चार l मस्त ग्राहकों की है मगर दरकार l जिनकी जेब में हो दौलत बेशुमार l भ्रष्टाचारी~ माफिया, नेता इनके हैं यार l मुंह मांगी कीमत दे ऐसा हो खरीददार l ऐसा पापी न्याय बिके सरे बाजार l जनता हो खबरदार…

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  • होता वही भगवान को जो मंजूर
    कविताएँ

    होता वही भगवान को जो मंजूर

    ByAdmin June 27, 2024

    होता वही भगवान को जो मंजूर होता वही है, हे भगवान! जो मंजूर आपको होता है। किसी के कुछ भी चाहने से, किसी के ना कुछ चाहने से, क्या होता है? होता वही है, हे भगवान ! जो मंजूर आपको होता है। हे सर्वेश्वर ! हे सर्वशक्तिमान! हे सर्व समर्थवान ! हे पालनहार !सब जग…

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  • Ram Hey Ram
    कविताएँ

    उमर लडकइयाॅ

    ByAdmin June 26, 2024

    उमर लडकइयाॅ उमर लडकइयाॅ मे नशा है तमाम, का जानी कारण का है मेरे राम, चिंता मे चैन नहीं दिन रातन के, आबा लगाई पता इन बातन के, फेर कसी उनके नशा मा लगाम, का जानी कारण का है मेरे राम, उमर लडकइयाॅ मे नशा है तमाम, का जानी कारण का है मेरे राम, सबहि…

    Read More उमर लडकइयाॅContinue

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