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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • पापा है आधार !!
    कविताएँ

    पापा है आधार !!

    ByAdmin June 16, 2024June 16, 2024

    पापा है आधार !! हम कच्चे से है घड़े, और पिता कुम्हार ! ठोक पीट जो डांट से, हमको दे आकार !! सिर पे ठंडी छाँव-सा, पिता नीम का पेड़ ! कड़वा लगता है मगर, है जीवन की मेड़ !! पाई-पाई जोड़ता, पिता यहाँ दिन रात ! देता हैं औलाद को, खुशियों की सौगात !!…

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  • हक़दार नहीं थे | Ghazal Haqdaar Nahi The
    ग़ज़ल

    हक़दार नहीं थे | Ghazal Haqdaar Nahi The

    ByAdmin June 16, 2024

    हक़दार नहीं थे ( Haqdaar Nahi The ) कुछ दोस्त हमारे ही वफ़ादार नहीं थे वरना तो कहीं हार के आसार नहीं थे ख़ुद अपने हक़ों के हमीं हक़दार नहीं थे हम ऐसी सियासत के तलबगार नहीं थे झुकने को किसी बात पे तैयार नहीं थे क्यों हम भी ज़माने से समझदार नहीं थे हर…

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  • सोशल मीडिया पर हरियाणवी रागनी एवं रचनाओं से समाज को संदेश देते मौजु डॉक्टर दिनोद
    साहित्यिक गतिविधि

    सोशल मीडिया पर हरियाणवी रागनी एवं रचनाओं से समाज को संदेश देते मौजु डॉक्टर दिनोद

    ByAdmin June 16, 2024June 16, 2024

    (पशु-सेवा को समर्पण के साथ-साथ माैजु डॉक्टर लेखन क्षेत्र में आगे बढ़ते गए। पिछले दो दशक से मौजु डॉक्टर अपने लिखे गीतों-कविताओं के साथ-साथ हमारे प्राचीन/वरिष्ठ लोक कवियों की रचनाओं को समाज के सामने लाकर समाज को हरियाणावी संस्कृति से जोड़ने का अतुल्य प्रयास कर रहे हैं। पेशे से पशु चिकित्सा एवं विकास सहायक मनोज़…

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  • बाद तुम्हारे
    कविताएँ

    बाद तुम्हारे | Kavita Baad Tumhare

    ByAdmin June 16, 2024

    बाद तुम्हारे ( Baad Tumhare ) जो आशा के बीज थे बोए, उन पर वक्त के ऑसू रोए, छोंड़ गए तुम साथ हमारा, कैसे हो बिन तेरे गुजारा, आज नहीं तुम साथ हो मेरे, तब चिंता घेरे बहुतेरे, कैसे सबसे पार मै पाऊं, विकट परिस्थित घबरा जाऊं, आती है अब याद तुम्हारी, पापा हर एक…

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  • क्या होता है पिता
    कविताएँ

    क्या होता है पिता

    ByAdmin June 16, 2024

    क्या होता है पिता क्या होता है पिता, यह अहसास होता है तब। बनता है जब कोई पिता, अनाथ कोई होता है जब ।। क्या होता है पिता—————————।। रहकर मुफलिसी में पिता, बच्चों को भूखे नहीं रखता। छुपा लेता है अपने दर्द और आँसू, खुश बच्चों को वह रखता।। भूलाकर बच्चों की गलती ,पिता ही…

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  • अब मैं तुम्हें चाहने लगा
    कविताएँ

    अब मैं तुम्हें चाहने लगा

    ByAdmin June 15, 2024

    अब,मैं तुम्हें चाहने लगा अंतरंग विमल प्रवाह, प्रीत पथ भव्य लगन । मृदुल मधुर चाह बिंब, तन मन अनंत मगन । निहार अक्स अनुपमा, हृदय मधुर गाने लगा । अब,मैं तुम्हें चाहने लगा ।। जनमानस व्यवहार पटल, सर्वत्र खनक सनक । परिवार समाज रिश्ते नाते, सबको हो गई भनक । हर घड़ी हर पहर मुझे,…

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  • सैनिक
    ग़ज़ल

    सैनिक | Sainik

    ByAdmin June 15, 2024June 15, 2024

    सैनिक ( Sainik ) जां हथेली पे लिए सैनिक लड़ा है ? सरहदों पर देखिये दुश्मन मरा है दो दुआएं फ़त्ह करके आये सैनिक हर अदू को मारने सैनिक चला है आंसुओं से आंखें भर आई हैं मेरी सैनिकों पर जब यहाँ हमला हुआ है सैनिकों ने ले लिया बदला वतन का देखिये कश्मीर से…

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  • रक्तदान पर कविता
    कविताएँ

    रक्तदान पर कविता

    ByAdmin June 15, 2024

    रक्तदान पर कविता रक्तदान महादान, ईश्वर भक्ति के समान, वक्त में मिल जाए गर, बॅच सके किसी की जान, पुण्य हो कल्याण हो, सहृदयता का भान हो, सफल हो जीवन यात्रा, जब जरूरत मंद को, वक्त मे हम दान दें, रक्त की कुछ मात्रा, रक्त बिन जो जा रहा, लौट के न आएगा फिर, करो…

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  • जीवन रूपी यात्रा | Kavita Jeevan Rupi Yatra
    कविताएँ

    जीवन रूपी यात्रा | Kavita Jeevan Rupi Yatra

    ByAdmin June 15, 2024

    जीवन रूपी यात्रा ( Jeevan Rupi Yatra )   श्री हरि ने भेजा संसार में जीवन रूपी यात्रा करने पूर्ण l मां के आंचल की छांव में जीवन रूपी यात्रा का हुआ आगाज l पाल ~ पोश बड़ा किया स्नेह दिया भरपूर l पढ़ा~लिखा शादी कर बसाया गृहस्थ संसार l यहां तक की यात्रा में…

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  • बारिश
    कविताएँ

    बारिश | Barish Poem in Hindi

    ByAdmin June 15, 2024September 21, 2024

    बारिश ( Barish ) बारिश जब जब आती है, खुशियां लेकर आती है। धरती मां की प्यास बुझाती, किसान के मन में खुशियां लाती। मोर पपीहा कोयल गाये, सब जीवों की प्यास बुझाए। फल, फूल और हरियाली लाए, जब जब भी बारिश आए। यह बच्चों के मन को भाए, कागज की वह नाव चलाए। बारिश…

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