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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • होगा कोई ऐसा पागल
    गीत

    होगा कोई ऐसा पागल | Poem Hoga Koi Aisa Pagal

    ByAdmin June 15, 2024

    होगा कोई ऐसा पागल ( Hoga Koi Aisa Pagal ) होगा कोई ऐसा पागल, जो तुमसे दिल लगायेगा। मोहब्बत तुमसे करके जो, बर्बादी अपनी करवायेगा।। होगा कोई ऐसा पागल—————-।। देख रहा हूँ मैं तुमको, साफ नहीं है दिल तेरा। मोहब्बत है तुमको दौलत से, महलों का है ख्वाब तेरा।। नहीं कोई खुशी हमको, देखकर तेरी…

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  • Uttarakhand Culture Festival
    कविताएँ

    बुलन्दी साहित्य संस्था द्वारा उत्तराखंड संस्कृति महोत्सव एवं कवि सम्मेलन आयोजित

    ByAdmin June 15, 2024

    गोपेश्वर(चमोली, उत्तराखंड)- बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति पंजीकृत अंतरराष्ट्रीय स्तर के राष्ट्रीय न्यूज मीडिया प्रभारी गुरुदीन वर्मा के अनुसार बुलंदी संस्था द्वारा अटल उत्कृष्ट रा. ई. कोलेज गोपेश्वर में उत्तराखंड संस्कृति महोत्सव एवं कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि श्रीमती चंद्रकला तिवारी जी, विशिष्ट अतिथि श्री चंद्र शेखर तिवारी जी, श्रीमती ऊषा रावत जी…

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  • सोलह श्रृंगार | Kavita Solah Shringar
    कविताएँ

    सोलह श्रृंगार | Kavita Solah Shringar

    ByAdmin June 14, 2024

    सोलह श्रृंगार ( Solah Shringar ) मैं तो सुहाग सिंदूर मांग सजाऊँ, मैं तो कंगन ,चूड़ी खन – खन खनकाऊँ, मैं तो पायलियाँ छन – छन छनकाऊँ , होता नहीं भाग्य में लिखा सबका सोलह श्रृंगार, चाहिए इसके लिए प्रभु जी की कृपा अपार। मैं तो मेंहदी हाथ रचाऊँ, मैं तो महावर पांव लगाऊँ, काजल…

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  • वो नहीं
    ग़ज़ल

    वो नहीं | Ghazal Wo Nahi

    ByAdmin June 14, 2024

    वो नहीं ( Wo Nahi ) ये असल है वो नहीं ये नकल है वो नहीं घास वो गेहूं है ये ये फ़सल है वो नहीं आदमी दोनों हैं पर ये सरल है वो नहीं फर्क दोनों में है क्या ये तरल है वो नहीं फूल हैं दोनों “कुमार” ये कमल है वो नहीं कुमार…

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  • सनातन
    नाटक

    सनातन | नाटिका

    ByAdmin June 14, 2024August 28, 2024

    पात्र परिचय : पात्र परिचय : गुरुजी  उम्र 72 वर्ष । पंडित जी उम्र 50 वर्ष भंते जी उम्र 52 वर्ष। एंकर उम्र 28 वर्ष विद्यार्थी राहुल उम्र 26 वर्ष। विद्यार्थी रमेश चतुर्वेदी उम्र 28 वर्ष। विद्यार्थी सागर वर्मा उम्र 27 वर्ष। विद्यार्थी जितेंद्र चव्हाण (मराठी) उम्र 28 वर्ष। विद्यार्थी (रजनी डांगे) उम्र 26 वर्ष।…

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  • सूरज उगले से…( कजरी )
    भोजपुरी कविता

    सूरज उगले से…( कजरी )

    ByAdmin June 14, 2024

    सूरज उगले से…( कजरी )   सूरज उगले से देखा अँजोर होला, सुबह-सुबह भोर होला ना। चिड़िया चहके डाली-डाली, टपके होंठवा से लाली। देखि-देखि सबकर मनवाँ विभोर होला, सुबह-सुबह भोर होला ना। सूरज उगले से देखा अँजोर होला, सुबह-सुबह भोर होला ना। जाले दुबक कहीं पे रात, पवन लुटावेला खैरात। भौंरा कलियन के सुना चित्तचोर…

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  • शान्ति,सत्य में निवास करती है, मिसाइलों में नहीं
    विवेचना

    शान्ति,सत्य में निवास करती है, मिसाइलों में नहीं

    ByAdmin June 14, 2024

    इंसानियत के पैमाने पर एक लंबे समय तक दुनिया में रहा जा सकता है लेकिन बे-इंतिहाँ दुश्मनी करके धरती और आकाश में टिकना मुश्किल है। रूस और यूक्रेन का युद्ध एक लम्बे अरसे से कुछ इसी तरह से चल रहा है वहीं दूसरी तरफ इजराइल और गाजा का युद्ध हमारी मानवता तथा विश्व बाजार को…

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  • जिंदगी | Zindagi
    गीत

    जिंदगी | Zindagi

    ByAdmin June 14, 2024September 16, 2024

    जिंदगी ( Zindagi ) जिंदगी की भाग दौड़ में कब जिंदगी की सुबह और शाम हो गई पता ही नहीं चला। कल तक जिन मैदान में खेला करते थे कब वो मैदानों मैं बड़े-बड़े मॉल बन गए ‌ पता ही नहीं चला । कब अपने सपनों के लिए गांव शहर देश छोड़ दिया माता-पिता को…

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  • ननिहाल
    कविताएँ

    ननिहाल | Kavita Nanihal

    ByAdmin June 14, 2024

    ननिहाल ( Nanihal ) नानी का घर ननिहाल, छुट्टियों में मौज मनाते हैं। मां के संग में कई दिनों, हम ननिहाल हो आते हैं। मामा मामी मौसी मौसी, लाड दुलार भरपूर करते। नाना नानी हंस हंस कर, सिर पर अपने हाथ धरते। खेलकूद मटरगश्ती का, अद्भुत ठौर ठिकाना है। स्कूल की छुट्टियों में हमें, फिर…

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  • दरख्त के शामियाने में जिन्दगी का सुकूँ ढूँढे
    विवेचना

    दरख्त के शामियाने में जिन्दगी का सुकूँ ढूँढे

    ByAdmin June 14, 2024June 14, 2024

    छाँवों से हटकर दरख्त न जाने क्या-क्या चीजें हमें प्रदान करते हैं लेकिन हमने इनकी अहमियत कभी नहीं समझी और जिस काम के लिए कुदरत इन्हें बनाई है हमारे लिए हम ठहरे लालची, उल्टे इन्हें दिन-रात काट रहे हैं, इनके साथ ये कितनी नाइंसाफ़ी है। ये बेचारे, चिलचिलाती धूप,घनघोर कुहरे, लू -लुआर से बचाकर हमें…

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