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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मेरे महबूब की मोहब्बत | Mere Mehboob ki Mohabbat
    ग़ज़ल

    मेरे महबूब की मोहब्बत | Mere Mehboob ki Mohabbat

    ByAdmin June 14, 2024

    मेरे महबूब की मोहब्बत ( Mere Mehboob ki Mohabbat )   जब महबूबा का ठिकाना बदल जाएगा मेरी महबूबा ये जहान बदल जाएगा। रह जाएंगी तेरी यादें इस जहान में वक्त रहते ये परवानां बदल जाएगा। मेरी महबूबा जहां बैठोगे बड़ी शान से उस जगह तेरा आशियाना बदल जाएगा। तुम मुझसे मोहब्बत कर दिल्लगी कर…

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  • बाल भटकावों को कैसे दूर करें
    विवेचना

    बाल भटकावों को कैसे दूर करें

    ByAdmin June 14, 2024

    जब बच्चों को भावनाओं या व्यवहार से जुड़ी परेशानी होती है, तो मानसिक स्वास्थ्य देखभाल तक पहुँच महत्वपूर्ण होती है। कुछ परिवारों के लिए अपने बच्चों के लिए मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लगभग 5 में से1 बच्चे को मानसिक, भावनात्मक या व्यवहार संबंधी विकार1 होता है, जैसे कि चिंता या…

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  • घर की इज़्ज़त
    ग़ज़ल

    घर की इज़्ज़त | Ghazal Ghar ki Izzat

    ByAdmin June 14, 2024

    घर की इज़्ज़त ( Ghar ki Izzat )   यह हुनर दिल में ढाल कर रखना घर की इज़्ज़त सँभाल कर रखना हर तरफ़ हैं तमाशबीन यहाँ कोई परदा भी डाल कर रखना मैं भी दिल में तुम्हारे रहता हूँ अपने दिल को सँभाल कर रखना हर ग़ज़ल अंजुमन में छा जाये दर्द दिल का…

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  • डॉ. वनीता की मूल पंजाबी सात कविताएँ | अनुवादक: डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक
    कविताएँ

    डॉ. वनीता की मूल पंजाबी सात कविताएँ | अनुवादक: डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक

    ByAdmin June 14, 2024June 14, 2024

    डॉ. वनीता की मूल पंजाबी सात कविताएँ अनुवादक: डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक साहित्य शिरोमणि पुरस्कार विजेता डॉ. वनीता पंजाबी भाषा की सशक्त हस्ताक्षर हैं। उनकी हृदय-स्पर्शी कविताएँ पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं और कुछ नया सोचने के लिए विवश करती हैं। उनकी कविताओं में संवेदनशीलता और गहरी सोच की झलक, नारी सशक्तिकरण, प्रेम…

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  • मत बन तू अज्ञान
    कविताएँ

    मत बन तू अज्ञान | Kavita Mat Ban tu Agyaan

    ByAdmin June 13, 2024June 13, 2024

    मत बन तू अज्ञान ( Mat Ban tu Agyaan )   बिन फेरे अजनबियों से तुम करते हो यह सवाल, मत भूलो गरिमा-व्यवहार करों थोड़ा सा ख़्याल। आधी उम्र अब निकल चुकी है स्वयं को सम्भाल, अच्छा नहीं इतना गुरूर बार-बार न कर बवाल‌।‌। शिक्षित होकर संस्कार विहिन मत बन तू अज्ञान, अनमोल धन होती…

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  • दो पहलू वाला
    कविताएँ

    दो पहलू वाला | Kavita Do Pahlu Wala

    ByAdmin June 13, 2024June 13, 2024

    दो पहलू वाला ( Do Pahlu Wala ) मैं हूं उजाला काला दो पहलू वाला बिन आनन कानन वाला l मैं सीधा सदा भोला भाला l अजब गजब मेरा ठाठ निराला l हूं भरी गगरिया गुण अवगुण की मतवाला छैला रंग रंगीला l मेरी अदाओं पर सब घायल मेरे गुणों के सब कायल l जिसका…

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  • धरती | मनहरण घनाक्षरी
    छंद

    धरती | मनहरण घनाक्षरी

    ByAdmin June 12, 2024

    धरती ( Dharti )   हरी भरी प्यारी धरा, वीर प्रसूता अवनी। हरियाली भरपूर, धरती पे लाइए। महकती बहारों से, कुदरती नजारों से। पुष्प धरा की सौरभ, समां महकाइए। धरती अंबर तारे, पर्वत नदिया सारे। ओढ़े धानी चुनरिया, धरा को संवारिए। वसुंधरा वीर भूमि, गौरव से खूब झूमीं। मातृभूमि है हमारी, गुणगान गाइए। कवि : रमाकांत…

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  • Shahar se e yaar lauta gaon mein
    कविताएँ

    वो गांव बहुत याद आता है

    ByAdmin June 12, 2024June 12, 2024

    वो गांव बहुत याद आत है बीता बचपन गांव में वह गांव बहुत याद आता है l टेढ़ी ~मेढ़ी गलियां चुभ गये कांटे छाले पड़ गए पांव में वो गांव बहुत याद आता है l हम खेले खेल नदिया तीरे भरी दुपहरिया आम की बगिया l कुहके कोयलिया खाएं कच्ची अमिया लेकर नमक मिर्च की…

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  • Awadh Pahunche Ram
    कविताएँ

    राम तेरा गुण गाउं | Ram Tera Gun Gaun

    ByAdmin June 12, 2024June 12, 2024

    राम तेरा गुण गाउं ( Ram Tera Gun Gaun )   निरखी प्रभु जब मूरत तेरी हलचल सी मची जिया में मेरे हुई प्रफुल्लित मन की बगिया रोम रोम में समाये राजा राम रसिया नशीली आंखों के गहरे समंदर में डूबूं,उतरूं,तैरूं, और कभी मैं ठहरूं l देख मनोहारी छवि बलिहारी मैं जाऊं l रसीले अधरों…

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  • Kavita Jal ki Mahtta
    कविताएँ

    जल की महत्ता | Kavita Jal ki Mahtta

    ByAdmin June 12, 2024

    जल की महत्ता ( Jal ki Mahtta ) पशु पक्षी पेंड़ और मानव, जितने प्राणी हैं थल पर, जल ही है सबका जीवन, सब आश्रित हैं जल पर, जल बिन कहीं नहीं है जीवन, चाहे कोई भी ग्रह हो, जल बॅचे तो बॅचे सब जीवन, इसलिए ही जल का संग्रह हो, जल से ही हरियाली…

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