Uttarakhand Culture Festival

बुलन्दी साहित्य संस्था द्वारा उत्तराखंड संस्कृति महोत्सव एवं कवि सम्मेलन आयोजित

गोपेश्वर(चमोली, उत्तराखंड)- बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति पंजीकृत अंतरराष्ट्रीय स्तर के राष्ट्रीय न्यूज मीडिया प्रभारी गुरुदीन वर्मा के अनुसार बुलंदी संस्था द्वारा अटल उत्कृष्ट रा. ई. कोलेज गोपेश्वर में उत्तराखंड संस्कृति महोत्सव एवं कवि सम्मेलन आयोजित किया गया।

जिसमें मुख्य अतिथि श्रीमती चंद्रकला तिवारी जी, विशिष्ट अतिथि श्री चंद्र शेखर तिवारी जी, श्रीमती ऊषा रावत जी और अतिथि गण में (यूथ आई कॉन) अनूप पुरोहित अकोला जी रहे।

जिनके द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का आरंभ किया गया। कार्यक्रम का संयोजन बुलंदी की गढ़वाल मंडल प्रभारी सुरभि खनेडा द्वारा किया गया एवं संचालन श्रुति तिवारी एवं अक्षिता रावत द्वारा किया गया।

जिसमें सम्मानित साहित्यकारो द्वारा अपनी उत्कृष्ट रचनाओ की प्रस्तुति दी गई। जिसमे सन्नू नेगी (गोचर ) पुष्पा कनवासी ( राज्य पाल पुरूस्कार सम्मानित) भगत राणा जी, दीप लता झिंक्वाण जी, प्रियंका शाह,आयुष, वंश सभी ने मंच को सुशोभित किया और सांस्कृतिक कार्यक्रम में गोपीनाथ संगीत शाला गोपेश्वर द्वारा शास्त्रीय नृत्य की सुन्दर प्रस्तुति दी गई।

तीलू रौतेली ग्रुप द्वारा लोक नृत्य एवं अमृता ठाकुर द्वारा मंगल गीत, लक्ष्मी शास्त्रीय नृत्य, की सुन्दर और मनमोहक प्रस्तुति दी गई। बताते चले बुलंदी साहित्य सेवा समिति ने विगत चार वर्षों से साहित्य जगत में अपना परचम लहर रखा है बुलंदी संस्था द्वारा वर्ष 2021 में 207 एवं वर्ष 2022 में 400 घंटे एवं 2024 में 270 घंटे का अनवरत वर्च्युअल कवि सम्मेलन आयोजित कर तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है यह वर्ल्ड रिकार्ड हॉवर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड लंदन में दर्ज किया गया हैं ।

यह अटूट वर्ल्ड रिकॉर्ड आज तक बुलंदी संस्था के नाम है साथ ही बुलंदी संस्था द्वारा हिंदी दिवस पर दस दिवसीय आयोजन श्रृंखला में मॉरीशस में धरातलीय आयोजन आयोजित किए थे l

बुलंदी संस्था बाजपुर उत्तराखंड से संचालित होती है इसके संस्थापक अंतरराष्ट्रीय कवि विवेक बादल बाजपुरी हैं एवं संरक्षक अंतरराष्ट्रीय कवि पंकज प्रकाश हैं l

यह भी पढ़ें :

शब्दाक्षर साहित्यिक संस्था ने दी पूर्व विधायक सांवरमल बासोतिया को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

Similar Posts

  • मधुर अहसास | Madhur Ehsaas

    मधुर अहसास ( Madhur ehsaas )   अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं मृदुल मधुर अहसास, विमल उर श्रृंगार । चाहत पर राहत, भाव कूप मन आगार । अपनत्व अनूप संबंध, सादर अर्पित याचनाएं । अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं ।। आकलन निज भूल त्रुटि, बेझिझक अब स्वीकार । दृढ़ संकल्प भावी जीवन , अनैतिक कृत्य दुत्कार ।…

  • अवतरण दिवस की शुभकामनाएं | Janamdin par Kavita

    अवतरण दिवस की शुभकामनाएं ( Avtaran Divas ki shubhkamnaye )   आपके जन्म-दिन के अवसर पर, अकुंश हम छुट्टी नही आ पाएंगे। दूरी है मजबूरी है दुआ दे पाएंगे, और उपहार भी ना पहुँचा पाएंगे।। इस कविता में मेरा स्नेह आशीष, पढ़कर लेना सबसे शुभ आशीष। यही कुछ दुआएं तब काम आती, कष्ट परेशानियां किसी…

  • प्यारा भोलेनाथ को है सावन | Bholenath par Kavita

    प्यारा भोलेनाथ को है सावन ( Pyara bholenath ko hai sawan )    यह महीना है प्यारा-न्यारा सावन, सभी के मन को सावन है भावन। सोमवार इसमे है भोले को प्यारा, शिवपूजा आराधना विधान सारा।। सावन के पहले-आख़री सोमवार, सावन का परम्परा व्रत एवं स्नान। प्यारा भोले नाथ को भी है सावन, जुलाई अगस्त में…

  • निंदा से मन मलीन | Man Maleen

    निंदा से मन मलीन ( Ninda se man maleen )    करना चाहो जगत में पुण्य के सब काम करो। निंदा करके तुम खुद को यूं ना बदनाम करो। क्यों मन मलीन करते हो क्या ठहरा पानी है। निंदा करना नीचता की बस एक निशानी है। क्यों कलह करते हो तुम खड़ी दीवार ढहाते हो।…

  • Kavita Aise Manayein Holi | कुछ ऐसे मनाएं होली

    कुछ ऐसे मनाएं होली ( Kuch Aise Manayein Holi )   आओ मनाएं मिलजुलकर खुशियों की होली, जर्रा जर्रा खिलखिला उठे दे हम ऐसी गोली। बढ़े भाईचारा रहे न कोई बेसहारा पकड़ हाथ ले साथ किनारे सबको लगाएं चेहरे सभी के खिल जाएं कुछ इस तरह हम होली मनाएं रंगत हमारी देखकर गुलाल भी शरमा…

  • अपेक्षा क्यों

    अपेक्षा क्यों चाह जब जुड़ जाएंपरिणाम सेअपेक्षा का…होता है आगमनमन की शांति काफिर होता है गमन दूसरे भी हमेंवही सम्मान देंजो हम…उन्हें दे रहेंदूसरे भी हमेंवही प्यार देंजो हम…उन्हें दे रहें यह जरूरी तो नहींकि हो…विचारधाराएं समानअपनी प्राथमिकताका तो…है हमें भानपर दूसरों कीप्राथमिकताओं काभी हो हमें ज्ञान जरा संभल करव्यवहार करना होगाइस रंग बदलते जमाने…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *