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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • जमाना आजकल
    कविताएँ

    जमाना आजकल | Jamana Aaj Kal

    ByAdmin May 28, 2024May 28, 2024

    जमाना आजकल ( Jamana Aaj Kal )   जमाना आजकल बदल रहा है, जो कल था,वह आज नहीं रहा है हो रहा है, नित नया प्रयास हर रोज बंध जाती है, जीने की आस l कैसा बीत रहा है आज कल की खबर नहीं क्या होगा कल आज जी को मस्ती भरे नगमे गा लो…

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  • Sandeep Kumar Hindi Poetry
    कविताएँ

    संदीप कुमार की कविताएं | Sandeep Kumar Hindi Poetry

    ByAdmin May 28, 2024September 2, 2025

    अधूरी चाहत, अमर प्रेम तेरे लिए दिल हमारा,कल की तरह ही धड़कता है।साँसें सँवरकर, रुक-रुक कर,तेरी ही बातों पर मरता है। रूप तेरा चाँद-सा,चाहत में हर पल निखरता है।पतझड़, बसंत, बहार-सा,गुलशन में याद तिरी महकता है। धूप में तन्हा, उदास,जल-जलकर मन रह जाता है।तू बदल जा, जा बेख़ौफ़,लेकिन दिल तुझ पर तरसता है। यह दिल…

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  • गंगा की पावन धरती | Ganga ki Pawan Dharti
    कविताएँ

    गंगा की पावन धरती | Ganga ki Pawan Dharti

    ByAdmin May 28, 2024

    गंगा की पावन धरती ( Ganga ki Pawan Dharti )   गंगा की पावन धरती को , हम-सब स्वर्ग बनाएंगे! भ्रष्टाचार मिटाकर जगसे , रामराज्य अब लाएंगे !! दीन-दुखी ना कोई होगा, स्वस्थ सुखी होंगे प्यारे ! दैहिक दैविक संतापों से , बच जाएंगे हम सारे !! देखेगी दुनियाँ सारी जब , परचम अपना फहराएंगे…

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  • लोग
    कविताएँ

    लोग | Kavita Log

    ByAdmin May 28, 2024

    लोग ( Log )   टेढ़ा मेढ़ा कटाक्ष, लिखा फिर भी, समझें लोग, सीधा सीधा मर्म, लिखा ही लिखा, जरा न समझें लोग। वक्तव्यों मे अपने, सुलझे सुलझे, रहते लोग, मगर हकीकत मे, उलझे उलझे, रहते लोग, खातिरदारी खूब कराते, मेहमानी के, शौकीन लोग, खातिरदारी जरा न करते, मेजबानी से, डरते लोग, अपना समझें और…

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  • Rajyogi BK Karunabhai
    साहित्यिक गतिविधि

    राजयोगी बीके करुणाभाई को मिला वैश्विक सकारात्मक पत्रकारिता प्रेरक व्यक्तित्व सम्मान!

    ByAdmin May 28, 2024

    रुड़की-विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति श्रीगोपाल नारसन ने भारतीय ब्रह्मसभा रुड़की के अध्यक्ष अरविंद भारद्वाज के सहयोग से ब्रह्माकुमारीज मिडियविंग के चेयरपर्सन राज्ययोगी बीके करुणाभाई को उनके अहिन्दी भाषी क्षेत्र से होने के बावजूद हिंदी के प्रति आध्यात्मिक एवं रूहानी करने पर उन्हें वैश्विक सकारात्मक पत्रकारिता प्रेरक व्यक्तित्व सम्मान से विभूषित किया गया है। उन्हें…

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  • इस दिल पर पहरा है
    कविताएँ

    इस दिल पर पहरा है | Is Dil Par Pahra Hai

    ByAdmin May 28, 2024

    इस दिल पर पहरा है एक रंग एक रूप का इस दिल पर पहरा है उसी दिल का दिया हुआ यह उदासी सा चेहरा है पढ़ना दिल से इस कविता को दिखेगा उसकी दिल पर डेरा है उसने मानी की नहीं मानी मुझे हम सफर पता नहीं लेकिन मैंने माना कि वह सिर्फ मेरा है…

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  • अर्थ जगत | Kavita Arth Jagat
    कविताएँ

    अर्थ जगत | Kavita Arth Jagat

    ByAdmin May 26, 2024

    अर्थ जगत ( Arth Jagat )   अर्थ जगत अनुपमा, प्रेरणा पुंज मारवाड़ी समाज ************ उद्गम राजस्थानी मरुथल धरा, न्यून वृष्टि संसाधन विहीन । तज मातृभूमि आजीविका ध्येय अंतर्मन श्रम निष्ठ भाव कुलीन । प्रायः राष्ट्र हर क्षेत्र श्री गमन , लघु आरंभ बुलंद आर्थिक आवाज । अर्थ जगत अनुपमा, प्रेरणा पुंज मारवाड़ी समाज ।।…

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  • फूल तितली सनम हुए बे-रंग
    ग़ज़ल

    फूल तितली सनम हुए बे-रंग

    ByAdmin May 26, 2024

    फूल तितली सनम हुए बे-रंग क़ाफ़िया – ए स्वर की ‌बंदिश रदीफ़ – बे-रंग वज़्न – 2122 1212 22 फूल तितली सनम हुए बे-रंग इंद्रधनुषी छटा दिखे बे-रंग तेरी खुशबू जो ज़िंदगी से गई रात-दिन मेरे हो गए बे-रंग ये मुहब्बत सज़ा बनी है आज दौर-ए-हिज़्राँ लगे मुझे बे-रंग याद जब तेरी आती है मुझको…

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  • डॉक्टर साहब का संघर्ष
    कहानियां

    डॉक्टर साहब का संघर्ष | लघुकथा

    ByAdmin May 26, 2024May 26, 2024

    एक अस्पताल में नर्स और डाक्टर की कहा सुनी चल रही थी – नर्स ने बड़े गुस्से से मेज पर फाइल पटक कर कहा- आप भी सफेद कोट पहनते हो मैं भी सफेद कोट पहनती हूँ, जितना काम आप कर लेते हो उससे कहीं ज्यादा काम मैं भी कर लेती हूँ- पता नहीं आप लोग…

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  • मर जायेगा
    ग़ज़ल

    मर जायेगा | Ghazal Mar Jayega

    ByAdmin May 26, 2024

    मर जायेगा ( Mar Jayega )   तू जो छोड़ेगा तो बेमौत ही मर जायेगा शाख से टूट के पत्ता ये किधर जायेगा। उसके वादे का क्या है वो तो करेगा लेकिन ऐन वो वक्त पे वादे से मुकर जायेगा। इन दिनों ही है खुली उसकी हकीक़त मुझ पे लग रहा अब वो मेरे दिल…

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