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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal Zindagi ki Kahani
    ग़ज़ल

    जिंदगी की कहानी | Ghazal Zindagi ki Kahani

    ByAdmin May 20, 2024

    जिंदगी की कहानी ( Zindagi ki Kahani )   कहूँ किस तरह जिंदगी की कहानी घिरी दर्द में ही रही जिंदगानी कभी अपने तो गैरों ने भी रुलाया भरा ही रहा दोनों आँख ही पानी क़दम पर क़दम दर्द था थी घुटन भी पड़ी जिंदगी से उसे भी निभानी बुने साथ में ख्वाब जब कहकशाँ…

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  • प्रेयसी सी लगती मधुशाला
    कविताएँ

    प्रेयसी सी लगती मधुशाला

    ByAdmin May 20, 2024

    प्रेयसी सी लगती मधुशाला   दुःख कष्ट पीड़ा संग, परम मैत्री अनुभूति । असफलता बिंदु पर , नवल प्रेरणा ज्योति । सघन तिमिर हरण कर , फैलाती अंतर उजाला । प्रेयसी सी लगती मधुशाला ।। तन मन पट नव चेतना, उत्साह उमंग अपार । अपनत्व सा मृदुल स्पर्श , अंतर्द्वन्द अवसानित धार । अदम्य हौसली…

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  • Insaniyat ki Raah Par
    कविताएँ

    इंसानियत की राह पर | Insaniyat ki Raah Par

    ByAdmin May 20, 2024

    इंसानियत की राह पर ( Insaniyat ki Raah Par )   इंसानियत की राह पर इंसान जब चलने लगेगा ! हृदय में तम से घिरा जो नूर है स्वयं ही दिखने लगेगा!! मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे चर्च में तुमको नहीं दिख पाएगा! दीन दुखी निबलों विकलों की सेवा में वो मिल जाएगा !! मंत्र, जप- तप,…

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  • Ghazal Pehli Mulaqat
    ग़ज़ल

    पहली मुलाकात | Ghazal Pehli Mulaqat

    ByAdmin May 20, 2024

    पहली मुलाकात ( Pehli Mulaqat )   धीरे-धीरे वो घूँघट उठाने लगे । धड़कनें मेरे दिल की बढ़ाने लगे ।। १ आ गई रात वो जब मुलाकात की। देखते ही हमें वो लजाने लगे ।। २ देख जबसे लिया यार मैनें सनम । क्या कहूँ की कदम लड़खड़ाने लगे ।। ३ हार कर ही सदा…

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  • Saath Lamhon ka
    कविताएँ

    साथ लम्हों का मिल जाए | Saath Lamhon ka

    ByAdmin May 20, 2024

    साथ लम्हों का मिल जाए ( Saath lamhon ka mil jaye ) साथ लम्हों का मिल जाए। चेहरा मेरा भी खिल जाए। मिल जाएगा चैन मुझे भी। मस्त बहारें मन को हर्षाए। जब तू चाले चाल मोरनी की। मन मयूरा झूम झूमकर गाए। बज उठे दिल की घंटियां भी। लबों पर मधुर मुस्कानें छाए। तेरा…

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  • खाली था दिल का जाम
    ग़ज़ल

    खाली था दिल का जाम | Ghazal Khali tha Dil ka Jaam

    ByAdmin May 20, 2024

    खाली था दिल का जाम ( Khali tha Dil ka Jaam )   रंगीनिये -हयात के मंज़र से भर गई बस इक नज़र मिली थी कि दिल में उतर गई प्यासों की प्यास और बढ़ा कर गुज़र गई लेकर सरापा-हुस्न के साग़र जिधर गई उसकी निगाहे-नाज़ बड़ा काम कर गई खाली था दिल का जाम…

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  • Teri Dehleez Par Papa
    कविताएँ

    तेरी दहलीज पर पापा | Teri Dehleez Par Papa

    ByAdmin May 19, 2024

    तेरी दहलीज पर पापा   तेरी दहलीज पर पापा दो दिन का ठिकाना है। इसी में हंस लूँ,मुस्कुरा लूँ, यही विधि और विधान है। जिसने प्रेम से पाला पोसा वही हमारी नहीं दुनिया में। दूसरा कौन भला सोच हमारी? बचपन से मेरा है मेरा है घर, एक झटके में हो सब पराया। जन्म-जन्म का यह…

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  • Ghazal Jinhen Zindagi
    ग़ज़ल

    जिन्हें ज़िन्दगी हम बनाने लगे थे | Ghazal Jinhen Zindagi

    ByAdmin May 19, 2024

    जिन्हें ज़िन्दगी हम बनाने लगे थे ( Jinhen zindagi hum banane lage the )   वो ख्वाबों की दुनिया सजाने लगे थे हमें देखने आने जाने लगे थे ।। छुपाने पड़े थे हमें भी तो आँसूँ । सनम दूर हमसे जो जाने लगे थे ।। नज़र जब कभी इत्तफाकन मिली तो उन्हें देख कर मुस्कराने…

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  • वही खत वही दीवानगी चाहिए
    कविताएँ

    वही खत वही दीवानगी चाहिए

    ByAdmin May 19, 2024

    वही खत वही दीवानगी चाहिए वही खत वही दीवानगी चाहिए दोस्त बचपन का वह सादगी भरी जिंदगानी चाहिए खेल सकुं गुल्ली डंडा, छुपन छुपाई, गुड्डे गुड़ियों के साथ ऐसी वर्दान कि रब से मेहरबानी चाहिए वही खत वही,,,,,,, नहीं चाहिए माया ममता नहीं मकड़जाल कि जिंदगानी चाहिए वह खेल वह बचपन वह गांव कि हावा…

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  • आईना
    कहानियां

    दर्पण | Laghu Katha Darpan

    ByAdmin May 19, 2024

    “मालिक, आप दर्पण क्यों देखते हैं ॽ” रामू ने साहस करते हुए अपने मालिक से पूछा। “संवरने के लिए।” मालिक ने कहा। “संवरती तो नारी है, आप नारी हैं क्या ? ” मुंँह लगा रामू ने चुस्की लेते हुए कहा। “डंडे पड़ेंगे, जो ऐसा कहांँ तो।” फिर मालिक ने उसे हिदायत करते हुए कहा। “सच…

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