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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal Chahiye
    ग़ज़ल

    चाहिए | Ghazal Chahiye

    ByAdmin May 9, 2024

    चाहिए ( Chahiye )   जब से दिल धड़का है वो गुलफ़ाम तबसे चाहिए एक बस हां एक ही वो शख़्स रब से चाहिए। मेरी ज़िद है वो निगाहों से समझ ले बात सब उस दिवाने को मगर इज़हार लब से चाहिए। भर ले तू परवाज़ लेकिन क़ैद होना है तुझे बस बता बांहों की…

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  • Geet Yah Aag Abhi
    गीत

    यह आग अभी | Geet Yah Aag Abhi

    ByAdmin May 9, 2024May 11, 2024

    यह आग अभी ( Yah Aag Abhi )   यह आग अभी तक जलती है ,मेरे आलिंगन में। स्वर मिला सका न कभी कोई ,श्वासों के क्रंदन में ।। जब छुई किसी ने अनायास ,भावुक मन की रेखा । दृग-मधुपों ने खुलता स्वप्नों, का शीशमहल देखा। खिल उठे पुष्प कब पता नहीं ,सारे ही मधुवन…

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  • 15th Pattontsav Day of Acharyashri Mahashramanji
    कविताएँ

    युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी का 15 वां पट्टोंत्सव दिवस

    ByAdmin May 9, 2024

    युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी का 15 वां पट्टोंत्सव दिवस   धर्म की ज्योति जला ले हम । साधना पथ पर निरंतर कदम बढ़ाएं हम । ज्ञान को पुष्ट कर ले हम । धर्म से मन सदा बंधा रहे । लक्ष्य से इधर – उधर ना भटके । दुनिया की चकाचौंध में न फँसे । मोहक विषयों…

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  • भगवान महावीर केवलज्ञान कल्याणक दिवस
    विवेचना

    भगवान महावीर केवलज्ञान कल्याणक दिवस

    ByAdmin May 9, 2024

    भगवान महावीर केवलज्ञान कल्याणक दिवस पर भगवान महावीर के चरणों में मेरा भावों से शत – शत वन्दन । केवलज्ञान कल्याणक दिवस का नाम आते ही धर्म की भावना से ओत – प्रोत व्यक्ति के भीतर में भावों की स्फुरणा पैदा होती हैं क्योंकि केवलज्ञान प्राप्त हो गया तो सभी तरह का ज्ञान हो गया…

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  • Kahani Asamanjas
    कहानियां

    असमंजस | Kahani Asamanjas

    ByAdmin May 9, 2024

    सुधांशु बहुत उधेड़बुन में है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें? क्या ना करें ? सोचते हुए आज धीरे-धीरे एक मां हो गए। जब वह मां की 13वीं से लौट रहा था तो उसके पिताजी बहुत मायूस लग रहें थे। वह दूर जाते हुए अपने बेटे बहु को अपलक देखते रहे।…

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  • कागा की कविताएं
    संस्मरण

    अपनों से जुदाई | Apno se Judai

    ByAdmin May 9, 2024July 3, 2024

    भाग-1 मोर मेह वन कुंजर आम रस सूआं जन्म भूमि कुवचन बिसरे मूंआं मेरा जन्म एक जनवरी 1946 को आज़ादी से एक वर्ष पूर्व बरस़ग़ीर भारत में हुआ मेरे पिता स्व,श्री रामचंद्र कागा के घर माता श्री,स्व, श्रीमति सांझी देवी कागा की कोख से गांव भाडासिंधा तह़स़ील छाछरो ज़िला थरपारकर सिंध में हुआ मेरा बच्चपन…

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  • झेल का खेल | Kavita Jhel ka Khel
    कविताएँ

    झेल का खेल | Kavita Jhel ka Khel

    ByAdmin May 8, 2024

    झेल का खेल ( Jhel ka Khel )   मैं झेल रहा हूं तुम भी झेलो! झेल का खेल, उन्नति की सीढ़ी है! कितने उच्च विचारों की देखो आज की पीढ़ी है! झेलने में ही खेलने का मज़ा है! झेलना भी खेलने की प्यारी से प्यारी अदा है! झेलने से मान सम्मान बढ़ता है जो…

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  • रामकेश एम. यादव की कविताएं | Ramkesh M. Yadav Hindi Poetry
    कविताएँ

    रामकेश एम. यादव की कविताएं | Ramkesh M. Yadav Hindi Poetry

    ByAdmin May 8, 2024July 3, 2025

    प्रेमिका क्या हुआ है इनको मुझे चाहने लगे हैं,मेरा मयकशी बदन ये निहारने लगे हैं। प्रेमी:-ख़ाक होने से मुझको बचा लीजिए……….. खता मेरी क्या है, बता दीजिये,नजर लड़ गई है, सजा दीजिये।खता मेरी क्या है, बता दीजिये……… धड़कती हो सीने में मैं क्या करूँ,छलकती हो दिल में, मैं क्या करूँ।आँखों से तीर ये, चला दीजिये,नजर…

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  • Kahani Kaise Kaise Yogi
    कहानियां

    कैसे-कैसे योगी | Kahani Kaise Kaise Yogi

    ByAdmin May 8, 2024

    चारों तरफ भीड़ ही भीड़ थी। सबके मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि चमत्कार हो गया ।ऐसा चमत्कार तो मैंने देखा ही नहीं था। अरे देखो! बाबा ने कैसे पेशाब से दिए जला दिए। बहुत बड़ा पहुंचा हुआ संत है। इतना बड़ा संत तो हमने कभी नहीं देखा ही नहीं है। कितना…

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  • Acharya Shri Mahashraman Ji
    कविताएँ

    आचार्य श्री महाश्रमण जी | Acharya Shri Mahashraman Ji

    ByAdmin May 8, 2024May 9, 2024

    आचार्य श्री महाश्रमण जी ( Acharya Shri Mahashraman Ji ) गण के है आप जयोतिर्धाम । अभिनव चिन्तन गहरा मंथन । प्राप्त हुए हमको ग्याहरवें गण सरताज । नेमा प्यारे झूमर नन्दन, है गण के देदिप्यमान सितारे। झूमरकुल उजियारे , है गण के दुलारे । मनमोहक है आकर्षण , लाखों – लाखों के है तारे…

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