Ghazal Chahiye

चाहिए | Ghazal Chahiye

चाहिए

( Chahiye )

 

जब से दिल धड़का है वो गुलफ़ाम तबसे चाहिए
एक बस हां एक ही वो शख़्स रब से चाहिए।

मेरी ज़िद है वो निगाहों से समझ ले बात सब
उस दिवाने को मगर इज़हार लब से चाहिए।

भर ले तू परवाज़ लेकिन क़ैद होना है तुझे
बस बता बांहों की ये जंज़ीर कबसे चाहिए।

क्या है अच्छा क्या बुरा ये फ़ैसला करता ख़ुदा
हां मगर कुछ काम करने मुसतहब से चाहिए।

है नहीं जिनको शऊरे बज़्म उनसे माज़रत
अंजुमन में लोग थोड़े बा-अदब से चाहिए।

मैं हुई पाबंद लेकिन उसको भी इक शर्त है
सिर्फ़ इक मेरी हुकूमत दिल पे अबसे चाहिए।

है पड़ा खाली मकां दिल का कहो उससे नयन
है किराया माफ़ उसको रहले जबसे चाहिए

सीमा पाण्डेय ‘नयन’
देवरिया  ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

https://thesahitya.com/ghazal-saadgi/

Similar Posts

  • लौट आ अब तू कहाँ है | Laut aa Ab

    लौट आ अब तू कहाँ है ( Laut aa ab tu kahan hai )    तू दिखा यूं मत गुमाँ है और भी देखो मकाँ है फूल दूँ कैसे उसे अब वो नहीं अब दरमियाँ है दिल यहाँ लगता नहीं अब वो हुआ जब से निहाँ है उस हसीं से तू मिला दे ये ख़ुदा…

  • सुना दी हमने | Suna di Hamne

    सुना दी हमने ( Suna di Hamne ) शम्अ उल्फ़त की जला दी हमनेपर सज़ा दिल को सुना दी हमने राह हमदम की सजा दी हमनेउनकी दुनिया ही बसा दी हमने रोशनी की थी जिन्होंने शब भरउन चरागों को दुआ दी हमने बन गया ग़ैर ज़माना लेकिनयार की यारी निभा दी हमने दौर-ए-हिज़्रा में भी…

  • प्यार में | Pyar Mein

    प्यार में ( Pyar Mein )    प्यार में वो हुआ जुदा आज़म कर गया खूब दिल ख़फ़ा आज़म ग़ैर आँखें वो कर गया है आज वो रहा अब न आशना आज़म ज़हर मुझको मिला जफ़ा का ही प्यार की कब मिली दवा आज़म जुल्म सहता रहा मुहब्बत के कब वफ़ा में मिली वफ़ा आज़म…

  • दिल में शोले उठे हैं यहां | Dil Chune wali Shayari

    दिल में शोले उठे हैं यहां ( Dil mein shole uthe hai yahan )    इश्क में लुट चुके है यहां दिल में शोले उठे हैं यहां घेर ली है ज़मीं कांटों ने फूल कब खिल सके हैं यहां सब फरेबी निकलते हैं लोग सोच से सब परे हैं यहां दौलतें शोहरतें देखकर लोग इज़्ज़त…

  • गुरुवर विनय साग़र | Guruvar Vinay Sagar

    गुरु पूर्णिमा के पुनीत पर्व पर मैं अपने उस्ताद शायर ज़नाब विनय साग़र जायसवाल, बरेली-उ०प्र० को शत्-शत् प्रणाम करता हूँ। ग़ज़ल की दुनिया में आज जो कुछ भी मुझे हासिल है वो सब गुरुदेव के ही आशीर्वाद और रहनुमाई की बदौलत है। गुरुदेव के श्री चरणों में समर्पित इक ग़ज़ल.. गुरुवर विनय साग़र ( Guruvar…

  • बेहिस सफर | Behis Safar

    बेहिस सफर ( Behis safar )    सफर में बीच ही कहीं ठहर के देखे चलो खुद के करीब कितने कहीं रुक के देखे चलो अदब के साये में कटी है जिन्दगी उनकी बदी के साये में हम भी खिलखिलायें चलो जो दिखे थे अपने वो अजनबी हैं सभी वो जो दम भरते हैं उन्हें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *