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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita Eid Mubarak
    कविताएँ

    ईद मुबारक़ | Kavita Eid Mubarak

    ByAdmin April 10, 2024

    ईद मुबारक़ ( Eid Mubarak )   ईदुल फ़ितर मुबारकबाद अल्लाह रखे आबाद ईदुल फ़ितर मुबारकबाद अल्लाह रखे शादाब माहे पाक रमज़ान में रोज़े रखे अ़क़ीदत से बड़े स़िदक़ से रखे वक़्त पर स़िह़री इफ़्तार का ख़्याल ईमान नही होने दिया ज़रा पायमाल आई ईद ख़ुशियां लाई ईद मुबारक़ दीन की दावत लाई ईद मुबारक़…

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  • शादी में दावत
    कविताएँ

    शादी में दावत | Kavita Shadi me Dawat

    ByAdmin April 10, 2024

    शादी में दावत ( Shadi me Dawat ) शादी हो बेटा बेटी की दावत खाएं हम सब खर्च हो मां-बाप का मजा उड़ाएं हम सब शादी का निमंत्रण आते ही देखें तारीख प्रतिभोज फिर मन में आता ख्याल अब तो व्यंजनों की होगी मौज तरह-तरह के पकवान रखे वहां फिर भी आंखें ढूंढे और नये…

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  • Kavita Man ki Diary
    कविताएँ

    मन की डायरी | Kavita Man ki Diary

    ByAdmin April 10, 2024April 10, 2024

    मन की डायरी ( Man ki Diary ) मन की डायरी में लिखे है कुछ अनकहे अलफ़ाज़ जिन्हे पढ़ने के लिए जरूरत होगी तुमको रूह में उतरने की, हृदय समंदर में डूबकर अहसासों के सीप चुनने की, क्या तुम चुन पाओगे मेरे मन को पढ़ पाओगे !! डी के निवातिया यह भी पढ़ें:- हे, मनुज…

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  • Laghu Katha Mehnat ke Bawajood
    कहानियां

    मेहनत के बावजूद | Laghu Katha Mehnat ke Bawajood

    ByAdmin April 10, 2024

    जीवन जन्म से ही एक पांव से कुछ दबता है और उसे गरीबी भी विरासत में मिली हुई है। लेकिन उसका घर अपना शहर में है। उसकी शादी हुई तो उसकी पत्नी छः माह बाद अपने घर के ही बगल में गोपाल बाबू के यहांँ वर्तन- वासन करने लगी। पेट की रोटी में कुछ राहत…

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  • Meri Pyari Maa
    शेरो-शायरी

    मेरी प्यारी माँ | Meri Pyari Maa

    ByAdmin April 10, 2024

    मेरी प्यारी माँ ( Meri Pyari Maa ) रोज़ ही धीमे कदमों से मेरे ख़्वाबों में आती है, हौले-हौले सुरो में “लोरी” वह मुझे सुनाती है, दुनिया के झमेलों से निकल “आँखें “बंद करूँ, माँ का तसव्वुर बेसुकूनी को सुकून दे जाती है, ज़िन्दगी की धूप के थपेड़े ‘रूह’ को जलाती है, तब माँ के…

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  • Kavita Gungaan
    कविताएँ

    गुणगान | Kavita Gungaan

    ByAdmin April 10, 2024

    गुणगान ( Gungaan )   मिलते रहो मिलाते रहो सभी से जाने कब जिंदगी की शाम हो जाये फुरसत हि मिली नहीं काम से कभी जाने कब आराम हि आराम हो जाए लोभ, लाभ, धन, बैर रह जायेंगे यहीं भूल जायेंगे अपने भी चार दिन के बाद ही बनती हि चली आई है गृहस्थी आज…

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  • Geet Aisa Na Ho
    गीत

    ऐसा न हो कि सारे आसार टूट जाए | Geet Aisa Na Ho

    ByAdmin April 10, 2024

    ऐसा न हो कि सारे आसार टूट जाए   ऐसा न हो कि सारे आसार टूट जाए जो हिस्से में मिली है, दीवार छूट जाए। हम नहीं कहते हैं कि तुम साथ रहो मेरे ऐसा न हो नदी का किनार छूट जाए। लोग तो बहुत मिलेंगे तुझे समझाने वाले ऐसा न हो हँसने का आधार…

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  • Kavita Maa Jagdambe
    कविताएँ

    मां जगदंबे | Kavita Maa Jagdambe

    ByAdmin April 10, 2024April 10, 2024

    मां जगदंबे ( Maa Jagdambe )   मां जगदंबे प्रथम रूप पर, सारा जग बलिहारी ************ शैलपुत्री मंगल आगमन, सर्वत्र आध्यात्म उजास । नवरात्र शुभ आरंभ बेला, परिवेश उमंग उल्लास । योग साधना श्री गणेश, साधक मूलाधार चक्र धारी । मां जगदंबे प्रथम रूप पर, सारा जग बलिहारी।। हिमालय सुता भव्य दर्शन, मनमोहक असीम फलदायक…

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  • Navratri festival (Chaitra) ninth day
    कविताएँ

    नवरात्रि पर्व ( चैत्र) नवम दिवस

    ByAdmin April 9, 2024

    नवरात्रि पर्व ( चैत्र) नवम दिवस   भुवाल माता पर सदा विश्वास अक्षय कोष शक्ति का भीतर है । एक बार उसको जो पहचान जाता है वह शिव पथ गामी बन जाता है । कर्मों की गति से जीवन में बार – बार दुर्दिन देखा है बार – बार चोटे खाई है । असफलता ,…

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  • Kavita Duniya ka Mela
    कविताएँ

    दुनिया के मेले में हर शख्स अकेला | Kavita Duniya ka Mela

    ByAdmin April 9, 2024

    दुनिया के मेले में हर शख्स अकेला   अकेले ही चलना बंदे दुनिया का झमेला है। दुनिया के मेले में यहां हर शख्स अकेला है। आंधी और तूफानों से बाधाओं से लड़ना है। संघर्षों से लोहा लेकर बुलंदियों पर चढ़ता है। हिम्मत हौसला जुटा लो धीरज भी धरना है। रंग बदलती दुनिया में संभल कर…

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