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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita Tab Tum
    कविताएँ

    तब तुम कविता बन जाती हो | Kavita Tab Tum

    ByAdmin April 12, 2024

    तब तुम कविता बन जाती हो ( Tab tum kavita ban jati ho )   झरनें की कल कल में, खग चहके जल थल में, सूर्य किरण तेज़ फैलाये पवन भीनी सुगंध बहाये जब प्रकृति सुंदरता बिखराती हो, तब तुम कविता बन जाती हो । कलम के सहारे, मेरे दिल पात्र में उतर आती हो…

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  • 2623 वां महावीर जन्म कल्याणक दिवस
    कविताएँ

    2623 वां महावीर जन्म कल्याणक दिवस

    ByAdmin April 12, 2024

    2623 वां महावीर जन्म कल्याणक दिवस   भगवान महावीर का ध्यान धरे । सुप्त चेतना को जगाये । आत्मा की उज्जवलता को पाये । भगवान महावीर का ध्यान धरे । अब भोर भई उठ जाग जाये । क्यों आँख मूंदकर सोये । आया है यह शुभ दिन । क्यों वक्त कीमती हम खोये । भगवान…

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  • धान की कटनी
    भोजपुरी कविता

    करै चला कटनी | Katni par Kavita

    ByAdmin April 12, 2024

    करै चला कटनी   ले ला रोटी-चटनी, करै तू चला कटनी, कि मोर धनिया! फिर से लूटिहा लहरवा कि मोर धनिया। ताजी- ताजी अइली हम अबहिन गवनवाँ, छूटल नाहीं हथवा से मेंहदी सजनवाँ। अउतै करावा मत अइसन खटनी, रजऊ समझा न हमके तू कव्वा-हकनी। ले ला रोटी-चटनी, करै तू चला कटनी, कि मोर धनिया! फिर…

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  • Katha Jeevan Soona Soona sa
    कहानियां

    जीवन सूना सूना सा | Katha Jeevan Soona Soona sa

    ByAdmin April 12, 2024

    सुदूर दक्षिण प्रांत में एक मास्टर जी है । उनकी जिंदगी बड़े आराम से गुजर रही हैं । पति पत्नी बहुत ही हंसी खुशी से रहते हैं। उनके दो बेटे एवं दो बेटियां हैं। बेटे की शादी करने के बाद मास्टर जी को लगता था कि जीवन की जिम्मेदारी से मुक्ति मिली। उन्होंने एक दिन…

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  • Ramakant Soni Hindi Poetry
    कविताएँ

    रमाकांत सोनी की कविताएं | Ramakant Soni Hindi Poetry

    ByAdmin April 12, 2024August 10, 2025

    जलजला हूं जलजला हूं आग की भांति जला हूं।सच्चाई की डगर पे अब बढ़ चला हूं।हौसलों से लिखूं संघर्षों की कहानी।आंधियों तूफानों में निर्भय पला हूं। काव्य रस घोलती कलम सयानी।भावों की धारा बहती उर सुहानी।कुंदन बन सांचे में तपकर ढला हूं।महफिलों में कारवां लेकर चला हूं। वीरों का गुणगान गाता हूं गीतों में।प्रीत भी…

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  • महेन्द्र कुमार
    कविताएँ

    महेन्द्र कुमार की कविताएं | Mahendra Kumar Hindi Poetry

    ByAdmin April 12, 2024September 2, 2025

    वीर तेजाजी महाराज,गौ रक्षा के सिरमौर प्रेरणा पुंज व्यक्तित्व कृतित्व,शिव शंकर ग्यारहवें अवतार ।अवतरण बिंदु खरनाल नागौर ,उर अविरल साहस शौर्य धार ।शोषित पीड़ित निर्धन किसान हित,सदा बुलंद आवाज पुरजोर ।वीर तेजाजी महाराज,गौ रक्षा के सिरमौर ।। मात पिता ताहर जी रामकुंवरी ,भार्या पेमल भगिनी राजल।प्राण प्रिय घोड़ी लीलण,सदा विरुद्ध धर्म जाति काजल ।राजस्थान छह…

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  • बिल्कुल फींके-फींके हैं ईद के लम्हात भी
    शेरो-शायरी

    बिल्कुल फींके-फींके हैं ईद के लम्हात भी

    ByAdmin April 12, 2024

    बिल्कुल फींके-फींके हैं ईद के लम्हात भी   किस हद तक बदल गए हैं, गांव के हालात भी, बिल्कुल फींके-फींके हैं, ईद के लम्हात भी। कल तक जो मेरे चरणों को छूते रहते थे लेकिन आज नहीं करते हैं वो सीधे मुंह से बात भी। सोचे तो कोई जाने भी, कितनी तन्हा लगती है, एक…

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  • Satyawati Singh Satya Initiative
    साहित्यिक गतिविधि

    सत्यवती सिंह सत्या की पहल, विनय साग़र जायसवाल की अध्यक्षता में हुआ भव्य कविसम्मेलन

    ByAdmin April 12, 2024

    शुभम मैमोरियल साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की अध्यक्षा सत्यवती सिंह सत्या ने कविसम्मेलन का आयोजन शायर विनय साग़र जायसवाल की अध्यक्षता में डाक्टर अखिलेश कुमार गुप्ता जी के निवास पर किया। मुख्यातिथि रहे वरिष्ठ कवि रणधीर प्रसाद गौड़ धीर व विशिष्ट अतिथि रहे कवि हिमांशु श्रोतिय निष्पक्ष संचालन हास्य कवि मनोज दीक्षित टिंकू ने किया।…

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  • घूंघट न होता तो कुछ भी न होता
    छंद

    छंद घूंघट | मनहरण घनाक्षरी

    ByAdmin April 11, 2024

    छंद घूंघट मान मर्यादा रक्षक, लाज शर्म धर ध्यान। चार चांद सौंदर्य में, घूंघट सजाइए। प्रीत की फुहार प्यारी, सुंदर सुशील नारी। पिया मन को लुभाती, घूंघट लगाइए। गौरी का श्रृंगार सौम्य, प्रियतम मन भाए। गोरा मुखड़ा चमके, घूंघट दिखाइए। पहने परिधान वो, घर की पहचान वो। भारत की शान नारी, घूंघट हटाइए। कवि : रमाकांत…

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  • Kavita Wah Aadmi
    कविताएँ

    वह आदमी | Kavita Wah Aadmi

    ByAdmin April 11, 2024

    वह आदमी ( Wah Aadmi )   वह आदमी दो कमरों के मकान में बड़ा खुश था कि अन्ना – आन्दोलन ने उसे राजनीति के कच्चे शीशे में जड़ा सपना दिखा दिया . वह आदमी सब पर आरोप मढ़ा हुआ जा बैठा महत्वाकांक्षा के औंधे शिखर पर . वह आदमी चुंकि आम आदमी था लोगों…

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