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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita Murkh Divas
    कविताएँ

    मूर्ख दिवस | Kavita Murkh Divas

    ByAdmin April 1, 2024April 1, 2024

    मूर्ख दिवस ( Murkh Divas )   हम मुर्ख बने मुर्ख रहे आज भी मुर्ख बनें हैं मुर्ख हैं सोचे हि नहीं कभी तात्पर्य इस मूर्खता का कर लिए स्वीकार्य हंसकर चली गई चाल थी यह हमारी संस्कृत्ति के तोड़े जाने की पावन पुनीत चैत्र प्रतिपदा को मुर्ख दिवस साबित करने की हा, हम मुर्ख…

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  • Ghazal Bahu
    ग़ज़ल

    बहू निकली है पुखराज | Ghazal Bahu

    ByAdmin April 1, 2024

    बहू निकली है पुखराज ( Bahu Nikli Hai Pukhraj ) बज उठ्ठेगी घर -घर में फिर सबके ही शहनाई उधड़े रिश्तों की कर लें गर हम मिलकर तुरपाई जीत लिया है मन सबका उसने अपनी बातों से मेरे बेटे की दुल्हन इस घर में जब से आई घर में बहू की मर्ज़ी के बिन पत्ता…

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  • Kavita Ji Lete
    कविताएँ

    जी लेते हैं चिथड़े में खुशहाली में | Kavita Ji Lete

    ByAdmin April 1, 2024

    जी लेते हैं चिथड़े में खुशहाली में   फुटपाथ पर ही हमें हरियाली है जी लेते हैं चिथड़े में खुशहाली है। कचड़े में अरमान तलाश लेते हैं नहीं चोट किसी को कभी देते हैं। छिन लिया जिसने हमारी थाली है उसके घर पाजेब सोने की बाली है। मेरे घर होली औ कहाँ दीवाली है सारे…

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  • Hunar
    शेरो-शायरी

    हुनर | Hunar

    ByAdmin April 1, 2024

    हुनर  ( Hunar )   बेहतर से बेहतरीन की आस है, मुझको मेरे “हुनर” की तलाश है, मुझको सारा “आसमान” चाहिए, अभी तो फ़क़त..ज़मीं मेरे पास है, दिल के ही”तहखाने” में क़ैद हूँ मैं, इलाज बेमानी मेरे, ऐसी वैद्य हूँ मैं, अपने हुनर को चमकाना न आया, ऐसी कोरे काग़ज़ सी ‘सफेद’ हूँ मैं, माना…

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  • Kavita Behtar
    कविताएँ

    बेहतर | Hindi Poem Behtar

    ByAdmin April 1, 2024

    बेहतर ( Behtar ) धन की मदद नही कर सकते किसी की उसकी वैचारिक मदद तो कर ही सकते हो ज्ञात है कि कोई मार्ग से भटक रहा है तो उसे सही राह का ज्ञान दे हि सकते हो आपने भी तो किसी से सीखा ही है कुछ न कुछ तो आप भी किसी को…

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  • Kavita Facebook Maitri
    कविताएँ

    फेस बुक मैत्री | Kavita Facebook Maitri

    ByAdmin April 1, 2024April 1, 2024

    फेस बुक मैत्री ( Facebook Maitri ) फेस बुक मैत्री,नव उत्साह उमंग जगाती अपनत्व भरी प्रेरक आभा, अनंत ममता स्नेह दुलार । घनिष्ठता परम अभिव्यंजना, पुनीत पावन शब्द धार । ज्ञान गंग विमल लहर, अंतर्मन सदा सरसाती । फेस बुक मैत्री, नव उत्साह उमंग जगाती ।। आभाषी पथ श्रम अथक, क्लांत रहित दर्शन अवसर ।…

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  • राजस्थान दिवस पर संजीवनी संस्था द्वारा कवि गोष्ठी का आयोजन
    साहित्यिक गतिविधि

    राजस्थान दिवस पर संजीवनी संस्था द्वारा कवि गोष्ठी का आयोजन

    ByAdmin March 31, 2024

    संजीवनी संस्था द्वारा राजस्थान दिवस पर जांगिड अस्पताल परिसर में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। राजस्थान के गौरव कला साहित्य संस्कृति व हमारी विरासत को दर्शाती मरूधरा के यशगान को काव्य मे पिरोकर कवियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजीवनी के अध्यक्ष डाॅ दयाशंकर जांगिड ने की। तथा मुख्य अतिथि…

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  • Kahani Parahit ka Phal
    कहानियां

    परहित का फल | Kahani Parahit ka Phal

    ByAdmin March 31, 2024

    एक आदमी बहुत गरीब था। बचपन में ही उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। एक बार उस लड़के की मां ने कहा — “जाओ बेटा!जंगल में एक बाबा जी आए हुए हैं। वह जो भी आशीर्वाद देते हैं फलित होता है।” लड़का मां का आशीर्वाद लेकर चल दिया । रास्ते में एक सेठ का…

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  • Kahani Aankhon ki Chamak
    कहानियां

    आंखों की चमक | Kahani Aankhon ki Chamak

    ByAdmin March 31, 2024

    राधिका शादी होने के बाद अपने ससुराल में आई थी भरा पूरा परिवार था। ससुर भी पढ़े लिखे थे। दकियानूसी विचारधारा को नहीं मानते थे। राधिका को याद है एक बार मोहल्ले में एक बुजुर्ग महिला का देहांत हो गया था। राधिका उनके यहां बैठने गई। लौट कर आने पर दरवाजे पर ही नहाना पड़ता…

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  • संजीवनी द्वारा सम्राट अशोक जयंती पर “बनूं भोर का मधुर गीत” पुस्तक का विमोचन
    साहित्यिक गतिविधि

    संजीवनी द्वारा सम्राट अशोक जयंती पर “बनूं भोर का मधुर गीत” पुस्तक का विमोचन

    ByAdmin March 31, 2024

    29 मार्च को सांय जांगिड अस्पताल परिसर में महान सम्राट अशोक जयंती पर कवि महेन्द्र कुमावत व्याखाता झाझड़ द्वारा रचित व राजस्थान साहित्य अकादमी से अनुदानित ‘‘बनूं भोर का मधुर गीत’’ पुस्तक का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद डाॅ के डी यादव ने की। तथा मुख्य अतिथि भाजपा जिला महामंत्री योगेन्द्र…

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