• बहुत मुश्किल है जिंदगी में | Geet Bahut Mushkil hai

    बहुत मुश्किल है जिंदगी में ( Bahut Mushkil hai Zindagi Mein ) नैया लेकर चल रहे हैं, धार में छोड़ कर जाएंगे क्या भरोसा इनका है कि डूबते को पार लगायेंगे । अपना दाना पानी इनका किसी बहाने चलता है कोई फटे वस्त्र में रोता इनका वस्त्र बदलता है मांझी से पूछेगा कौन क्या घर,-…

  • सनम तुम | Ghzal Sanam Tum

    सनम तुम ( Sanam Tum )   मात्रा भार: १२२२ – १२२२ – १२२२ सनम तुम इक दफ़ा नजरें मिला लेना, झुकाकर यह नज़र, फिर से उठा लेना ! जो चाहो तुम मेरी हसरत कभी रखना हसीं मुख से ज़रा परदा हटा लेना ! छुआ है दिल तुम्हारी इन अदाओं ने, उठाकर तुम न ये…

  • मैं अकेला | Kavita Main Akela

    मैं अकेला ( Main Akela ) अकेला हूँ पर अकेला नहीं मेरे साथ है तारो भरी रात चाँद की चाँदनी मुहँ पर आई झुर्रियां माथे पर पड़ी सकीन एक सुनसान रात में जब बिस्तर पर होता हूँ। घड़ी की सुईयों की आवाज भयभीत कर देती है मुझे झाड़ि‌यों की झुण्ड की छाँव आवारा पशुओं की…

  • आसां नहीं होता | Ghazal Aasan Nahi Hota

    आसां नहीं होता ( Aasan Nahi Hota )   बज़ाहिर लग रहा आसां मगर आसां नहीं होता बहुत दुश्वार उल्फ़त का सफ़र आसां नहीं होता। ज़मीं एहसास की बंजर अगर इक बार हो जाये लगाना फिर मुहब्बत का शजर आसां नहीं होता। सुनो अहदे वफ़ा करना अलामत इश्क़ की लेकिन निभाना अहद यारों उम्र भर…

  • मेहरबान | Meherbaan

    मेहरबान ( Meherbaan ) उन मेहरबान शख़्सियत के बारे में क्या लिखूं, उनको अपना रहबर या फिर सायबान लिखूं, उनकी बातों में एक अजब जादू सा होता है , जो दिल-ओ-ज़हन को अपनी ओर खिंचता है, एक घने दरख़्त की मानिंद मुझ पर साया किया है, मान-मनाए के रिश्ते को दिल से निभाया किया है,…

  • हवाई महल | Kavita Hawai Mahal

    हवाई महल ( Hawai Mahal )   पानी मे लकीर बनती नही घड़े पर पानी ठहरता नहीं भरी हो नींद, खुली आँखों में जिनकी उनके आगे से कोई गुजरता नहीं खुद हि खुद मे गाफ़िल् हैं जो दीन दुनियां से बेखबर हैं जो पाले बैठे हैं खुद की हि समझदारी जो उनके मुह से कोई…

  • राजस्थान दिवस | Kavita Rajasthan Diwas

    राजस्थान दिवस ( Rajasthan Diwas )   चंबल की अदाओं पर,मरुस्थल की अंगड़ाई त्याग बलिदान शौर्य धरा, उत्सर्ग उपमित भव्य इतिहास । लोक कला संस्कृति अद्भुत, सर्वत्र दर्शन जन उल्लास । रजपूती माटी रज रज, अनंत सूरमा सुप्रभा जड़ाई । चंबल की अदाओं पर,मरुस्थल की अंगड़ाई ।। मिट्टी अंतर जोश उमंग, मलयज सम स्फूर्त बयार…

  • पुनर्जन्म | Kavita Punarjanm

    पुनर्जन्म ( Punarjanm ) मैंने सबसे कीमती वस्तु को, तलाशना चाहा,  हीरे-जवाहरात , मणि माणिक , सभी लगे मिट्टी के धूल समान,  मैं अपनी धुन में,  खोजता चला जा रहा था , दिन, महीने में बदलने लगे , महीने वर्ष में , लेकिन नहीं मिल सकी, वह कीमती तोहफा, जो संसार में सबसे कीमती हो।…

  • होली में बरसे रंग प्यार के | Kavita Holi me

    होली में बरसे रंग प्यार के ( Kavita Holi me Barse Rang Pyar ke )   होली मे बरसे रंग प्यार के, आओ रंग दे तुम्हें गुलाल से। ढोलक और चंग आज बजाएं, रंग दे तुम को हर एक रंग से।। जागी है मन में आज उमंग, बुराई का करेंगे हम तो दमन। हिन्दू मुस्लिम…

  • आनंदिता स्पंदन | Kavita Aanandita Spandan

    आनंदिता स्पंदन ( Aanandita Spandan ) आनंदिता स्पंदन, चिन्मय पथ पर नेह अंतर मंगल प्रवाह, सुख वैभव क्षणिक धार । तात्विक तथ्य गहन मंथन, ज्योतिर्मय दर्शन साकार । चंचल चितवन आरूढ़, नवल धवल भव रथ पर । आनंदिता स्पंदन, चिन्मय पथ पर ।। दृष्टि बिंब नैतिक सात्विक, आस्था स्पर्श अलौकिक छोर । क्रोध वैमनस्य मूल…