• गुमान | Gumnaam

    गुमान ( Gumnam )   रखिए ना गुमान किसी की मित्रता पर एक प्रतिशत ही होंगे खड़े जरूरत पर लेखक हो या शिक्षक करते हैं नमन केवल दरश पर अजीब सा बन गया है ढांचा समाज का मतलब से ही व्यवहार है आज का हमदर्दी के बोल ही रहते है अधर पर वक्त पर निकलता…

  • आदमी को आदमी का साथ देना चाहिए | Aadmi ko Aadmi ka Sath

    आदमी को आदमी का साथ देना चाहिए ( Aadmi ko Aadmi ka Sath Dena Chahiye )   गिर पड़े लाचार कोई हमें हाथ देना चाहिए। आदमी को आदमी का साथ देना चाहिए। महक जाए महफिल सारी देख मुस्कान को। खुशियां झोली में सबकी नाथ देना चाहिए। झर झर मीठी वाणी है अघरों से रसधार बहे।…

  • कोई हमको राह बता दे | Koi Humko Rah Bata De

    कोई हमको राह बता दे ( Koi Humko Rah Bata De )   कोई हमको राह बता दे, मिल जाए सुख चैन जहां। खुशियों के पल हमें ढूंढने, जाए तो हम जाएं कहां। बोलो नदिया पर्वत बोलो, नील गगन के सब तारे। अपनापन अनमोल खो रहा, रिश्ते टूट रहे सारे। प्यार भरे दो बोल मीठे,…

  • फरेब | Fareb

    फरेब ( Fareb )   गहराई मे डूबने से अच्छा है किनारे ही रह लिया जाय हालात ठीक नहीं हैं इस दौर के अब खामोश ही रह लिया जाय मर सी गई हैं चाहतें दिल की तलाशते हैं लोग वजह प्यार की फरेब मे ही लिपटा है शहर सारा खुद ही खुद मे क्यों न…

  • आइल जब से होलिया | Ail Jabse Holiya

    आइल जब से होलिया ( Ail Jabse Holiya )   पीछे पड़ल गँउवाँ-जवार, आईल जब से ई होलिया। लोग माँगेन दिलवा हमार, आईल जब से ई होलिया। (4) कोरी उमरिया बा, कोरी चुनरिया, बस में न बाटे ई हमरी अंचरिया। हमरी अंचरिया हो,हमरी अंचरिया, हमरी अंचरिया हो,हमरी अंचरिया, हर कोई माँगे उधार, आईल जब से…

  • हंसती एक लड़की | Hansti ek Ladki

    हंसती एक लड़की ( Hansti ek Ladki ) ज़ोर से हंसती एक लड़की मानो खटकती है हर पुरुष की आँखों में मानो वो एक ख़तरा पैदा कर देती है हर उस स्त्री के लिये जिसे वो बांध कर आए हैं अपने घर की चारदिवारी में ज़िम्मेदारियों की ज़ंजीरों से। ये हंसी सीधा हमला कर देती…

  • पिता के संग | Pita ke sang

    पिता के संग ( Pita ke sang ) पिता के संग देखे है कई रंग जीवन की आंख मिचोली वक्त के भिन्न रंग दिल में दबे पिता के अरमान आँखों में सजे सपने भूतकाल की जमीं गर्द भविष्य के उजले सवेरे की उम्मीद बांहों में खेलने से लेकर उनके काँधे तक पहुंचने का सफर जिंदगी…

  • ठहराव |Thaharaav

    ठहराव ( Thaharaav )   मुझे तो चलना ही होगा आप चले या ना चलें आपके खातिर मैं रुक नहीं सकता हालांकि आपको छोड़ना भी नहीं चाहता सफर दूर का है फासला बहुत है भरोसा नहीं कल के फजर का मगरिब से पहले पहुंचना है मुकाम तक चलना है मुझे इसी जिद्दी से भरम पालकर…

  • नमो नारायण – गुरु जी | Namo Narayan

    सौम्य से दिखते चेहरों के बीच एक अनकहा दर्द हृदय में छुपाए रिसेप्शन पर आने जाने वालों को मधुर मुस्कानों से सबका स्वागत करती है । पहली बार जब उन्होंने मुझे देखा तो पहचान नहीं होने के कारण अपनी उसी स्टाइल में पूछा – ” आपको किसी से मिलना है क्या? इंक्वारी के लिए आए…

  • आओ चलें, सनातन धर्म की ओर

    आओ चलें, सनातन धर्म की ओर सृष्टि पटल दिव्य चेतना, स्पर्शन परमानंद अपार । स्नेह प्रेम उद्गम स्थल, उरस्थ शोभित सुसंस्कार । मुदित मना मानस मुनियों सा, मंथन चिंतन ज्ञान ध्यान भोर । आओ चलें, सनातन धर्म की ओर ।। यज्ञ पावन मानवता, तन मन धन उपकार । ब्रह्म ऊर्जा सदा शीर्ष, जीवन प्राण आधार…