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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • अमर
    कविताएँ

    अमर

    ByAdmin April 12, 2025April 12, 2025

    अमर दुनिया की हरवस्तु जन्म लेती हैऔर मरती हैइस मरणधर्माजगत में अमर कीकल्पना करने वालाकोई महान हीकल्पनाकार होगाकर्मों के सही सेक्षयोपशम होने परमनुष्य भव मेंसही से कर्मों काक्षयकर संपूर्णज्ञान प्राप्त होनेपर मिलन जबआत्मा से स्वयं काहोता तो आत्माके शुद्ध रूप सेफिर कोई भेदभेद न रहताज़िंदगी का सफ़रआयुष्य जितनाकेवली का होताधर्म का हीउस अवस्था मेंपहुँचने का…

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  • डॉ. सत्यवान सौरभ
    आलेख

    “गाँव से ग्लोबल तक: डॉ. सत्यवान सौरभ की कलम की उड़ान”

    ByAdmin April 10, 2025April 10, 2025

    (संघर्ष, साहित्य और संवेदना, हरियाणा की माटी से निकला साहित्य का सितारा, शब्दों से समाज तक,युवा साहित्य का उगता सूरज) भारत की मिट्टी ने सदैव ऐसे रचनाकारों को जन्म दिया है जिन्होंने समाज, संस्कृति और विचारों को नई दिशा दी है। इन्हीं में एक विशिष्ट नाम है डॉ. सत्यवान सौरभ, जो अपनी लेखनी के माध्यम…

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  • Mahavir Swami par Kavita
    आलेख

    आज के दौर में भगवान महावीर के विचारों की प्रासंगिकता

    ByAdmin April 10, 2025April 10, 2025

    एक नैतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण की पुकार आज के भौतिकवादी और असहिष्णु समय में भगवान महावीर के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अस्तेय और ब्रह्मचर्य जैसे सिद्धांतों के माध्यम से आत्म-शुद्धि और सामाजिक सद्भाव का मार्ग दिखाया। उनके विचार उपभोक्तावाद, हिंसा, पर्यावरण विनाश और नैतिक पतन जैसी समकालीन समस्याओं…

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  • 2624 वां महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव
    कविताएँ

    2624 वां महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव

    ByAdmin April 10, 2025April 10, 2025

    2624 वां महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव निरख निरख के रूप तुम्हारा “महावीर “दिल भरता ही नहीं,तेरे चरणों से उठकर जाने को मन करता ही नहीं !!सफल हो गए नरभव सबके जो भी दर्शन को पाए,बुला रहा सौभाग्य सभी को विघ्न कोई पड़ता ही नहीं || रवि सम आभा मुखमण्डल पर कामदेव सी काया है,रूप अनंग…

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  • डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार की कविताएं | Dr. Preeti Singh Parmar Poetry
    कविताएँ

    डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार की कविताएं | Dr. Preeti Singh Parmar Poetry

    ByAdmin April 10, 2025June 4, 2025

    “कुंभलगढ़ के शेर” (महाराणा प्रताप पर समर्पित एक भावनात्मक, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण कविता) कुंभलगढ़ की गोद में जन्मा, मेवाड़ का लाल, वीर प्रताप, सिंह सा गर्जे,  जिसने रण में ढाया काल। धूप-छाँव में पला बढ़ा वो स्वाभिमानी माटी का गौरव राजपूताना की शान बना, जो झुका नहीं, बना प्रमाण। पिता उदयसिंह के आँगन में, जयवंता…

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  • highness
    कहानियां

    उच्चता

    ByAdmin April 10, 2025April 10, 2025

    उच्चता कितना आकर्षक शब्दकिन्तु जितना आकर्षकउतना ही दूर यह हैपुरुषार्थ और लगन सेकोई भी कार्य बेहतर होता हैसंकल्प और प्रतिबद्धतासे होता बेहतरीनकार्य को श्रेष्ठता काजामा पहनाने के लिएरहना पड़ता है सदैवउसमें तन-मन से लीनप्रतिभा और क्षमता केयोग से वो उच्चता पाता हैअपनी अलग पहचान बनाता हैचाहे जीवन विकास काकार्य हो याचाहे हो किसी मेंयोग्यता प्रदर्शन…

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  • अहिंसक आंदोलन के सूत्रधार: महावीर स्वामी
    आलेख

    अहिंसक आंदोलन के सूत्रधार: महावीर स्वामी

    ByAdmin April 10, 2025April 10, 2025

    मानव समाज में हिंसा आतंक की जड़े बड़ी गहरी हैं। घर परिवार में बात बिना बात के बड़ों द्वारा छोटे को मारना, पति द्वारा पत्नी बच्चों को मारना पीटना छोटी-छोटी बातों में पिटाई कर देना सामान्य बात है। ऐसे ही सामान्य दिनचर्या में भी बात-बात में लड़ाई झगड़ा करना हिंसा के उदाहरण हैं। वर्तमान समय…

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  • हिंदी ग़ज़ल और उर्दू ग़ज़ल में विभिन्नताएं
    आलेख

    हिंदी ग़ज़ल और उर्दू ग़ज़ल में विभिन्नताएं

    ByAdmin April 9, 2025April 9, 2025

    एक आलोचनात्मक अध्ययन ग़ज़ल भारतीय उपमहाद्वीप की एक विशिष्ट काव्य विधा है, जिसकी जड़ें फारसी साहित्य में हैं और जिसकी शाखाएँ उर्दू और हिंदी साहित्य में समृद्ध रूप से फैली हुई हैं। यद्यपि हिंदी और उर्दू ग़ज़लों का मूल स्रोत समान है, फिर भी समय, भाषा, शैली, भाव-व्यंजना और सांस्कृतिक संदर्भों के कारण दोनों में…

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  • हनुमान जन्मोत्सव
    कविताएँ

    हनुमान जयन्ती

    ByAdmin April 8, 2025April 8, 2025

    हनुमान जयन्ती शांति,गीत,श्रद्धा,समर्पणआदि गरिमामय जीवनऔर व्यक्तित्व सेधर्म का सुंदर समन्वयज्ञान सागर लहराने वालेआनंद के लोक में ले जाने वालेक़लम के कृति रत्न समुद्दभूतहनुमान जी को मेरा भावोंसे वंदन -अभिनंदन !शत- शत नमन ! प्रणाम !जो ज्ञाता है वहस्वयं अज्ञात है ।अज्ञात को ज्ञात करनेका प्रयत्न होना चाहिएविभिन्न माध्यमों के द्वाराक्योंकि आत्मा को भी अपनासही से…

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  • ब्रह्माकुमारीज चीफ दादी रतनमोहिनी को दी श्रद्धांजलि
    संस्मरण

    ब्रह्माकुमारीज चीफ दादी रतनमोहिनी को दी श्रद्धांजलि

    ByAdmin April 8, 2025April 8, 2025

    स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने ब्रह्माकुमारीज चीफ दादी रतनमोहिनी के शरीर छोड़कर परमात्मा शिव की गोद लेने पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। आध्यात्म और रूहानियत के क्षेत्र में बड़ी शख्सियत राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने श्रीगोपाल नारसन की कई पुस्तकों का विमोचन विभिन्न अवसरों पर किया था। गत…

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