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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Adhuri
    कविताएँ

    अधूरी | Adhuri

    ByAdmin January 19, 2024

    अधूरी ( Adhuri )   अकसर अधूरी रह जाती हैं बातें अब बाबुल की याद में हि कटती है रातें वक्त निकाल कर बात तो कर लेते हैं हाल ए दिल सुना देते हैं मगर कुछ अधूरी कहानी रह जाती है कुछ बाते सुनानी रह जाती है जिम्मेदारियों में आंखे डूब जाती हैं बाबुल की…

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  • विश्व धरा ज्योतिर्मय : राघवेंद्र के अभिनंदन में
    कविताएँ

    विश्व धरा ज्योतिर्मय : राघवेंद्र के अभिनंदन में

    ByAdmin January 19, 2024

    विश्व धरा ज्योतिर्मय,राघवेंद्र के अभिनंदन में   जन ह्रदय पुनीत पावन, सर्वत्र स्नेह प्रेम सम्मान। कलयुग रूप त्रेता सम, अयोध्या उपमित जहान। मर्यादा पुरुषोत्तम दिग्दर्शन, आराधना स्तुति वंदन में । विश्व धरा ज्योतिर्मय, राघवेंद्र के अभिनंदन में ।। साढ़े पांच सौ वर्ष दीर्घ प्रतीक्षा, राम लला प्राण प्रतिष्ठा अनूप । मनुज सर्व जीव जंतु विभोर,…

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  • Raat Thehri si
    कविताएँ

    रात ठहरी सी | Raat Thehri si

    ByAdmin January 19, 2024

    रात ठहरी सी ( Raat thehri si )   कुछ रात ठहरी सी है ,स्याह सी,गहरी सी है धुंध को ओढ़े सी है ,कई राज  समेटे  सी है सर्द सी , जर्द सी ,सीने में अलाव लिए हुए कांपती, कंपाती सी ,दिल को हाथ में थामे सी है सांसों की हरारत से ,जमा लहू पिघलाते…

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  • Janab ye Zindagi Hai
    शेरो-शायरी

    जनाब ये जिंदगी है | Janab ye Zindagi Hai

    ByAdmin January 19, 2024

    जनाब ये जिंदगी है ( Janab ye zindagi hai )   जीलो आज और कल हरदम बेझिझक जनाब हमें जिंदगी बार-बार नहीं मिलेगी जीवन में ढेर सारे ग़म और कहीं कहीं खुशी है जनाब गम लेकर बैठे तो तुम हमेशा उदास रहो, खूबसूरत है जनाब ज़िन्दगी हर पल खुश रहो जिंदगी भर हर पल तुम्हें…

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  • Siyaram Ayodhya Aayenge
    कविताएँ

    सियाराम अयोध्या आएंगे | Siyaram Ayodhya Aayenge

    ByAdmin January 19, 2024

    सियाराम अयोध्या आएंगे ( Siyaram ayodhya aayenge )   फिर से अयोध्या को आएंगे कलयुग में वो राम, सत्य सनातन धर्म का ध्वज लहराएंगे श्री राम। चलो चलो अब सब चलो पावन अयोध्या धाम, २२ फरवरी वो दिन है जहां बनेंगे बिगड़े काम।। कर लेना दर्शन राम के बन जाएंगे संपूर्ण काज, सज रहा है…

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  • Meri Ayodhya
    कविताएँ

    मेरी अयोध्या | Meri Ayodhya

    ByAdmin January 18, 2024

    मेरी अयोध्या ( Meri Ayodhya ) धर्म की नगरी सोई हुई थी, आज जगी है मेरी अयोध्या। पुलकित हो गया रोम रोम,आज खिली है मेरी अयोध्या। नैना निहारत चौखट पर इक, मन्दिर ऐसा भव्य बना है, भारत का संताप मिटा अब,दमके ऐसी है मेरी आयोध्या। दीप जलावत मंगल गावत, जन मन को रिझावे अयोध्या। सोने…

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  • वो पहली मोहब्बत | Pehli Mohabbat
    ग़ज़ल

    वो पहली मोहब्बत | Pehli Mohabbat

    ByAdmin January 18, 2024

    वो पहली मोहब्बत ( Wo pehli mohabbat )   वो पहली मोहब्बत का बीता ज़माना याद आता है, वो छोटी-छोटी बातों पे रूठना मनाना याद आता है! ख्वाबों ख्यालों में रहना आसमान में उड़ने का मज़ा, हो दुनिया से बेख़बर इश्क-ऐ-फ़साना याद आता है! एक दूजे की आगोश में दिन रात का वक़्त गुजरना अपनी…

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  • Abhi Hai Waqt
    कविताएँ

    अभी है वक्त | Abhi Hai Waqt

    ByAdmin January 18, 2024

    अभी है वक्त ( Abhi hai waqt )   खौल उठना है खून ,जब देती है दिखाई नग्न ता वह सोच की हो या परिधान की या हो डूबती संस्कृति और सभ्यता पुरखों से मिली धरोहर को निगल रही यह आधुनिकता पुरुषत्व हीन हो रही नव पीढ़ी गांजा चरस अफीम की विविधता शर्म , लाज,…

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  • राजा कृष्णदेव राय
    शेरो-शायरी

    राजा कृष्णदेव राय | Krishnadev Rai

    ByAdmin January 17, 2024January 22, 2024

    राजा कृष्णदेव राय ( नज़्म )   प्रजा के होंठों की मुस्कान महफूज रखते थे कृष्णदेव राय, सहिष्णुता के धागे से सभी को बाँधे रखते थे कृष्णदेव राय। नफरत तो उनके अंदर प्रवेश ही नहीं कर पाई थी, मातृभूमि की रक्षा के लिए सदा तैयार रहते थे कृष्णदेव राय। हिन्दू हो या मुस्लिम,दोनों को एक…

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  • राघव अनुपमा में : वैदेही चिन्मय श्रृंगार
    कविताएँ

    राघव अनुपमा में : वैदेही चिन्मय श्रृंगार

    ByAdmin January 17, 2024

    राघव अनुपमा में : वैदेही चिन्मय श्रृंगार   सनातन धर्म संस्कृति अंतर, राम उपमा मर्यादा पुरुषोत्तम । शिरोधार्य कुल वंश आज्ञा, आदर्श प्रेरणा चरित्र सर्वोत्तम । परिणय आभा जनक दुलारी, जप तप साधना शील अवतार । राघव अनुपमा में, वैदेही चिन्मय श्रृंगार ।। दिव्यता भव्यता अनूप पर्याय, विमल मृदुल सौम्य छवि। ब्रह्म कवच आराध्य श्री…

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