मैं कलम हूॅ॑
मैं कलम हूॅ॑ कलम बड़ी अनमोल है,जाने चतुर सुजान।दया धरम अरु शील का,,करती बहुत बखान।। कलम लेख की शान है,लिखती है भरपूर।लिखे आत्म का ज्ञान ये, दृष्टि रखती सुदूर।। चलती जब है यह कलम,लिखे सदा गुणगान।कहती सब है सच सदा, होती कलम महान।। तीन अक्षर का नाम है,करती बहुत कमाल।हाथ पड़ी जब योग्यता,चमका उनका भाल।।…