• कुदरत | Kudrat

    कुदरत ( kudrat )    युगों-युगों से निसर्ग की दुनिया दीवानी, चलो आज लिखते हैं कुछ नई कहानी। बाँहें फैलाए खड़ी है ये कुदरत, छेड़ते हैं बातें कुछ उसकी रूहानी। अल्हड़ हवाएँ,वो उड़ते परिन्दे, जगह -जगह छोड़ी है अमिट निशानी। झीलों का देखो वो झलकता बदन, बातें बहुत हैं उसकी आसमानी। नदियों का बहना, नदियों…

  • आज फिर ग़मज़दा हो गया | Gamazada Shayari

    आज फिर ग़मज़दा हो गया ( Aaj Phir Gamazada ho Gaya )   यार भी बेवफ़ा हो गया देखलो वो जुदा हो गया चाहते थे जिसे हम बहुत शख्स मुझसे ख़फ़ा हो गया आज यूं हो गया ज़ीस्त से साथ मेरे दग़ा हो गया अश्क़ छलके मेरी आंख से यार जब तू जुदा हो गया…

  • लम्हे | Lamhe

    लम्हे ( Lamhe )    एक लम्हे में ही कहानी बन जाती है एक लम्हे में ही जीवन बदल जाता है लम्हे के पल को समझना न कम कभी कभी लम्हे में ही जीती बाजी पलट जाती है लम्हे लम्हे ही सांसों का दौर चलता है लम्हे लम्हे ही गगन से बूंद बरसती है लम्हे…

  • चतरू चाचा आए | Chatru Chacha Aaye

    चतरू चाचा आए ( Chatru chacha aaye )  शहर बसे बेटे के घर जब , चतरू चाचा आए . सहम गए थे पूत -पतोहू , बच्चे भी चकराए . लगे बहू को निशिदिन ही अब , होगी टोकाटाकी . नहीं रुचेंगी इन्हें गैस की , रोटी काची पाकी . चूल्हा खोदे खाट बिछी ये ,…

  • कल और आज | Kal aur Aaj

    कल और आज ( Kal aur aaj )    पहले जब सात्विक खाते थे, तब हम तंदुरुस्त कहलाते थे। आज केएफसी में जाते हैं, तामसी आहार मंगवाते हैं। पहले घर पर खाना बनता था, शुद्ध और सतोगुणी होता था। आज बाहर से खाना आता हैं, साथ में ढेरों बीमारी लाता हैं। पहले घर पर गेहूं…

  • चला जायेगा साल तेईस | Chala Jayega 2023

    चला जायेगा साल तेईस ( Chala Jayega 2023 )    चला जायेगा साल तेईस आ गया है दिसंबर दो बातें याद है मुझे एक आपकी शक्ल एक आपका नम्बर चला जायेगा साल तेईस कुछ नहीं हुआ ऐसे बीता जैसे और बीतते थे एक बदलाव आया है मुझे बाप जैसा दोस्त खोया है रविन्द्र गासो चला…

  • दोस्ती के नाम | Dosti ke Naam

    दोस्ती के नाम ( Dosti ke Naam )    संग फिजा के दोस्ती की महक भेजना सर पर हमेशा मुश्किल में हाथ रखना डूबते सूरज के हाथ थोड़ी रोशनी भेजना, संग चांद के थोड़ी चांदनी भेजना… कड़कती धूप में पेड़ की छाया बनना बरसती बरसात में तुम छत्री कहलाना यह दोस्ती के हर वादे को…

  • आँखों में डूब जाने को | Aankhon mein Doob Jaane ko

    आँखों में डूब जाने को ( Aankhon mein doob jaane ko )    वो बेक़रार हैं ख़ुद राज़े-दिल बताने को सजा रहे हैं बड़े दिल से आशियाने को मिला है साथ हमें तेरा जब से ऐ हमदम बढ़ा दिये हैं क़दम आसमां झुकाने को तुम्हारा फूल सा चेहरा रहे खिला हरदम मैं तोड़ लाऊँ सितारे…

  • आज का आदमी | Aaj ka Aadmi

    आज का आदमी ! ( Aaj ka Aadmi )    मादरी जबान से कट रहा आज का आदमी, अंग्रेजी में नाक ऊँची कर रहा आज का आदमी। ऊपर से नीचे तक का लिबास चाहिए विदेशी, अपनी ही पहचान भूल रहा आज का आदमी। अपने दिल की जमीं पे बो रहा विदेशी संस्कार, खुद का संस्कार…

  • चाय की चुस्कियां | Chai ki Chuskiyan

    चाय की चुस्कियां ( Chai ki chuskiyan )   चाय की चुस्कियों में तबियत खुश हो गई। चेहरे पे रंगत छाई आंगन में रौनक हो गई। महक उठी महफिल अजीज मिल बैठे यार। कहकहो का दौर लेके आई हंसी की बहार। चाय की चुस्कियों ने मीठी कर दी जुबान को। अदरक ने रुतबे से खुश…