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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • राज अपने भी हमसे छुपाने चले हैं | Raaz Apne
    कविताएँ

    राज अपने भी हमसे छुपाने चले हैं | Raaz Apne

    ByAdmin December 19, 2023

    राज अपने भी हमसे छुपाने चले हैं   लीक से हमको हटाने चले हैं, रीत नई वो निभाने चले हैं। मिटा ना सकेंगे निशां वो हमारे, दिलों में दूरियां बनाने चले हैं। महफिल जमाकर भुलाने चले हैं, यादों से अपनी मिटाने चले हैं। लेखनी का जादू भुला ना सकेंगे, तेवर यूं रूखा सा दिखाने चले…

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  • Treta Sum Ehsaas
    कविताएँ

    त्रेता सम अहसास | Treta Sum Ehsaas

    ByAdmin December 18, 2023December 19, 2023

    त्रेता सम अहसास ( Treta sum ehsaas )    कलयुग में हो रहा,त्रेता सम अहसास हिंद रज रज अति हुलसित, निहार राम मंदिर निर्माण । कल्पना भव्य साकार रूप, जनमानस स्पर्श पथ निर्वाण । बाईस जनवरी दो हजार चौबीस, सर्वत्र रामलला प्राण प्रतिष्ठा उजास । कलयुग में हो रहा त्रेता सम अहसास ।। जय श्री…

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  • जाग रे तू जाग | Jaag re Tu Jaag
    नवगीत

    जाग रे तू जाग | Jaag re Tu Jaag

    ByAdmin December 18, 2023

    जाग रे! तू जाग!! ( Jaag re tu jaag )   फन उठाये आ रहे हैं, वंचना के नाग। देखना अब त्याग सपना। कर प्रकाशित दीप अपना। ये गरल के सचल वाहक, दूर इनसे भाग। है अमंगल निकट आना। दूध मत इनको पिलाना। छोड़ते मुंह से सदा ये, बस विषैले झाग। केंचुलें रंगीन इनकी। कालिमा…

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  • Shasan aur Prashasan
    नवगीत

    शासन और प्रशासन | Shasan aur Prashasan

    ByAdmin December 18, 2023December 18, 2023

    शासन और प्रशासन ( Shasan aur Prashasan )   उग्र भीड़ सचिवालय जानिब , चली सौंपने ज्ञापन . शोषित जन की आवाज बने , अब आक्रोशित नारे . माँगें लेकर खड़ी याचना , शासन को धिक्कारे . तीन पाँव धरती की खातिर , निकला जैसे वामन . फर्जी बनकर टेढ़े चलते , ये सारे ही…

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  • Gunagunati Dhoop
    कविताएँ

    गुनगुनाती धूप | Gunagunati Dhoop

    ByAdmin December 18, 2023December 18, 2023

    गुनगुनाती धूप ( Gunagunati dhoop )    गुनगुनी धूप में बैठो तुम जरा, जिंदगी सुहानी है मजा लीजिए। सर्दी सताए जब भी कभी, खुद को धूप से सजा लीजिए। धूप लगती प्यारी ठंडक में हमें, सर्दी सारी अब भाग दीजिए। राहत देती हमें ताजगी से भरी, थोड़ा धुप में भी सुस्ता लीजिए। रोगों से रक्षा…

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  • Na Kahiye Baat
    कविताएँ

    ना कहिए बात | Na Kahiye Baat

    ByAdmin December 18, 2023

    ना कहिए बात ( Na kahiye baat )   न कहिए किसी से दिल की बात बात बातमें ही बातों का रंग बदल जाता है समझते हैं जिसे आप अपने बेहद करीब कल वह किसी और के महफिल में नजर आता है आईना भी कभी अपना खास नहीं होता दिलों की दूरी में कोई भी…

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  • आकाशवाणी जयपुर से कवि रमाकांत सोनी सुदर्शन ने दी चौथी बार राजस्थानी भाषा में काव्य प्रस्तुतियां दी
    साहित्यिक गतिविधि

    आकाशवाणी जयपुर से कवि रमाकांत सोनी सुदर्शन ने दी चौथी बार राजस्थानी भाषा में काव्य प्रस्तुतियां दी

    ByAdmin December 18, 2023

    नवलगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार कवि रमाकांत सोनी सुदर्शन ने आकाशवाणी केंद्र प्रसार भारती में समसामयिक विषयों आओ म्हारा राजस्थान, घर की लिछमी म्हारी मिजाजण, गांव री गुवाड़ चालो, साजन बेगो क्यूं नहीं आयो, घर का पूत कुंवारा डोलै आदि प्रस्तुतियां दी। आकाशवाणी द्वारा 18 दिसंबर को सवेरे 7.00 बजे रचनाओ का प्रसारण किया जाएगा। साहित्यकार…

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  • Vivah Panchami
    कविताएँ

    विवाह पंचमी | Vivah Panchami

    ByAdmin December 17, 2023December 18, 2023

    विवाह पंचमी ( Vivah Panchami )   राम तभी से, सिया राम हो गए मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी अद्भुत, चेतना प्रकृति मिलन अवसर । दैविक उपमा राम सीता विवाह सर्वत्र सनातनी संस्कृति असर । धर्म आस्था परम शिखर, कलयुग भाव त्रेता सम हो गए। राम तभी से, सिया राम हो गए ।। उपवन गमन ध्येय पूजन…

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  • क़ुबूलनामा | Qubool Nama
    कविताएँ

    क़ुबूलनामा | Qubool Nama

    ByAdmin December 17, 2023December 17, 2023

    क़ुबूलनामा ( Qubool nama ) प्यार छुपाना क्यों बताती क्यों नहीं, अपने जज़्बात तुम जताती क्यों नहीं, मिलना न मिलना बात है मुकद्दर की अपना हूँ एहसास कराती क्यों नहीं। इश्क़ में आँसू नहीं हम चाहते है खुशी, बात ये अपनों को समझाती क्यों नहीं। दुश्मन है जो भी हमारी मोहब्बत के, बग़ावत में आवाज़…

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  • Husn ka Gulab
    ग़ज़ल

    हुस्न का गुलाब | Husn ka Gulab

    ByAdmin December 17, 2023

    हुस्न का गुलाब ( Husn ka gulab )    हुस्न का है गुलाब वो आज़म शक्ल से लाज़वाब वो आज़म फ़ूल लेता नहीं वहीं मेरा दें निगाहों में आब वो आज़म चाहता हूँ अपना बनाना वो एक खिलता शबाब वो आज़म दीद हो किस तरह भला उसका ओढ़े है जो नक़ाब वो आज़म शक्ल से…

    Read More हुस्न का गुलाब | Husn ka GulabContinue

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