Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • जीवन प्रिशा अनूप अनंत | Jeevan Prisha
    कविताएँ

    जीवन प्रिशा अनूप अनंत | Jeevan Prisha

    ByAdmin December 13, 2023

    जीवन प्रिशा अनूप अनंत ( Jeevan Prisha Anup Anant )   मानव जन्म सृष्टि पटल, अलौकिक अनुपम छवि । देवत्व प्रभा मुखमंडल, ओज पुंज सदृश रवि । स्नेह दया सहयोग मूल, सदा गमन नैतिकता पंत । जीवन प्रिशा अनूप अनंत ।। दुःख कष्ट सम धूप छांव , प्रति पल परिवर्तन कारी । सुख आनंद नेह…

    Read More जीवन प्रिशा अनूप अनंत | Jeevan PrishaContinue

  • डा० रविन्द्र गासो के साथ कुछ लम्हे
    संस्मरण

    डा० रविन्द्र गासो के साथ कुछ लम्हे

    ByAdmin December 13, 2023

    मैं गासो जी से जनवरी में हरियाणा सृजन उत्सव के दौरान पहली बार मिला था। वो सब के साथ मिलनसार और दूसरे को आपको दिल में बैठाने वाले व्यक्ति थे। मैं यह कहकर शुरुआत करना चाहता हूँ कि आपकी हानि का के लिए मुझे बहुत खेद है। आप इस संसार मैं होते तो शायद आज…

    Read More डा० रविन्द्र गासो के साथ कुछ लम्हेContinue

  • Hum Tumhare Hain Sanam
    कविताएँ

    हम तुम्हारे है सनम | Hum Tumhare Hain Sanam

    ByAdmin December 13, 2023

    हम तुम्हारे है सनम ( Hum Tumhare Hain Sanam )   मन में कभी तुम ना लाना प्रियवर ऐसा ये विचार, छोड़ जायेगी हमको ऐसे कर देगी जीवन बेकार। सात-वचन से बंधकर आयी मैं पतिव्रता यह नार, साथ रहूॅंगी पूरी उम्रभर मैं भरती हूॅं ऐसी हूॅंकार।। एक तेरे ही खातिर छोड़ आई हूॅं मैं सारा…

    Read More हम तुम्हारे है सनम | Hum Tumhare Hain SanamContinue

  • Do Chhote Kimti Moti
    विवेचना

    दो छोटे कीमती मोती | Do Chhote Kimti Moti

    ByAdmin December 12, 2023

    कहते है कि अगर किसी व्यक्ति को मदद की जरूरत होती है तो उसको तुरन्त देना चाहिये । मन की कोमलता और व्यवहार में विनम्रता से वह कार्य भी बन जाते हैं जो कठोरता से नहीं बन पाते हैं। किसी ने सच ही कहा है =डरा -धमकाकर, अहसान जताकर किसी को जीते तो क्या जीते?…

    Read More दो छोटे कीमती मोती | Do Chhote Kimti MotiContinue

  • मैं तुम्हें चाहने लगा | Main Tumhe Chahne Laga
    कविताएँ

    मैं तुम्हें चाहने लगा | Main Tumhe Chahne Laga

    ByAdmin December 12, 2023December 12, 2023

    मैं तुम्हें चाहने लगा ( Main tumhe chahne laga ) प्रणय अनुबंध पर,मैं तुम्हें चाहने लगा प्रेम पथ जगी लगन , तन मन अथाह मगन । देख दिव्य अक्स तुम्हारा, हृदय मधुर गाने लगा । प्रणय अनुबंध पर,मैं तुम्हें चाहने लगा ।। मुझे लगी जो सनक , सबको हो गई भनक । हर पल जीवन…

    Read More मैं तुम्हें चाहने लगा | Main Tumhe Chahne LagaContinue

  • Kimti
    कविताएँ

    कीमती | Kimti

    ByAdmin December 12, 2023

    कीमती ( Kimti )   जीवन के उलझे धागों के, सुलझे हुए रिश्ते हो, नए मोड़ के फरिश्ते कहलाते हो.. बहुत डर था दिल में, मानो मन को सवालों ने घेरा था, मगर जवाब में खुदाने मुझे कीमती तोफे को दिया था।। दिल की धड़कने बढ़ने लगती, तो मुझे वह मुझे गले लगाती , उलझती…

    Read More कीमती | KimtiContinue

  • Bheegi Palken
    कविताएँ

    भीगी पलकें | Bheegi Palken

    ByAdmin December 12, 2023

    भीगी पलकें ( Bheegi palken )    पलके भीग जाती है, बाबुल की याद में, तन्हाई बड़ी सताती है, अब मायके के इंतजार में।। यह कैसे रीत तूने खुदा है बनाई, बचपन का आंगन छोड़, होजाती है परियो की विदाई।। जिम्मेदारी के ढांचे में ढलना ही होता है, पलके पर आंसू छुपकर , हर फर्ज…

    Read More भीगी पलकें | Bheegi PalkenContinue

  • सासू मां का बहु के लिए अनमोल तोहफा
    कहानियां

    सासू मां का बहु के लिए अनमोल तोहफा

    ByAdmin December 12, 2023

    राधा की शादी एक अच्छे परिवार में हुई थी वह अपनी ससुराल में इकलौती बहू थी। बस एक छोटी नंद थी और सास ससुर। ससुराल में सभी बहुत अच्छे थे। राधा को अपनी बेटी की तरह ही मानते थे। पति भी उसको बहुत प्यार करता था उसकी सभी जरूरतों का ध्यान रखता था। नंद तो…

    Read More सासू मां का बहु के लिए अनमोल तोहफाContinue

  • चाय पर : हाइकु
    हाइकु

    चाय पर : हाइकु

    ByAdmin December 12, 2023December 16, 2023

    चाय ( Chai )    गरमाहट लाती हैं चुस्कियां गर्म चाय की ।। बातें भी होती गरमा गर्म चाय के साथ सभी ।। कुछ पुरानी कुछ नई बाते हैं, मुलाकाते हैं ।। सबको बुलाए आओ चाय बनाएं ताजा हो जाएं।। पकौड़े साथ मसाला वाली चाय आज हो जाएं।। किस्से सुनाते, विसराए पल भी , हाँ…

    Read More चाय पर : हाइकुContinue

  • राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त | Maithili Sharan Gupt
    कविताएँ

    राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त | Maithili Sharan Gupt

    ByAdmin December 12, 2023December 12, 2023

    राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ( Rashtrakavi Maithili Sharan Gupt )   खड़ी बोली के महत्वपूर्ण एवं प्रथम-कवि थें आप, हिंदी-साहित्य में दद्दा नाम से पहचानें जाते आप। बांग्ला हिन्दी और संस्कृत भाषाऍं जानते थें आप, अनेंक उपाधियों से सम्मानित हुऍं गुप्त जी आप।। मैथिलीशरण गुप्त जी था जिनका प्यारा ‌यह नाम, महावीरप्रसाद द्विवेदी की प्रेरणा से…

    Read More राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त | Maithili Sharan GuptContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 315 316 317 318 319 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search