• यादें तेरी दिल की धड़कन

    यादें तेरी दिल की धड़कन यादें तेरी दिल की धड़कनें झकझोर हमें रुला गई। सरहद के सच्चे सेनानी जब याद तुम्हारी आ गई। तुम माटी के सच्चे सपूत हौसलों की मिसाल हो। वीरों में वीर शिरोमणि जय घोष ऊंचा भाल हो। सरहद के तुम रण बांकुरे भारत मां के लाल हो। सीमा के सजग प्रहरी…

  • अभिव्यक्ति पथ | Abhivyakti Path

    अभिव्यक्ति पथ ( Abhivyakti path )    अभिव्यक्ति पथ मनोज्ञ, प्रियम्वदा शब्द श्रृंगार से हिय चिंतन नैतिक सहज भाव सकारात्मकता ओतप्रोत । यथार्थ अवबोधन संबोधन , पटाक्षेप झूठ पाखंड श्रोत । कारण प्रभाव परिणाम अहम, संप्रेषण उपमा अमिय सार से । अभिव्यक्ति पथ मनोज्ञ, प्रियम्वदा शब्द श्रृंगार से ।। वय लिंग समूह शिक्षा ज्ञान, परम…

  • ढेरा | Dhera

    ढेरा ( Dhera )    सवालों का ढेरा है बस दुआओं का सहारा है।। मंजिल की राहों में बसेरा है बस वक्त का चेहरा है।। सवालों ने घेरा है जिम्मेदारियों का पहरा है।। ख़्वाब में तो आसमान की उड़ान है खुदकी बनानी पहचान है।। सवाल है दिल में फैला, क्यू चल रहा तू दलदल में…

  • सब बदल रहा है | Sab Badal Raha hai

    सब बदल रहा है ( Sab badal raha hai ) राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस देख रहे है आज सभी यह आधुनिक कलाकृति, इसके साथ बिगड़ रही है प्रदूषण से यह प्रकृति। भूल रहे है रीति-रिवाज एवं अपनो की ये स्मृति, जिससे सभी में बढ़ रहीं है हिंसा की ‌यह प्रवृति।। धूल धूंआ एवं बढ़ रहा…

  • टूटे हुए सपने | Toote hue Sapne

    टूटे हुए सपने ( Toote hue sapne )   तोड़ता भी रहा जोड़ता भी रहा टूटे सपनों को मैं रात भर खुली आंख जब सहर हुई टुकड़े ही टुकड़े थे बचे सामने उम्र भीं काबिल न थी जोड़ पाने में बहत्तर छेदों की गुदड़ी थी मिली सिल सिल कर भी सिलते रहे जर्जर दीवारें भी…

  • मुहब्बत से भर गई | Muhabbat Shayari in Hindi

    मुहब्बत से भर गई ( Muhabbat se bhar gayi )    रंगीनिये -हयात के मंज़र से भर गई बस इक नज़र मिली थी कि दिल में उतर गई प्यासों की प्यास और बढ़ा कर गुज़र गई लेकर सरापा-हुस्न के साग़र जिधर गई उसकी निगाहे-नाज़ बड़ा काम कर गई खाली था दिल का जाम मुहब्बत से…

  • कुंभलगढ़ दुर्ग | Kumbhalgarh Durg

    कुंभलगढ़ दुर्ग ( Kumbhalgarh durg )   शूरवीरों की तीर्थस्थली है, हिंद की महान दीवार शत शत वंदन अभिनंदन , मेवाड़ पुनीत पावन धरा । प्रताप शौर्य सदा परम, साक्षात गवाह हर कतरा । दर्शन मेवाड़ी आंख उपमा, कुंभलगढ़ महिमा सदैव अपार । शूरवीरों की तीर्थस्थली है, हिंद की महान दीवार ।। तेरह मई चौदह…

  • Poem in Hindi on Lekhni | लेखनी

    लेखनी ( Lekhni )    जाती ही नही लेखनी कल्पना के लोक मे कैसे करूं श्रृंगार,समय के इस वियोग मे खमोशभाईं बच्चे,बेटियां भी हैं सहमी हुई अधरों पर आए हंसी कैसे,अपनों के शोक मे सुना था की ,देश को मिल गई है आजादी पर,हुए हैं आज़ाद कौन इस मुल्क में सिसक रही झोपड़ी,आज भी महलों…

  • बेहाल हर घड़ी | Behal har Ghadi

    बेहाल हर घड़ी ( Behal har ghadi )   बेहाल हर घड़ी बड़ी बेचैन जान है ये इश्क जानिए कि कड़ा इम्तिहान है। हैं मस अले तमाम ख़फा तिस पे वो हुए सर पर उठा के रखा हुआ आसमान है। सब मानते वो शख़्स नहीं ठीक है मगर हर दिल अज़ीज़ यूं है के मीठी…

  • भाई में फौजी बणग्यो

    भाई में फौजी बणग्यो   छोड़ गाॅंवा की खेती-बाड़ी भाई में फ़ौजी बणग्यो, मूॅंछ मरोड़ कर निकलूं हूॅं भाई में नौकरी लागग्यो। गैंती फावड़ों और खुवाडयो‌ं चलाबो अब भूलग्यो, सीमा पर करुं रखवाली बन्दूक चलाबो सीखग्यो।। कलतक कोई न पूछतो अब रुतबो म्हारो बढ़ग्यो, आबा लागी घणी-सगाईया आज में भी परणग्यो। जनटर मनटर बणर आउॅंला…