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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • अहसास कवि का | Ahsaas Kavi ka
    कविताएँ

    अहसास कवि का | Ahsaas Kavi ka

    ByAdmin October 29, 2023

    अहसास कवि का ( Ahsaas kavi ka )    जब खिले फूल खुशबू को महकाते है हाल भंवरो का जो मंडराते है हर चमन मे उढे जब ये सैलाब सा अपने भावों को हम भी लिख जाते है वार अक्सर जो दिल पर कर जाते है भान उनको भी कुछ हम करवाते है जो करती…

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  • Meri Prarthana
    कविताएँ

    मेरी प्रार्थना | Meri Prarthana

    ByAdmin October 29, 2023October 29, 2023

    प्रार्थना ( Prarthana )    पर्वत  घाटी  ऋतु  वसंत  में नभ थल जल में दिग्दिगंत में भक्ति  भाव  और अंतर्मन में सदा  निरंतर  आदि  अंत  में             युगों युगों तक तुम्हीं अजेय हो,           कण-कण में ही  तुम्हीं बसे हो।   सृष्टि  दृष्टि  हर  दिव्य  गुणों में स्वर  अक्षर  हर  शब्द धुनों में हम …

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  • Tum Mile
    कविताएँ

    तुम मिले | Tum Mile

    ByAdmin October 29, 2023

    तुम मिले… सब कुछ मिल गया ( Tum mile sab kuch mil gaya )    तुम मिले बहारें आई समझो सब मिल गया। चेहरों पे रौनक छाई खुशियों से खिल गया। दिल को करार आया लबों पे प्यार आया। मौसम दीवाना हुआ मन ये मेरा हरसाया। प्रेम के तराने उमड़े हृदय प्रीत की घटाएं छाई।…

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  • Poem in Hindi on Sharad Purnima
    कविताएँ

    पुनीत पर्व शरद पूर्णिमा | Poem in Hindi on Sharad Purnima

    ByAdmin October 28, 2023

    पुनीत पर्व शरद पूर्णिमा ( Puneet parva sharad purnima )    ज्योत्स्ना मचल रही,अमिय वृष्टि करने को षोडश कला सोम छवि, अनूप कांतिमय श्रृंगार । स्नेहिल मोहक सौंदर्य, अंतर सुरभिमय आगार । धरा रज रज भावविभोर, तृषा तृप्ति कलश भरने को । ज्योत्स्ना मचल रही, अमिय वृष्टि करने को ।। पटाक्षेप काम क्रोध द्वेष, शीतलता…

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  • Vo Chahe
    ग़ज़ल

    वो चाहें हो कुछ हंगामा | Vo Chahe

    ByAdmin October 28, 2023

    वो चाहें हो कुछ हंगामा ( Vo chahe ho kuch hungama )   वो चाहें हो कुछ हंगामा, बन जाए कोइ फसाद नया ! इस पावन भू में फैल सके, कोई हिंसक उन्माद नया !! मतलब की बातों के बदले, मुद्दे बेमतलब उठा रहे अपनी ही बनाई बातों पर,करने लगते प्रतिवाद नया !! कहते खुद…

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  • Amrit Varsha
    कविताएँ

    अमृतवर्षा की प्राचीन प्रथा | Amrit Varsha

    ByAdmin October 28, 2023October 28, 2023

    अमृतवर्षा की प्राचीन प्रथा ( Amrit varsha ki prachin pratha )    पुरानें समय से ही चली आ रही है ये प्रथा, शरद पूर्णिमा सब जगह पर मनाया जाता। चैतना और नवीनता को आयाम यही देता, मुख्य त्यौंहारों की तरह इसे मनाया जाता।। इस दिन चंद्रमा भी अपना सौंदर्य दिखाता, अपना प्रकाश फैलाकर अमृतवर्षा करता।…

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  • Jalao na Duniya Ko
    कविताएँ

    जलाओ न दुनिया को | Jalao na Duniya Ko

    ByAdmin October 28, 2023October 29, 2023

    जलाओ न दुनिया को ! ( Jalao na duniya ko )   मोहब्बत की दुनिया बसा करके देखो, हाथ से हाथ तू मिला करके देखो। सूखे पत्ते के जैसे न जलाओ जहां को, नफ़रत का परदा हटा करके देखो। गिराओ न मिसाइलें इस कदर गगन से, उजड़ते जहां को बसा करके देखो। अमन -शान्ति से…

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  • Chand ki aadhi raat
    कविताएँ

    चाँद की आधी रात | Chand ki Aadhi Raat

    ByAdmin October 28, 2023

    चाँद की आधी रात ( Chand ki aadhi raat )    शरद की पूर्णिमा की रात में, पूरे चाँद की आधी रात में, एक मीठी-सी कविता, अपने पूरे मन से बने, हमारे किसी अधूरे रिश्तों के नाम, लिख रहीं हूँ। चंद्रमा की चमकीली रात, इस सर्दीली रात में, तुम मेरे साथ नही हो, लेकिन– रेशमी…

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  • Nishpaksh Matdan
    कविताएँ

    निष्पक्ष मतदान | Nishpaksh Matdan

    ByAdmin October 28, 2023October 28, 2023

    निष्पक्ष मतदान ( Nishpaksh matdan )   निर्भीक निष्पक्ष मतदान, सजग नागरिक पहचान अष्टादश वय पार हर नागरिक, अधिकृत अप्रतिम मत प्रयोग । निर्वहन अहम अनूप भूमिका, निर्मित लोकतंत्र सुखद जोग । राष्ट्र धर्म प्रतिज्ञा अनुपालन, उरस्थ चित्र समृद्ध हिंदुस्तान । निर्भीक निष्पक्ष मतदान, सजग नागरिक पहचान ।। देश सेवा तत्पर कर्तव्य निष्ठ , सुयोग्य…

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  • Sharad Purnima ka Chand
    कविताएँ

    शरद पूर्णिमा का चांद | Sharad Purnima ka Chand

    ByAdmin October 28, 2023November 1, 2023

    शरद पूर्णिमा का चांद ( Sharad purnima ka chand )   चारू चंद्र का मनोरम स्वरूप कितना सुंदर कितना प्यारा, इसकी सुंदरता देख रहा है एकटक होकर ये जग सारा। शरद पूर्णिमा का चांद अपनी सोलह कला दिखलाता, मानो अंतरिक्ष के मंच पर सुंदर नृत्य सबको दिखलाता। समूचे ब्रम्हांड में चारों ओर ये चमक चांदनी…

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