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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Pawan Pyar Sathiya
    कविताएँ

    पावन प्यार साथिया | Pawan Pyar Sathiya

    ByAdmin October 28, 2023October 28, 2023

    पावन प्यार साथिया ( Pawan pyar sathiya )    अधरों से ही बहती है मधुर रसधार साथिया। लबों से ही झलकता है पावन प्यार साथिया। मुस्कुराता चेहरा तेरा लगता है खास साथिया। तेरे गमों का हो जाता हमको एहसास साथिया। जुड़े हैं दिलों के तार दिल से हर बार साथिया। तुमसे ही मिलकर बने सुंदर…

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  • Samay ki Jarurat
    कविताएँ

    समय की जरूरत | Samay ki Jarurat

    ByAdmin October 28, 2023

    समय की जरूरत ( Samay ki jarurat )   जुड़ते हुए आपसी संबंधों मे कभी कभी पारंपरिक बदलाव भी जरूरी है…. समय की बदलती धारा मे चुनाव अच्छाइयों पर होना चाहिए न कि रूढ़िवादी सिद्धांतों पर….. आज की स्वच्छंद जीवन शैली मे उभरती इस नव सोच के साथ तारतम्य बनाए रखना ही शेष के लिए…

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  • Awadh Pahunche Ram
    कविताएँ

    अवध पहुंचे राम रघुराई | Awadh Pahunche Ram

    ByAdmin October 28, 2023

    अवध पहुंचे राम रघुराई ( Awadh Pahunche Ram Raghurai )    शुभ बेला आज फिर आई, अवध पहुंचे राम रघुराई। लंका पर विजय जब पाई, घर घर बंट रही मिठाई। दंभ मिटा दशानन सारा, बाण मार पापी को तारा। लंका राज विभीषण दीना, रामनाम महिमा अपारा। रामेश्वर की करी स्थापना, रामसेतु नल नील बनाया। सुग्रीव…

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  • Sanskrti Neh ka
    कविताएँ

    संस्कृति नेह का | Sanskrti Neh ka

    ByAdmin October 27, 2023October 27, 2023

    संस्कृति नेह का ( Sanskrti neh ka )   हिंद संस्कृति नेह का,मृदुल मधुर अहसास निज संस्कृति अनन्या धरोहर, नैतिक कर्तव्य वंदन संभाल । अंतर अथाह प्रेम भाईचारा, आभा अनूप नागरिक भाल । गंगा सदृश पुनीत पावन, दर्शन धर्म कर्म उल्लास । हिंद संस्कृति नेह का,मृदुल मधुर अहसास ।। शीर्षस्थ स्वर्णिम इतिहास , भव्य गौरव…

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  • Ram Rajtilak
    कविताएँ

    राम राजतिलक | Ram Rajtilak

    ByAdmin October 27, 2023October 27, 2023

    राम राजतिलक ( Ram Rajtilak )    राजतिलक की हुई तैयारी, देव ऋषि सज धज आए। अब होंगे राजा राम हमारे, सजी अयोध्या मन हर्षाये। तोरण द्वार सब नगर सज रहे, हाथी घोड़े सजे सारे। अवधपुरी में धूम मची, अब राजा होंगे राघव प्यारे। विनय भाव को धारणकर, मर्यादा पालक है श्रीराम। तीनो लोक पे…

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  • Madhushala
    कविताएँ

    मधुशाला | Madhushala

    ByAdmin October 27, 2023

    मधुशाला ! ( Madhushala )   छूत – अछूत में भेद करो नहीं, जाकर देखो कहीं मधुशाला। मन मैल करोगे मिलेगी न मुक्ति, संभालो जो ब्रह्मा दिए तुम्हें प्याला। झुक जाता है सूरज चंदा के आगे, पीता है निशदिन भर -भर प्याला। तेरे होंगे जब कर्म मधु-रितु जैसे, तब छलकेगी अधरों से अंतर हाला। जाति-कुजाति…

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  • महर्षि वाल्मीकि की जयंती की पर्व संध्या पर आयोजित किया गया कार्यक्रम
    साहित्यिक गतिविधि

    महर्षि वाल्मीकि की जयंती की पर्व संध्या पर आयोजित किया गया कार्यक्रम

    ByAdmin October 27, 2023

    आज दिनांक 27-10-2023को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र में भाषा एवं कला संकाय के अधीन चल रहे उर्दू भाषा विभाग, अनुवाद विभाग, संचार कौशल विभाग व हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महर्षि वाल्मीकि की जयंती की पर्व संध्या पर आयोजित किया गया कार्यक्रम का मंचसंचालन कुमारी ऋचा व पंजाबी विभाग से पायल ने किया। डॉ पुष्पा…

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  • Man me Bhed
    कविताएँ

    मन मे भेद | Man per Kavita

    ByAdmin October 27, 2023November 14, 2023

    मन मे भेद ( Man me bhed )   वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है हर किसी का व्यक्तिगत संसार है किंतु ,आपसी मन मुटाव कर देता है बाधित कई सफलताओं को…. मन मुटाव भी स्वाभाविक है हक है सभी को अपनी तरह से जीना किंतु ,बात जब परिवार या समाज की हो तब ,आपका मूल्य…

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  • मीरा की कृष्ण भक्ति | Meera ki Krishan Bhakti
    कविताएँ

    मीरा की कृष्ण भक्ति | Meera ki Krishan Bhakti

    ByAdmin October 27, 2023

    मीरा की कृष्ण भक्ति ( Meera ki krishan bhakti )   मीरा की कृष्ण भक्ति,माधुर्य का सरित प्रवाह राठौड़ वंश अति शोभित, मीरा अप्रतिम अवतरण । प्रस्फुटित उपासना भाव, पुनीत पावन अंतःकरण । विष पात्र सहर्ष स्वीकार, भान कर अमृत अथाह । मीरा की कृष्ण भक्ति,माधुर्य का सरित प्रवाह ।। राणा रतन सिंह दिव्य सुता…

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  • Sabka Chhattisgarh
    कविताएँ

    सबका छत्तीसगढ़ | Sabka Chhattisgarh

    ByAdmin October 26, 2023

    सबका छत्तीसगढ़ ( Sabka Chhattisgarh )   रीति रिवाज में मनाते हैं ताता पानी उत्सव, बलरामपुर शहर का सबसे है बड़ा उत्सव ‌। रुकना सुपा झेंझरी और नागर बैला है सजावट, ढेढरी खुरमी अरसा बड़ा फरा पकवान लजावट। गौरा गौरी पूजन भी है प्रदेश की रीति रिवाज, बांसुरी अलगोजा मंजीरा सारंगी प्रमुख साज़। आदिवासी लोक-संस्कृति…

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