• स्वाभिमानी लड़का | लघु कथा

    अरूण स्वाभिमानी लड़का था। वह कक्षा‌ में सदैव प्रथम आता था। सब पूछते ” अरूण तुम घर में कितने घंटेपढ़ते हो आखिर रोज ?वह बोलता ” मुझे घर पर समय ही कहां मिलता है।दो गायें और एक भैंस है। उनको सानी पानी देना और फिर घूम घूम कर दूध बेचना आदि में व्यस्त हो जाता…

  • भविष्य से एक पत्र

    बसंती दीपशिखा जब अपनी लेखनी में खोई हुई थीं, तभी दरवाज़े पर एक हल्की सी दस्तक हुई। उन्होंने दरवाजा खोला तो सामने कोई नहीं था। लेकिन नीचे ज़मीन पर एक सुनहरे रंग का लिफाफा रखा था, जिस पर लिखा था—“भविष्य से एक पत्र” उन्होंने कौतूहल से लिफाफा खोला और पत्र पढ़ने लगीं— प्रिय बसंती “दीपशिखा”,…

  • शिव पथ

    शिव पथ शिव पथ अतृप्ति का ऐसासुखद मार्ग है जिसमेंअभोग ,त्याग , आस्थाआदि सहायक होते है ।रोटी खाई, भूख बुझी नहीं ।पानी पिया, प्यास बुझी नहीं ।धन का अर्जन किया ,लालसा बुझी नहीं आदिक्योंकि इस क्षणिक तृप्तिके पीछे अतृप्ति काविशाल सुखद साम्राज्य हैजिससे प्यास बुझे कैसे?यह एक अबूझ पहेली है ।पदार्थ का भोग तृप्तिका आभास…

  • दिकु, अब लौट भी आओ

    दिकु, अब लौट भी आओ तू दूर गई तो साँसें भी रूठ गई हैं,आँखों की दुनिया वीरान होकर छूट गई हैं।तेरे बिना ये दिल बेज़ार सा है,हर लम्हा मेरा जैसे अंधकार सा है। हवा से कहूँ या बादलों से बोलूँ,तेरी यादों का किस्सा, मैं किस किस से तोलूँ?राहों में बैठा तेरा इंतज़ार करता हूँ,तू लौट…

  • समझदारी

    रात होने को थी। करीब 8:00 के आस पास का वक्त था। रजनीश अपने कमरे में बैठकर सुबह का अखबार पढ़ रहा था। (रजनीश को सुबह ऑफिस के लिए जल्दी निकलना होता था, तो अखबार पढ़ने का वक्त ही नहीं मिल पाता था) अचानक रजनीश को अपनी पत्नी ममता और माता शकुंतला (70 वर्षीय) की…

  • समाज संगठन

    समाज संगठन समाज संगठन का महत्व बहुत अधिक है,यह हमारे समाज को मजबूत बनाता है।यह हमें एकजुट करता है,और हमारे समाज को आगे बढ़ाता है।यह हमारे समाज को संगठित करता है। समाज संगठन के बिना हमारा समाज कमजोर होगा,यह हमारे समाज को विभाजित करेगा।यह हमारे समाज को पीछे ले जाएगा,और हमारे समाज को कमजोर बनाएगा।यह…

  • महाशिवरात्रि की प्रार्थना

    महाशिवरात्रि की प्रार्थना हे महादेव, त्रिलोक के नाथ,आप हरते हैं हर भक्त का त्रास।सुनो मेरी भी करुण पुकार,लौटा दो दिकु को इस बार। जैसे मां पार्वती ने की तपस्या महान,सह लिया हर कठिन तूफ़ान।वैसे ही मेरा प्रेम है अडिग खड़ा,अब भी उसकी राह में है दीप जला। हे भोलेनाथ, कृपा बरसाओ,इस प्रेम की डोरी को…

  • जीवन का अनसुना अध्याय: ‘एक स्त्री का अंतहीन प्रेम और संघर्ष’

    कुछ यादें होती हैं, जो जीवन की किताब में अमिट स्याही से लिखी जाती हैं। वे मिटती नहीं, समय के थपेड़ों से धुंधली भी नहीं होतीं, बल्कि हर बीतते दिन के साथ और गहरी होती जाती हैं। यह कहानी नहीं, यह एक स्त्री के अंतर्मन का वह अध्याय है, जिसमें प्रेम, पीड़ा, संघर्ष और जिजीविषा…

  • शीश शिव गंगा धरे

    शीश शिव गंगा धरे ( छन्द : मनहरण घनाक्षरी ) शीश शिव गंगा धरे ,सब ताप कष्ट हरे,जप नाम शिव प्यारे ,तब होगे काम रे!!!शिव पूजा सब करे ,आज होगे काज पूरे,गुंज रहा सारी सृष्टी,सदाशिव नाम रे !!!शिव प्रिय बिल्व फल ,भक्त लिये गंगाजल,प्रभुल्लित सब चले ,शिवाप्रिया धाम रे !!!शिव पर्व जब आया ,साथ सब…

  • शिव महिमा -शिवगौरा

    शिव महिमा -शिवगौरा ( राधेश्मामी छंद ) शिव गौरा मुख बैठे नंदी, ये सावन लगा सुहाना है।अविनाशी की महिमा प्यारी,अब हर-हर भोले गाना है।झंकृत डमरू नाद सुरीला, वो बम बम भोला लहरी है।रम कर बैठे भोले बाबा,मन बसा प्रेम की नगरी है। गंगा धारण करने वाले,वो बम भोले भंडारी है।जो भी इनको मन से ध्याया,तो…