• आशी प्रतिभा दुबे की कविताएं | Aashi Pratibha Dube Poetry

    मंज़िल है तो मुश्किल भी होगी मंज़िल है तो मुश्किल भी होगी !रास्ते है तो रूकावटे भी होंगी ,अब फर्क नहीं पड़ता कुछ भीहार है तो फिर जीत भी होगीजनाब जिंदगी इसी का नाम हैकभी आंधी है जज्बाती यहां ,तो नम निगाहों से बरसात भी होगी ।आम है ये किस्से मेरे तुम्हारे बहुतआज बिछड़े है…

  • मानव अधिकार

    मानव अधिकार स्वतंत्रता,समता अनेकों अधिकार मिला,मानव को न मानव अधिकार मिला,घर में मतभेद बच्चों -बूढो मेंरिश्ते नातों से बस घाव मिला,कौन लड़ें ,किससे कहें दिल कि बातेंअपनो से न अब वो भाव मिला,किस अधिकारों के लिए लड़ेंजब कहने, सुनने तक का न अधिकार मिला,घर से हो रही राजनीति देश तक जा मिला,हर परिवार को निगलने…

  • माता की सेवा से बड़ा कुछ नहीं

    साथीयों मुझे बहुत ही गहरा एहसास हुआ एक इंसान की मातृ भक्ति को देखकर की कैसे वो अपनी बूढ़ी माँ की सेवा करता है। दोस्तों कुछ करो कितने भी दयालू बनो , दान धर्म करो , परन्तु यदि वो इंसान अपने माता पिता की सेवा या उनका आदर नहीं करता तो वो कभी भी सुखी…

  • तू मेरा आसमान

    तू मेरा आसमान मैं वो चाँद, जिसका तेरे बिन ना कोई आसमां,तेरी बाहों के बिना हर रात लगे बेजुबां।सितारे भी बुझने लगे मेरी तन्हाइयों से,तेरी हँसी के बिना अधूरी है ये दास्तां। बादल भी अब मुझसे सवाल करते हैं,क्यों गुमसुम से रहते है, किसे याद करते हैं?मैं कहूँ क्या उनसे, कौन समझेगा दर्द मेरा,तेरी बिना…

  • पूर्वाग्रह

    मैं सलमान, एक 25 वर्षीय बॉलर हूँ। मेरे परिवार में मेरे माता-पिता और एक छोटा भाई है। मेरे पिता एक व्यवसायी हैं और मेरी माता एक घरेलू महिला है। मैंने अपनी शिक्षा एक स्थानीय कॉलेज से पूरी की और उसके बाद मैंने क्रिकेट में अपना करियर बनाने का फैसला किया। मैंने अपने करियर की शुरुआत…

  • मुंबई एयरपोर्ट की कहानी

    मुंबई के टर्मिनल 2 के प्रस्थान क्षेत्र में एक कार आकर रुकी। तुरंत ही एक व्हीलचेयर लाई गई, और सेवानिवृत्त विंग कमांडर अशोक केतकर को सावधानीपूर्वक उसमें बैठाया गया। एक एयरलाइन परिचारक ने उन्हें प्रस्थान द्वार की ओर धकेलना शुरू किया, जिससे उनके अतीत की यादों का सैलाब उमड़ पड़ा। वायुसेना में सेवा के दौरान,…

  • तेरे बिना

    तेरे बिना तू चली गई, मुझे तन्हा छोड़कर,तेरी यादों में हर लम्हा जलता गया।दिल ने अब धड़कना भी छोड़ दिया,बस तेरे जाने के बाद सब ठहरता गया। दीवारों से बातें अब आदत बनी,तेरी परछाईं भी खामोश हुई।अंधेरों में तेरी आहटें खोजूं,पर हर राह अब सूनी हुई। कभी हमसफ़र थे, साथ चले थे,प्यार की राहों में…

  • अपनी कला के जरिये संस्कृति को बचाने की कोशिश में लगे मास्टर छोटूराम

    (गायन-लेखन और शिक्षण के सारथी) हरियाणा शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षक मास्टर छोटूराम आज किसी परिचय के मोहताज़ नहीं है। देश-विदेश में हज़ारों स्टेज कार्यक्रम दे चुके मास्टर छोटूराम देश के वीर-शहीदों शहीद भगतसिंह, सुभाष चद्र बोस, लाल बहादुर शास्त्री, शहीद उद्यम सिंह के साथ-साथ अन्य सपूतों की जीवनी को जब अपने गीतों और किस्सों…

  • जहर पीना सीखो

    एक शहर में एक रोहन नाम का नवयुवक रहता था, जो एक आईटी कंपनी में काम करता था। उसका जीवन बहुत ही व्यस्त था, लेकिन उसके सहकर्मी और पड़ोसी रोहित के साथ उसके संबंध अच्छे नहीं थे। रोहित हमेशा रोहन को परेशान करता था और उसके काम में बाधा डालता था। एक दिन रोहन के…

  • होली में हो गया खेला

    होली में हो गया खेला होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला, ज़ेलेंस्की देखत रहें हिरो बने के सपनारूस अमेरिका ने धड़के धकेला झरेलाहोली में हो गया खेला। होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला। ज़ेलेंस्की पकावत रहें मन में पुवामुंह झुलस के भईल गुलगुला झरेलाहोली में हो गया…