आशी प्रतिभा दुबे की कविताएं | Aashi Pratibha Dube Poetry
मंज़िल है तो मुश्किल भी होगी मंज़िल है तो मुश्किल भी होगी !रास्ते है तो रूकावटे भी होंगी ,अब फर्क नहीं पड़ता कुछ भीहार है तो फिर जीत भी होगीजनाब जिंदगी इसी का नाम हैकभी आंधी है जज्बाती यहां ,तो नम निगाहों से बरसात भी होगी ।आम है ये किस्से मेरे तुम्हारे बहुतआज बिछड़े है…
