• दहेज में मां | Dahej mein Maa

    दहेज में मां ( Dahej mein maa )    था एक लावारिस खा रहा था ठोकर दर बदर अनाथ था पता नही कौन थी मां कौन थे बाप एक दिन अचानक पढ़ाई के लिए प्रेरित किया एक दिन बन गया बड़ा अफसर लेकिन भूला नहीं अपने पिछले दिन आ रहे थे बार बार याद एक…

  • सहज नही होता | Sahaj nahi Hota

    सहज नही होता ( Sahaj nahi hota )    द्वेष हो वहां समझौता नहीं होता ईर्ष्या हो वहां कोई सामंजस्य नहीं छल हो वहां कभी अपनापन नही कपट हो वहां कभी कोई लगाव नहीं दिखावा तो है कागज के फूल जैसा वाणी मे खार गुलाब की डाली जैसे मुस्कान मे धार दुधारी तलवार जैसे नजर…

  • कृष्ण दीवानी | Krishna Diwani

    कृष्ण दीवानी ( Krishna diwani )    प्रेम गली में ढूंढ रही, कान्हा तोहे प्रेम दीवानी। प्रेम है मेरा मन मोहन, मोहे मोहे रुप मोहिनी। कटि कारी करधन डारी, चले चाल मतवाली। कटि कमरी पीली बांधो, करधन धूधरू डारौ। पांव पैजनी बाजे छम छम, नाचै और नचावै। कान्हा ढूढे तोहे , तोरी सखी प्रेम दीवानी…

  • ओ भारति माॅं ओ प्यारी माॅं | O Bharti Maa

    ओ भारति माॅं! ओ प्यारी माॅं! ( O Bharti maa o pyari maa )   ओ भारति माॅं ! ओ प्यारी माॅं !! हम तुझ पर हैं बलिहारी माॅं ! हम कोटि कोटि सुत हैं तेरे ! है तू ही मातु हमारी माॅं !! हम तेरा अर्चन करते हैं , हे करुणामयि उपकारी माॅं !!…

  • शिक्षा का व्यापार | Shiksha ka Vyapar

    रजनी एक विद्यालय में शिक्षिका है। एक दिन विद्यालय के प्रबंधक ने उसे बुलाकर कहा,-” यह तूने क्या किया? इस बच्चे को इतने कम नंबर कैसे दिया? तुम्हारे कुछ अकल है कि नहीं? यदि ऐसे ही करती रही तो एक दिन विद्यालय बंद हो जाएगा।” रजनी बहुत डर गई थी उसने डरते हुए पूछा,-” क्या…

  • खता | Khata

    खता ( Khata )    वफादारी भी जरूरी है हर किसी के साथ किंतु,हो उसी के साथ ,जो करे कद्र उसकी देख लिया है ,करके भी उनकी इज्जत हमने सिवा बदनामी के ,कुछ न मिला उनसे हमे रिश्ता है उनका ,सिर्फ उनके मतलब भर से उनकी फितरत ही नही, सगा होने की कभी न समझे…

  • गुलज़ार हो तुम | Gulzar ho tum

    गुलज़ार हो तुम ( Gulzar ho tum )   हजारों ख्वाहिशें दबी दिल में, कहीं ये दम यूं ही न निकल जाए, इंतज़ार ए उम्मीद में कहीं, आरजूओं का मौसम न बदल जाए।   रगों में खौलता ये लहू कहीं, बेसबर आंखों से न बह जाए , संभाल आंगन ये तेरे सपनों का, कहीं सपनों…

  • तेरी गुस्ताख़ बातें | Teri Gustakh Baatein

    तेरी गुस्ताख़ बातें ( Teri gustakh baatein )   तेरी गुस्ताख़ बातों से दिवाना टूट जाता है हुई थी जो ख़ता तुम से भरोसा टूट जाता है   रहें हो ना मगर अब तुम सुनाऊँ दास्ताँ किसको मोहब्बत के लिखे  नग्में फ़साना टूट जाता है   गुजारे थे शहर में वो कभी बीतें हुए पल…

  • तेरे इश्क में | Tere Ishq Mein

    राहुल एक बहुत होनहार लड़का था। बचपन से ही उसने घर की परेशानियों को देखते हुए शिक्षण कार्य करने लगा था। वह वह बच्चों को बहुत ही मेहनत से पढ़ता था और सारे बच्चे भी उस पर बहुत खुश थे। जिंदगी में हजार गम होते हुए भी हर समय वह मुस्कुराता रहता था। अभी उसकी…

  • ध्यान रहे | Dhyan Rahe

    ध्यान रहे ( Dhyan rahe )    गद्दार कभी वफादार नही हो सकता गद्दारी सिर्फ ,किसी के खून मे ही नही बल्कि वंशानुगत भी पीढ़ी दर पीढ़ी  चलती ही रहती है…. कहना मुनासिब तो नही किंतु, अपराधिक मानसिकता से उत्पन्न शिशु भी उसी का वंशधर होता है…. हर,हिरणाकश्यप के यहां प्रह्लाद का जन्म नही होता…..