• हमारी भारत माता | Hamari Bharat Mata

    हमारी भारत माता ( Hamari bharat mata )   हे भारत माता कैसे करें तुम्हारा यश गान, विश्व धरा पर चहुं ओर है तुम्हारी कीर्ति और सम्मान। गंगा मईया से सिंचित भूमि पर जब फसलें लहराती हैं, देखकर इनको कृषकों के चेहरे पर खुशियां छा जाती हैं। संस्कारों और संसाधनों से परिपूर्ण है मेरा भारत…

  • सारथी | Sarathi

    सारथी ( Sarathi )    यूं ही गुजरते रहेंगे दिन महीने साल लेते रहिए वक्त का भी हाल चाल लौट कर न आएं कहीं फिर दिन वही कहना न फिर किसीने कहा नही आंख मूंद लेने से कुछ बदलता नही कौन कहता है वक्त फिसलता नही कैसे कहूं मैं तुम्हे आज शब्दों मे खुले करो…

  • मां | Maa par Laghukatha

    एक विद्यालय में महिला अभिभावक अपने बच्चों के एडमिशन के लिए आई वह प्रधानाचार्य जी से कहे जा रहे थी -“देखिए यह सामने दरवाजा लगा दीजिएगा । वह बाहर साइड में बच्चा ना जाने पाए । मैडम जी! यह बच्चा हमें बहुत समय बाद पैदा हुआ है । इसे मैं गली में भी नहीं खेलने…

  • माँ क़रीब है यहाँ | Maa Kareeb hai Yahan

    माँ क़रीब है यहाँ ( Maa kareeb hai yahan )    न कोई मेरे माँ क़रीब है यहाँ सभी इस नगर में रकीब है यहाँ किसी पर यहाँ तो यकीन हो न हो न माँ से ही अच्छा हबीब है यहाँ सभी माँ अधूरे वफ़ा मुहब्बत से ऐसा कौन जो खुशनसीब है यहाँ ख़ुदा से…

  • माँ के साथ | Maa ke Sath

    माँ के साथ ( Maa ke sath )    देख लो ढूंढ लो कोई दिख जाए तो दिखा देना, इक माँ जैसा कोई दूजा मिल जाए तो बता देना! नहीं चाह रखती है कभी माँ हमारे पैसों की, हो सके तो थोड़ा समय माँ के साथ बिता देना। मैं जानता हूँ भाई बहुत ही बिजी…

  • इश्क़-ए-दरख़्त | Ishq-e-darakht

    इश्क़-ए-दरख़्त ( Ishq-e-darakht )    खिड़कियों से आती हवा के झोंके सी सुहानी, मन के भीतर धुंधलाती यादों सी रूमानी, मैं कौन, अधुरी सी एक प्रेम कहानी आँसुओं से भीगी; कुछ जिस्मानी कुछ रूहानी..   मरूधरा पर उठते थमते कुंठा और संशय के बवंडर कुछ जद्दोजहद करते, दम तोड़ते भावों के भवँर मैं कौन, रात्रि…

  • तेरही | Terahee

    “बहुत मजा आया। कितनी अच्छी पूड़ी कचौड़ी सब्जी बने थे ऊपर से रसगुल्ले भी मिले।’ तेरही खाकर लौट रहे सुदेश ने अपने मित्र से कहा। ” मजा तो आया भाई लेकिन यार देखो ना बीमारी के कारण शरीर सूखकर कांटा हो गया ।सारा पैसा दवाई में खर्च कर दिया । खेत भी गिरवी रख दिया…

  • बड़ी महंगाई बा | कजरी

    बड़ी महंगाई बा (कजरी)   जान मारत बा ढेर महंगाई पिया बचे ना कमाई पिया ना …… बड़ी मुश्किल बा जिंदगी बिताई पिया बड़ी महंगाई पिया ना…. जितना सैया हो कमाए उतना खर्चा होई जाए बचे नाही रुपया अढ़ाई पिया बड़ी महंगाई पिया ना….1 महंगा होईगा धनिया मर्चा बढ़िगा तेल जीरा खर्चा जान मारे सब्जी…

  • झूठी शान | Jhoothi Shaan

    झूठी शान ( Jhoothi shaan )    पिज्जा ,बर्गर खाय के, कैंसर रहे बुलाय दाल रोटी शुद्ध सब , वोका देत भुलाय मैगी,नूडल्स,फास्ट फूड,करें गरल सो काम झूठी शान देखाय के, कमाय रहयो है नाम दूध,छाछ,गन्ना नही,कोल्ड ड्रिंक्स पीवन लगे सौ के साठ,अब पचपन माहि जावन लगे दूर किए जड़ी बूटी,खाय गोली कैप्सूल जड़ जमाए…

  • स्वर्ग नरक | Swarg Narak

    कहा जाता है कि जीवित जा नहीं सकता है और मरा हुआ व्यक्ति बता नहीं सकता तो आखिर स्वर्ग नरक को किसने देखा है। लेकिन देखा जाए तो इसी स्वर्ग नरक पुण्य पाप मुक्ति ईश्वर आदि के माध्यम से धर्म गुरुओं में हजारों वर्षों से समाज को गुमराह किये हुए है। देखा गया है कि…