• बड़ी बेटी | Badi Beti

    बड़ी बेटी ( Badi beti )    घर की बड़ी बेटी अक्सर वक्त से पहले ही बड़ी हो जाती है। पापा के सर का ताज बनने के लिए अपने पैरो पर खड़ी हो जाती है। मां की सखी, पापा का मान, इन दोनो का ये बनती अभिमान। मार खाने की बारी भी सबसे पहले इसकी…

  • अद्भुत है रुद्राक्ष | Rudraksh

    अद्भुत है रुद्राक्ष ( Adbhut hai rudraksh ) भगवान शंकर के अश्रुओं से हुई जिसकी उत्पति, असरदार और अद्भुत लाभ अचूक जिनमें शक्ति। हिंदूधर्म में पूज्य और पवित्र जिसको माना जाता, कलाई कंठ हृदय पर धारण करके करते भक्ति।। पौराणिक मान्यता से जिसे रूद्र-अक्ष कहा जाता, जो एक मुखी से चौदह मुखी का रुद्राक्ष है…

  • दिमागी खेल | Dimagi Khel

    दिमागी खेल ( Dimagi khel )    हम चाहते हैं पाना सब बस मेहनत नही चाहते चाहते हैं ऊंचाई नभ की बस ,चढ़ाई नही चाहते… मंजिल दूर हो भले कितनी तलाशते हैं शॉर्टकट रास्ते झुंके क्यों किसी के सामने रखें क्यों किसी से वास्ते… कोई कमी ही क्या है हममें कुछ खास भी क्या उसमे…

  • अब की बरसात | Ab ki Barsaat

    अब की …. बरसात ( Ab ki …. Barsaat )   सुना शहर तेरे में जम के कुछ  यूं बरसात हुई मेरे आने से तेरे दिल की ज़मीं क्यों सहरा ना हुई   जलन कुछ इस तरह की ले आया  था सीने में मैं पत्थर मोम से पिघले मगर क्यों चश्म ए नम ना हुई…

  • कामयाबी के सफ़र में | Kamyabi ke Safar me

    कामयाबी के सफ़र में ( Kamyabi ke safar me )    कामयाबी के सफ़र में धूप बड़ी काम आई, छाँव मिल गई होती तो कब के सो गए होते! अपनों से ठुकराना भी यथार्थ साबित हुआ, नहीं तो अपनी कला से हम वंचित रह जाते! चले जाएंगे हमें यूं तन्हा छोड़ कर एक दिन, पता…

  • शिव आरती | Shiva Aarti

    शिव आरती ( Shiva Aarti )    ओम जय डमरूधारी, तेरी महिमा अतिभारी। मात -पिता तू मेरे, मात-पिता तू मेरे, आया तेरे द्वारी। ॐ जय डमरूधारी… (2) श्वेताम्बर, पीताम्बर सोहे अंग तेरे, शिव सोहे अंग तेरे। भांग, धतूर ही लाया, भांग, धतूर ही लाया और न कुछ मेरे। ओम जय डमरूधारी…. ओम जय डमरूधारी, तेरी…

  • खूब रोता मन | Sad Love Poetry in Hindi

    खूब रोता मन ( Khoob rota man )   कभी जब याद तुम आते, दृगों को घेर लेते घन । अकेले में छुपाकर तन, सिसकता खूब रोता मन ।। न कुछ अच्छा लगे जी में, उदासी का रहे पहरा । तुम्हारी पीर अंतर् में, चलाए तीर अब गहरा ।। गए जब छोड़ प्रिय तब से,…

  • जवाबदारी | Javabdari

    जवाबदारी ( Javabdari )    बूंद, बूंद से बन जाती है नदी और सागर से महासागर तक भी हस्ती कोई भी हो ,छोटी नही होती बूंद मे समाया रहता है महासागर भी… एक ध्रुव तारा ही बदल देता है पंचांग को एक इंद्र धनुष ही करा देता है पहचान रंगों का एक ,कभी भी एक…

  • मेरे पास तुम हो | Ghazal on Ishq

    मेरे पास तुम हो ( Mere paas tum ho )   सुब्ह हो या शाम,मेरे पास तुम हो दिल को है आराम,मेरे पास तुम हो देखता रहता हूँ मैं सूरत तुम्हारी और क्या है काम,मेरे पास तुम हो हमसफ़र तुम हो तो अब इस ज़िंदगी का कुछ भी हो अंज़ाम,मेरे पास तुम हो एक दूजे…

  • के बी राइटर्स साहित्यिक मंच | KB Writers

    के बी राइटर्स साहित्यिक मंच ( K B Writers saahityik manch )    वार्षिकोत्सव की पावन बेला पर देते आपको बधाई, साहित्यिक गतिविधियों में अद्वितीय सेवाऍं निभाई। छोटे-बड़े और नऐ कलमकारों का इसने दिल जीता, केबी राइटर्स साहित्य मंच की इस-दिन नींव लगाई।। सफ़र संघर्ष का शुरु किया था आपने ०३ वर्ष पहले, धीरे-धीरे कलमकार…